Gold Silver Price : निवेशकों के लिए परेशानी बने सोना चांदी, जानें क्या है बाजार का रुख
HR Breaking News - (Gold Price )। सोने-चांदी की कीमतों (Gold Silver Price ) में खूब उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अब हाल ही में सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने इन्वेस्टर्स के बीच चिंता पैदा कर दी है। जहां इस उतार-चढ़ाव से आम लोगों को चिंता सता रही है। वहीं, दूसरी ओर निवेशकों के लिए सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव परेशानी का कारण बने हुए हैं। आइए खबर में जानते हैं कि सोने-चांदी की कीमतों को लेकर बाजार का रूख क्या रहने वाला है।
एक्सपर्ट ने कही ये बात
एक्सपर्ट का कहना है कि वैश्विक बाजार, डॉलर की मजबूती और आर्थिक परिस्थितियों का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है, ऐसे में इन्वेस्टर्स का घबराहट में लिया गया फैसला बड़ा नुकसान करा सकता है। खासतौर पर जिन लोगों ने ऊंचे स्तर पर सोने-चांदी में निवेश (Investing in gold and silver) किया था, वे अब बाजार के रुख को लेकर चिंता में नजर आ रहे हैं।
किन कारणों से प्रभावित होता है सोना
बता दें कि जब वैश्विक स्तर पर कीमतें (global prices) गिरती है तो उसका असर भारतीय बाजारों में भी साफ नजर आता है। ऐसे में छोटे इन्वेस्टर्स, जो खासतौर से अल्पकालिक लाभ की उम्मीद से खरीदारी करते हैं, उन पर इस उतार-चढ़ाव का ज्यादा प्रभाव पड़ता है और वो जल्द ही बाजार की हलचल से घबरा जाते हैं।
बरेली के मनोचिकित्सक के अनुसार आर्थिक अस्थिरता का प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उनके मुताबिक, जब बाजार में अचानक से उछाल आता है या फिर गिरावट आती है तो हर रोज तकरीबन 10 से 12 लोग तनाव, घबराहट और अनिश्चितता की शिकायत लेकर आते हैं। इनमे से ज्यादातार छोटे इन्वेस्टर्स शामिल होते हैं।
आर्थिक नुकसान के डर से इन्वेस्टर्स की सेहत पर प्रभाव
उनका कहना है कि आर्थिक नुकसान के डर से लोगों की सेहत पर असर पड़ता है। अगर समय रहते इस तनाव को कंट्रोल न किया जाए, तो यह मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार सोने- चांदी में इन्वेस्टमेंट (Investment in gold and silver) परंपरागत रूप से सेफ इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है, लेकिन इसमे बाजार जोखिम मौजूद रहता है। उन्होंने लोगों को एडवाइज दी है कि इन्वेस्टमेंट हमेशा दीर्घकालिक रणनीति और अपनी जोखिम क्षमता पर गौर कर ही करना चाहिए। सिर्फ अफवाहों या अल्पकालिक रुझानों के आधार पर कोई फैसला नहीं लेना चाहिए।
सोच-समझकर करें सोने में इन्वेस्टमेंट
जानकारो का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए इन्वेसटर्स को अपनी वित्तीय योजना स्पष्ट रखनी चाहिए और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। सब मिलाकर सोना-चांदी की कीमतों (Gold Silver Price) में गिरावट ने यह क्लियर कर दिया है कि आर्थिक फैसलों का असर सिर्फ जेब तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक संतुलन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।
