home page

खुशखबर : अगले महीने चालू हो जाएगा ये महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड को होगा फायदा

New Expressway - दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से प्रतीक्षित यह महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे अगले महीने चालू हो जाएगा। इसके खुलने के बाद यात्रा समय कम होगा, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और यात्रा और भी सुरक्षित और आरामदायक होगी। इसके साथ ही आसपास के जिलों और पर्यटन स्थलों का विकास भी तेज होगा... जारी इस अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-

 | 
खुशखबर : अगले महीने चालू हो जाएगा ये महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड को होगा फायदा

HR Breaking News, Digital Desk- (Expressway) दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से प्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और फरवरी 2026 तक पूरी तरह खुलने की संभावना है। वर्तमान में दिल्ली से देहरादून की दूरी लगभग 235-250 किलोमीटर है, जिसे तय करने में 5-6 घंटे लगते हैं।

 

 

 

इस नए 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद दिल्ली-देहरादून की दूरी (Delhi-Dehradun distance) घटकर 210 किलोमीटर हो जाएगी और यात्रा समय मात्र ढाई घंटे तक सीमित रह जाएगा। यह परियोजना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास को भी मजबूत बढ़ावा देगी।

 

एक्सप्रेसवे 6 से 12 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे होगा-

यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत विकसित की जा रही है। इसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 11,869 से 13,000 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेसवे 6 से 12 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे (Accesscontrolled greenfield highways) होगा, जिसमें अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है। यह परियोजना चार चरणों में पूरी की जाएगी।

पहला चरण: दिल्ली के अक्षरधाम से बागपत (खेकरा) तक, करीब 32 किमी. यह हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है और दिसंबर 2025 से ट्रायल रन शुरू हो गया है।
दूसरा चरण: बागपत से सहारनपुर तक।
तीसरा चरण: सहारनपुर बाईपास का चौड़ीकरण।
चौथा चरण: सहारनपुर से देहरादून तक, जिसमें सुरक्षा और फिनिशिंग कार्य चल रहे हैं।

पर्यावरण के अनुकूल डिज़ाइन-

एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण के अनुकूल डिज़ाइन है। राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) से गुजरते हुए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जो एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव कॉरिडोर है। इसमें 6 एनिमल अंडरपास हैं, ताकि हाथी और बाघ जैसे वन्यजीव सुरक्षित (wildlife safe)  रूप से आ-जा सकें। कुल 100 से अधिक अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज और बारिश के पानी के संचयन की व्यवस्था भी की गई है। निर्माण में करीब 18,000 पेड़ काटे गए, लेकिन उनके बदले 50,000 से अधिक नए पेड़ लगाए जा रहे हैं।

दिसंबर 2025 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) ने संसद में बताया कि कार्य उन्नत चरण में है और जनवरी 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, हालांकि कुछ स्रोत फरवरी का जिक्र कर रहे हैं।

ट्रैफिक जाम कम होगा, इन राज्यों को जोड़ेगा -

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway), ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और हरिद्वार-ऋषिकेश रोड (Haridwar-Rishikesh Road) से जुड़कर व्यापक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे उत्तर प्रदेश के बागपत, बारौत, शामली और सहारनपुर जिलों का विकास होगा, जबकि उत्तराखंड के मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे पर्यटन स्थलों (Tourist places) तक पहुंच आसान होगी। ट्रैफिक जाम कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।