Haryana News : 12 नए सेक्टर बसाने की तैयारी, सरकारी विभाग को नहीं मिल पा रही जमीन
HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा सरकार जहां प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नए-नए प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। वहीं, अब हरियाणा सरकार विकास को नई दिशा देते हुए 12 नए सेक्टर (Haryana New Sector News) बसाने का प्लान कर रही है। लेकिन सरकारी विभाग को प्रदेश के विकास की गति के लिए जमीन नहीं मिलने की परेशानी हो रही है।
शहर में hsvp के है कुल इतने सेक्टर
एचएसवीपी की ओर से नए सेक्टर को बसाए जाएंगे और शहर के विस्तारीकरण के लिए एचएसवीपी (many sectors of hsvp) को सेक्टर बसाने के लिए जमीन नहीं मिल रही है। अभी तो शहर में एचएसवीपी के कुल 49 सेक्टर हैं। नगर निगम के अंतर्गत भी तकरीबन इतने ही सेक्टर आते हैं। बढ़ती आबादी और मास्टर प्लान 2031 के अंतर्गत hsvp की ओर से ग्रेटर फरीदाबाद में 12 नए सेक्टर बसाने का प्लान है।
इन सेक्टरों के जरिए बढ़ती आबादी को सुनियोजित आवास और बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ई-भूमि पोर्टल (e-bhoomi portal) के जरिए किसानों से कॉन्टेक्ट किया जा रहा है, जिससे जमीन की आसानी से खरीदी की जा सके, लेकिन बीती घटनाओं ने प्राधिकरण को चिंता में डाल दिया है।
पहले क्यों नहीं पूरी हो पाई थी परियोजना
हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब hsvp जमीन के लिए कोशिशों में जुटा हुआ है। बीते साल भी प्राधिकरण की ओर से 19 गांवों की लगभग 4500 एकड़ जमीन को खरीदने की कोशिश की गई थी और इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन और सर्वे के प्रोसेस को भी शुरू किया गया था, लेकिन किसानों की बेरुखी और मुआवजे की दरों पर सहमति (Agree on compensation rates) नहीं मिली थी, जिस वजह से इस प्रोजेक्ट पर कार्य नहीं हो सका। ज्यादातर किसानों ने अपनी उपजाऊ जमीन को इन दामों पर देने से असहमति जताई थी, जिससे एचएसवीपी की विस्तार योजना रूक गई।
बाजार भाव के हिसाब से मुआवजे की मांग
किसान नेता का कहना है कि अभी किसान वर्तमान बाजार भाव के अनुसार मुआवजे (Compensation as market rate) की डिमांड कर रहे हैं, जबकि सरकारी कलेक्टर रेट अभी बेहद कम हैं। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में प्राइवेट बिल्डर्स किसानों को बेहतर डील दे रहे हैं, जिससे सरकारी खरीद में परेशानी हो रही है।
यहां बसाए जाएंगे नए सेक्टर
जानकारी के लिए बता दें कि शहर में मास्टर प्लान 2031 (Master Plan 2031) के अंतर्गत जिन सेक्टरों को शामिल किया गया है। उनमें सेक्टर 94 ए, 96, 96 ए, 97 ए, 99, 100, 101, 102, 103, 140, 141 और 142 का नाम शामिल है, जिनमे से सेक्टर 100 एक कमर्शियल सेक्टर है और सेक्टर 96 ए और 97 ए पब्लिक व सेमी पब्लिक के इस्तेमाल के लिए लिए गए हैं, जिनमें सरकारी विभागों के कार्यालय, शिक्षण संस्थान व अस्पताल आदि बनाए जाने वाले हैं।
गांवों के नाम किए गए सार्वजनिक
इसके साथ ही अन्य सभी नौ सेक्टर रिहायशी सेक्टर हैं, जिनके लिए कुल 18 गांवों की 4500 एकड़ जमीन की खरीदी की जानी है। सेक्टर 140, 141 व 142 बल्लभगढ़ की ओर पड़ते हैं, जिनके लिए सोतई, सुनपेड़, साहुपुरा, मलेरना व जाजरू की जमीन को खरीदा जाएगा। यह सेक्टर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) लिंक रोड (Delhi-Mumbai Expressway Link Road) व जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए जो इंटरचेंज बनाया जा रहा है, उसके के नजदीक हैं और बाकी के सभी सेक्टर तिगांव इलाको में होंगे।
एचएसवीपी द्वारा12 नए सेक्टरों के लिए ई-भूमि पोर्टल (e-bhoomi portal) के माध्यम से 19 गांवों को चुना गया है। गांवों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं, जिससे पूरा प्रोसेस पारदर्शी रहे। किसान 30 अप्रैल तक अपनी इच्छा से अपनी जमीन की डिटेल पोर्टल पर जारी कर सकते हैं।
