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Delhi से जुड़ेगा हरियाणा, 194 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को सरकार ने दी मंजूरी

New Rail Line News : हरियाणा की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। अब राज्य में रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने के लिए नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। हाल ही में सरकार ने दिल्ली और हरियाणा के बीच (New Rail Line in Haryana) 194 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाने का ऐलान किया है। इस रेलवे लाइन के चालू होने से लाखों लोगों का सफर आसान हो जाएगा। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं - 

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Delhi से जुड़ेगा हरियाणा, 194 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को सरकार ने दी मंजूरी

HR Breaking News- (New Rail Line)। दिल्ली और हरियाणा वालों के लिए गुड न्यूज है। सरकार ने हरियाणा को दिल्ली के साथ जोड़ने के लिए अब नई रेलवे बिछाने का ऐलान किया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली से हरियाणा के बीच 194 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाइ जाएगी। इस रेलवे लाइन से कई जिलों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही दिल्ली और हरियाणा के आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। 


इस रूट पर बनेगी नई रेलवे लाइन - 

ये नई रेल लाइन हरियाणा में दिल्ली से अंबाला तक बिछाई (Delhi to Ambala railway line) जाएगी, जिससे जीटी रोड बेल्ट के लाखों लोगों को फायदा होगा। यह रेल लाइन जिन जिलों से होकर के गुजरेगी। उन जिलों में-अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत का नाम शामिल है, जिससे रणनीतिक लाभ के साथ ही दिल्ली से पंजाब और जम्मू तक रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा। 


PM नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि यह रेलवे लाइन हर तरह के यात्रियों के लिए सुगम रहेगी और लागत की बात करें तो 194 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर 5983 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है।

32 रेलवे स्टेशनों पर बढ़ेंगी सुविधाएं

सरकार का यह प्रोजेक्ट (Delhi government project) दिल्ली से जम्मू तक रणनीतिक लिहाज से बेहद फायदेमंद होने वाली है। इस रेलवे लाइन से तकरीबन 32 रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा और 4 सालों में इसे पूरा करने का मकसद तय किया गया है। बड़ी बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) नहीं करना होगा और मौजूदा रेल लाइन के साथ ही रेलवे की काफी जमीन इसके लिए यूज होगी।


29 पुलों का किया जाएगा निर्माण - 

 इस नई रेल लाइन (Delhi New Railway Line) पर कुल 29 पुलों को बनाया जाएगा और साथ ही रास्ते में जो पुराने पुल पड़ते हैं, उनका पुनर्निर्माण भी कराया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन रूक जाएगा और दिल्ली से पंजाब और आगे जम्मू तक रेल कनेक्टविटी बेहद हो सकेगी।


जानिए कौन सा है सबसे बड़ा प्रोजेक्ट 

इन प्रोजेक्ट में आर्बिटल रेल कारिडोर सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। कुंडली-मानेसर-पलवल (Kundli-Manesar-Palwal) एक्सप्रेस-वे के साथ ही बनने वाले इस नई इलेक्ट्रिक डबल ब्राड-गेज लाइन (Electric double broad-gauge line) की शुरुआत पलवल से होगी और सोहना, मानेसर और खरखौदा से होते हुए हरसाना कलां को कनेक्ट करेगी। ठीक ऐसे ही रनाल-यमुनानगर रेल लाइन की मंजूरी मिल गई है।


यह 61 किमी की लाइन इंद्री, लाडवा और रादौर से होकर के कुरुक्षेत्र-यमुनानगर रास्ते को कनेक्ट करेगी, जो अभी मौजूदा 121 किलोमीटर के रास्ते को घटाकर 61 किलोमीटर कर देगी। अभी तो यह प्रोजेक्ट सर्वे स्तर पर है। बता दें कि रोहतक-महम-हांसी (Rohtak-Maham-Hansi) के मध्य ही नई लाइन रोहतक, भिवानी और हिसार जिलों के बीच कनेक्टविटी को मजबूत करेगी, जिसमे 20 किमी की दूरी घट गई है। कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेल जाम से छुटकारा मिलेगा।