Expressway पैदा करेगा बिजली, इन 7 जिलों में घर रहेंगे जगमग
First Solar Expressway : योगी सरकार जहां एक और नए नए एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही है। वहीं अब सरकार ने एक और तकनिकी की खोज कर दी है। बता दें कि अब एक्सप्रेसवे (Expressway News) से बिजली बनाई जाएगी। इसकी वजह से ये 7 जिले जगमग रहने वाला है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
HR Breaking News (Solar Expressway) उत्तर प्रदेश तेजी से विकसित होता हुआ राज्य है। सरकार द्वारा लगातार नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। इससे यूपी देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। नए एक्सप्रेसवे (New Expressway) बनने से जहां प्रदेश का सफर आसान हुआ है वहीं अब इन एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सौलर पैनल लगाकर बिजली पैदा की जाएगी। इसस प्रदेश में समय-समय पर कटने वाली बिजली से लोगों को छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा प्रदेश की विकास को भी तेजी मिलेगी।
सरकार बनाएगी जल्द सोलर एक्सप्रेसवे
यूपी में लगभग 15 एक्सप्रेसवे (Expressway News) को बनाया जाने वाला है। इसमें से कईयों पर यातायात सुचारू रूप से जारी है तो कई निर्माणाधीन हैं तो कुछ परियोजनाओं को प्रस्तावित किया गया है। इनमें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी शामिल किये गए है। जोकि अन्य के मुकाबले सबसे खास बताया जा रहा है। यह भारत का पहला एक्सप्रेसवे होगा, जोकि रफ्तार के साथ बिजली उत्पादन करके लाखों घरों को रोशन करने वाला है। इस परियोजना को यूपीडा (UPEIDA New Project) बतौर सोलर एक्सप्रेसवे के रूप में डेवलप कर रही है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की इतनी है लंबाई
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के 296 किलोमीटर लंबे मार्ग के दोनों किनारों पर बड़े सोलर पैनल को लगाया जाने वाला है। ये इस वजह से भी खास है कि सरकार इस बड़ी परियोजना के लिए अगल से जमीन अधिग्रहण (land acquisition For New Expressway) के लिए चिन्हित कर ली गई है। जमीन का सदुपयोग करते हुए प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा जाने वाला है। निर्धारित भूमि के प्रमुख ढलान और लूप क्षेत्रों समेत कैरिजवे के बीच और दोनों किनारों पर 15 से 20 मीटर दूरी तक सोलर पैनल (solar panel) को स्थापित किया जाने वाला है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बनेगी इतनी बिजली
यह परियोजना उत्तर प्रदेश को हरित ऊर्जा क्षेत्र में आगे बढ़ाने और बुंदेलखंड (Bundelkhand Expressway) के विकास को नई दिशा की ओर बड़ा कदम होने वाला है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे सोलर पैनल परियोजना को विकसित करने के लिए पहले ही 8 सोलर पॉवर डेवलपर्स ने अपना प्रेजेंटेशन सरकार के सामने रखा था। इस परियोजना के कंपलीट होने की वजह से लगभग 550 मेगावाट सौर ऊर्जा पैदा होने वाली है। इससे लाखों घरों को बिजली सप्लाई की जाएगी। बिजली उत्पादन के अतिरिक्त इलेक्ट्रिक वाहनों (EV charging station) चार्जिंग स्टेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराने का प्लान किया जा रहा है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का ये होगा रूट
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा जिलों की 296 किलोमीटर दूरी को कवर करने वाला है। इसकी शुरुआत चित्रकूट के भरतकूप के पास गोंडा गांव में एनएच-35 (NH-35 Latest Update) से इटावा के कुदरैल गांव तक बनाया जाएगा। जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होने वाला है। इसके विकसित होने से रूट के संबंधित जिलों को बिजली के साथ आसान सफर की सहूलियत मिलने वाली है।
पीपी मॉडल के तहत लगेंगे सोलर प्लांट
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (public private partnership) मॉडल के तहत सोलर प्लांट लगाने का प्लान किया जा रहा है। मुख्य मार्ग और सर्विस लेन के बीच 15 से 20 मीटर चौड़ी पट्टी वाला पूरे एक्सप्रेसवे के किनारे खाली है। इस जगह पर सोलर पैनल स्थापित किया जाएगा। 550 मेगावाट बिजली उत्पादित की जाने वाली है। यह प्रोजेक्ट ग्रीन एनर्जी के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। एक्सपर्ट के मुताबिक, इस परियोजना के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) सबसे उपयुक्त साबित होगा क्योंकि यहां ज्यादातर मौसम साफ और शुष्क रहता और यहां प्रतिवर्ष लगभग 800 से 900 मीटर औसत बारिश रिकॉर्ड की जाती है।
यूपी के किन एक्सप्रेसवे किनारे लगाये जाएंगे सोलर पैनल
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर इस प्रोजेक्ट के सफलतापूर्वक पूरा होने के अलावा भविष्य में गोरखपुर एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी ऊर्जा (Solar Expressway) उत्पादन के लिए अध्ययन किया जा चुका है। इन सभी परियोजनाओं से सालाना ऊर्जा खपत पर 6 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। इसकी वजह से सरकार को बड़ा राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर लगेगा इतना टैक्स
यूपीडा ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को बनाने में लगभग 14850 करोड़ रुपये खर्च आने वाला है। ये यूपी का पहला एक्सप्रेसवे है, जिससे रिकॉर्ड 28 महीनों में निर्मित कर यातायात के लिए खोल दिया गया था। फिलहाल, ये 4 लेन (Solar Energy Produce Expreswway) का है, हालांकि आने वाले समय में इसको 6 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। एक्सप्रेसवे के किनारे मॉर्डन सुविधाएं मिल रही हैं, इनमें इमरजेंसी मेडिकल सर्विस, पुलिसिंग और 24 घंटे एंबुलेंस की गस्त रहती है। इसमें साल 2025 के हिसाब से हल्के वाहन चालकों को टोल टैक्स के रूप में 600 रुपये 700 रुपये तक तक का भुगतान करना पड़ता है। वहीं, बस और ट्रक (Bundelkhand Expressway Produce Solar) के लिए 1900 के आसपास निर्धारित है। भारी निर्माण मशीन वाहनों के लिए 3000 के आसपास और सात या उससे अधिक चक्के वाले वाहनों के लिए 3800 रुपये से अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की पूरी डिटेल
बुंदलेखंड एक्सप्रेस के आसपास 2 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। ये लोगों के लिए लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाने वाला है। 3500 करोड़ रुपये से एक कॉरिडोर जालौन और दूसरा बांदा में विकसित किया जाने वाला है। जानकारी के लिए बता दें कि ये कॉरिडोर (UP Solar Energy Expressway) बुंदेलखंड में पहले से बन रहे डिफेंस कॉरिडर से अलग हैं। साल 2022 में खुला यह एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करता है। पूरे एक्सप्रेसवे पर 18 ओवरब्रिज, 14 बड़े पुल, 6 टोल प्लाजा, 7 रैंप 4 रेल पुल और 266 पुल का निर्माण किया जाने वाला है।
