45 हजार करोड़ रुपये से Expressway का होगा विस्तार, 350 किलोमीटर रूट के लिए शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
HR Breaking News (Expressway expansion) जहां एक ओर देश के कई इलाकों में एक्सप्रेसवे का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर एक्सप्रेसवे का विस्तारीकरण (Expansion of expressway) किया जाने का प्लान तैयार किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के विस्तारीकरण के लिए 45 हजार करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है और इसके लिए अब भूमि अधिग्रहण का काम किया जाएगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि किस एक्सप्रेसवे का विस्तार किया जाने का प्लान है।
किस एक्सप्रेसवे का होगा विस्तार
सबसे पहले तो आपको यह बता दें कि यूपी के मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण (construction of Ganga Expressway) का काम तकरीबन पूरा होने को है। गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा बनाया जाएगा और अब सोनभद्र से हरिद्वार तक इस एक्सप्रेसवे का विस्तार किया जाएगा। ऐसे में इस एक्सप्रेसवे का तकरीबन 494 किलोमीटर तक का दायरा ओर बढ़ जाएगा।
एक्सप्रेसवे का दायरा बढ़ने से आएगी इतनी लागत
लागत की बात करें तो इस एक्सप्रेसवे का दायरा (Expressway scope) बढ़ने से 40 से 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आ सकती है। बता दें कि प्रयागराज से सोनभद्र में शक्तिनगर तक 350 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेस वे को बनाया जाएगा।
यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज से सोनभद्र में शक्तिनगर तक एक्सप्रेस (Expressway from Prayagraj to Shaktinagar ) वे के विस्तारीकरण के लिए एलाईमेंट के लिए तीन ऑप्शन को तैयार किया जाएगा और उन्हीं में से किसी एक जगह के निर्धारण के जमीन अधिग्रहण के प्रोसेस को अपनाया जाएगा और इस प्रोजेक्ट के लिए एलाइंमेंट तैयार करने में तकरीबन 5 से 6 महीने का वक्त लग सकता है।
इन तीनों स्थानों पर बनेंगे इंडस्ट्रियल कारिडोर
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) प्रयागराज से आगे मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र में शक्तिनगर तक विस्तार किया जाएगा,जिसकी दूरी तकरीबन 350 किलोमीटर तक रहने वाली है। प्रयागराज से सोनभद्र में शक्तिनगर तक बेहतर कनेक्टिविटी से यहां पर इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा। यूपीडा के अधिकारियों ने बताया है कि प्रयागराज से सोनभद्र तक विस्तार किए जाने से तकरीबन 25 से 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आ सकती है।
यूपीडा के अधिकारियों (UPEDA officials) ने इस बात के बारे में जानकारी दी है कि प्रयागराज और सोनभद्र के बीच तीन जगहों पर इंडस्ट्रियल कारिडोर (industrial corridor) बनाया जाएगा और कारिडोर को बनाने के लिए 200 हेक्टेयर से ज्यादा की जमीन का अधिग्रहण किया जाने वाला है।
