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Haryana News: मेट्रो से जोड़ा जा सकता है रेलवे स्टेशन, तीन ऑप्शन पर होगा विचार

Haryana News - इस रेलवे स्टेशन को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए तीन अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जाएगा। इन विकल्पों के फायदे और नुकसान पर चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी (connectivity) और सुगम आवागमन का लाभ मिल सके-

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Haryana News: मेट्रो से जोड़ा जा सकता है रेलवे स्टेशन, तीन ऑप्शन पर होगा विचार

HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana News) गुरुग्राम रेलवे स्टेशन को मेट्रो रूट से जोड़ने के लिए तीन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (Gurugram Metro Rail Limited) बोर्ड की बुधवार को होने वाली बैठक में इन विकल्पों को पेश किया जाएगा। बैठक में हर विकल्प के फायदे और नुकसान पर चर्चा होगी, जिसके बाद Gurugram Railway Station को मेट्रो से जोड़ने के लिए एक विकल्प पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) की ओर से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को मंजूरी देते समय यह निर्देश दिया गया था कि रेलवे स्टेशन को मेट्रो रूट से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। इसके बाद जीएमआरएल की बैठक में तय हुआ कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के सेक्टर-5 चौक (Sector 5 Chowk of Old Gurugram Metro) से रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी के लिए अलग से डीपीआर तैयार की जाएगी।

GMRL ने वर्ल्ड बैंक से मांगा था कर्ज-

1.8 किमी लंबे इस मेट्रो मार्ग को डीपीआर में शामिल कर जीएमआरएल ने ऋण मंजूरी के लिए वर्ल्ड बैंक (World Bank) के पास प्रस्ताव भेजा था। वर्ल्ड बैंक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सेक्टर-5 से रेलवे स्टेशन तक का यह हिस्सा पहले से मंजूर डीपीआर (DPR) में शामिल नहीं है और इसका सामाजिक व पर्यावरणीय अध्ययन भी नहीं हुआ है। इसलिए फंडिंग (funding) में देरी से बचने के लिए इस हिस्से को ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट से बाहर रखने की सलाह दी गई। मौजूदा योजना के अनुसार, हर 2 मिनट 10 सेकेंड में मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पर्यावरण अध्ययन के बाद अलग से मंजूरी जरूरी-

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना से रेलवे स्टेशन (Old Gurugram Metro Project to Railway Station को जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके जुड़ने से भोंडसी से रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो के लिए अलग से मेट्रो डिपो बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि इसका नुकसान यह है कि इस हिस्से के लिए World Bank के मानकों के अनुसार सामाजिक और पर्यावरणीय अध्ययन कराकर अलग से मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा मिलेनियम सिटी सेंटर (Millennium City Center) से रेलवे स्टेशन तक मेट्रो सेवाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रह सकती है।

स्थानांतरित की जाएगी पानी की लाइन-

1.8 किमी के इस हिस्से में अलग से मेट्रो लाइन बनाने का विकल्प भी रखा गया है। इससे World Bank से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना (Old Gurugram Metro Project) के लिए ऋण मिलने में देरी नहीं होगी। हालांकि इसके लिए अलग मेट्रो डिपो और वर्कशॉप का निर्माण (workshop construction) करना पड़ेगा। जीएमआरएल के अनुसार, अप्रैल के पहले सप्ताह से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो मार्ग और स्टेशनों के निर्माण में बाधा बन रही पानी, बिजली, सीवर और शोधित पानी की लाइनों के स्थानांतरण का काम शुरू किया जाएगा।