Haryana में बनेगा 121 किलोमीटर लंबा होगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 5 हाईवे और बड़े एक्सप्रेसवे होंगे कनेक्ट
Haryana New Expressway : हरियाणा में सड़क नेटवर्क को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार नए एक्सप्रेसवे और हाईवे बना रही है। अब हरियाणा वासियों के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, हाल ही में सरकार ने राज्य में 121 किलोमीटर लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का ऐलान किया है। इस एक्सप्रेसव से कई हाईवे और बड़े एक्सप्रेसवे भी कनेक्ट होंगे। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं -
HR Breaking News - (New Expressway)। हरियाणा तेजी से विकसित होता हुआ राज्य है। राज्य में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए हरियाणा में नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा रहा है। नया एक्सप्रेसवे बनने से लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बता दें कि दिसंबर माह तक अंबाला में रिंग रोड और अंबाला शामली एक्सप्रेस से परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना तय समय पर पूरी हो इसके लिए परिवहन मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को जल्द से जल्द काम पूरा करने की आदेश दिए हैं।
बनेगा 121 किलोमीटर लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
हरियाणा के अंबाला से उत्तर प्रदेश के शामली तक 121 किलोमीटर लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (New Greenfield Expressway) बनाया जाएगा। इसके बनने से चंडीगढ़ मोहाली और पंचकूला के लोगों को दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक का सफर आसान हो जाएगा। वहीं इसके साथ ही अंबाला में बना रहे 39 किलोमीटर लंबे रिंग रोड प्रोजेक्ट से पांच हाईवे कनेक्ट होंगे, जो की अंबाला में बाईपास का काम करेंगे। इससे वाहन चालकों को शहर में आए बिना बाहर से ही बिना ट्रैफिक जाम के निकलने की सुविधा मिलेगी।
अंबाला शामली एक्सप्रेसवे बनने में लगेगा इतना समय -
अंबाला शामली एक्सप्रेसवे (Ambala Shamli Expressway) का निर्माण कार्य तेजी पर है। दिसंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया है कि अंबाला से शामली तक कितने किलोमीटर लंबा हाईवे बन रहा है। इसके बाद शामली से यह रोड दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अंबाला में रिंग रोड (Ambala Ring Road) का निर्माण कार्य तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है, जिसमें से कई मुख्य सड़के गुजरेंगी और इसमें अंबाला से शामली तक का रास्ता भी आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वह रिंग रोड का निर्माण से बाहर से ही बड़े वाहन निकल जाएंगे, जिससे जाम की स्थिति से लोगों को निजात मिलेगी।
यहां तक बनेगा अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे?
परिवहन मंत्री अनिल विज ने जानकारी देते हुए बताया कि रिंग रोड (ring road) का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिसमें कई प्रमुख सड़के भी कनेक्ट की जाएगी इसमें। अंबाला से शामली तक का रास्ता भी आसान हो जाएगा। रिंग रोड का निर्माण से बाहर से ही बड़े वाहन निकाल सकेंगे। जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी।
अंबाला शामली एक्सप्रेसवे (Ambala Shamli Expressway) सदुपुरा गांव से शुरू होता है। यहीं से अंबाला मोहाली एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा। वहीं यूपी के शामिल जिले के गोगवान जलालपुर में यह एक्सप्रेस से मैं केवल दिल्ली देहरादून बल्कि शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट होगा। आगे इस गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Siliguri Expressway) से भी जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इन सभी प्रोजेक्ट के पूरा होने से आसपास के कई राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा पंजाब हरियाणा यूपी और उत्तराखंड तक का सफर काफी आसान हो जाएगा।
बलाना, मोहड़ा, खुड्डाकलां, हंडेसरा के पास होंगे एंट्री पॉइंट
बता दें की रिंग रोड (ring road) की शुरुआत साद्योपुर एनएच 152 से होगी। यहां से हाईवे NH 72. यहां से हाईवे NH-72 (नारायणगढ़ रोड) हंडेसरा तक को लिंक करेगा। बीच में गांव काकरू, मंडोर, खतौली व पंजोखरा साहिब होंगे. इसी तरह NH-72 से NH-444ए (जगाधरी रोड) तक रिंग रोड खुड्डाकलां में लिंक होगा। इस लिंक के मध्य कलरहेड़ी, बोह, शरीफगढ़, चंदपुरा, रौलों व खुड्डाकलां का रकबा लगेगा। NH 444ए से NH-44 (जीटी रोड) गांव मोहड़ा में लिंक होगा। बीच में गांव सलारहेड़ी, ब्राह्मण माजरा व मोहड़ा का रकबा लगेगा। एनए-44 से NH-65 (हिसार रोड) बलाना गांव में रिंग रोड का अंतिम छोर लिंक होगा।
बीच में शाहपुर, मछौंडा, मछौंडी, मीरापुर, उगाड़ा, मटेड़ी जट्टां, सौंडा, रूपाेमाजरा, सारंगपुर आदि का रकबा होगा। मिली जानकारी के अनुसार अम्बाला से औसतन 30 हजार से अधिक भारी वाहन प्रतिदिन होकर गुजरते हैं. ऐसे में करीब 45 मीटर चौड़ी फोरलेन रिंग रोड समूचे अम्बाला को जाम से छुटकारा दिलवाएगी.वही हिसार, चंडीगढ़, अमृतसर से आने वाले वाहनों को जिन्हें केवल अम्बाला से होकर यूपी, दिल्ली, उत्तरांचल व हिमाचल के इलाकों मे प्रवेश करना होता है, उन्हें शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह से यमुनानगर की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को जिन्हें पंजाब व चंडीगढ़ से होकर आगे गुजरना है, उन्हें कैंट व सिटी के शहरी क्षेत्र में आने की जरूरत नहीं होगी।
