home page

Haryana का रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का होगा निर्माण, 67 गांवों के किसान मालामाल

Haryana - हरियाणा में रेलवे कनेक्टिविटी को नई मजबूती देने की तैयारी है। ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण से एक नया रेल मार्ग बनाया जाएगा, जिससे औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी। इस प्रोजेक्ट से 67 गांवों के किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजा मिलेगा, वहीं रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे... इससे जुड़ी पूरी डिटले जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-

 | 
Haryana का रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का होगा निर्माण, 67 गांवों के किसान मालामाल

HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana Development Project) हरियाणा में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 121 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन का निर्माण (Construction of a new railway line) शामिल है, जो पलवल को सोनीपत से जोड़ेगी।

 

 

हाल ही में सोहना-रेवाड़ी रोड इंटरचेंज और फर्रुखनगर टोल प्लाजा (Farrukhnagar Toll Plaza) के पास जमीनी निर्माण कार्य शुरू हुआ है। आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

 हरियाणा में रेलवे कनेक्टिविटी को मिलेगा सुधार-

यह रेल कॉरिडोर दिल्ली के चारों ओर एक वैकल्पिक रेलवे मार्ग विकसित (Develop alternative railway route) करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है, जिससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों पर दबाव कम (less pressure on trains) होगा। पूरा होने पर यह प्रोजेक्ट पलवल, गुरुग्राम, नूंह, झज्जर और सोनीपत जिलों को सीधे लाभ पहुंचाएगा और औद्योगिक क्षेत्रों से कनेक्टिविटी (Connectivity to industrial areas) में महत्वपूर्ण सुधार करेगा।

 

 निर्माण कार्य तेजी से शुरु-

यह प्रोजेक्ट पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा सरकार और रेल मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों (Joint efforts of the Ministry of Railways) से योजनाबद्ध तरीके से तैयार और लागू किया गया है। निर्माण कार्य औपचारिक रूप से फरवरी 2025 के पहले सप्ताह में शुरू हुआ था। शुरुआती चरण में जमीन अधिग्रहण (land acquisition) और बुनियादी ढांचे की तैयारी पर ध्यान दिया गया था। अब परियोजना का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है।

माल परिवहन के लिए बेहतर विकल्प-

इस प्रोजेक्ट के तहत मानेसर में स्थित मारुति-सुजुकी प्लांट को दिल्ली-रेवाड़ी रेल सेक्शन (Delhi-Rewari rail section) से जोड़ने का काम भी जारी है। इससे उद्योगों को माल परिवहन के लिए अधिक तेज और कुशल विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और आपूर्ति श्रृंखला की क्षमता में सुधार होगा।

मालामाल होंगे 67 गांवों के किसान -

इस परियोजाना में भूमि अधिग्रहण इस चरण में, 67 गांवों से लगभग 665.92 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई। प्रभावित किसानों को नियमों के अनुसार मुआवजा (compensation) दिया गया। इन 67 गांवों के किसान हुए मालामाल।

बनाए जाएंगे 17 नए स्टेशन-

इस अवधि के दौरान रेलवे ट्रैक बिछाने, पुलों और सुरंगों का निर्माण तथा नए स्टेशनों का निर्माण कार्य किया जाएगा। प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, रेल लाइन का विद्युतीकरण (electrification of railway lines) पूरा किया जाएगा और ट्रेनों का ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद परियोजना का पूर्ण संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

इस जिले को मिलेंगे खास लाभ-

पलवल इस ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (Orbital Rail Corridor)  का एक अहम केंद्र बनेगा। यहां न्यू पलवल नाम का एक नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा, जो शहर के विस्तार और विकास में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे पलवल के यात्रियों को दिल्ली और दूसरे शहरों तक पहुंचने के लिए एक तेज और वैकल्पिक रास्ता मिलेगा।

रोजगार के खुलेंगे नए अवसर-

इस कॉरिडोर के बनने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, दिल्ली और NCR के मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम होगा, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि जल्द ही कई सेक्शन चालू हो जाएंगे, जिससे हरियाणा में कनेक्टिविटी (haryana connectivity) में उल्लेखनीय सुधार होगा।

इस कॉरिडोर पर बनाए जाएंगे 17 नए रेलवे स्टेशन-

इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 121 किलोमीटर है, जो KMP एक्सप्रेसवे के समानांतर बनाई जा रही है। इस रूट पर कुल 17 स्टेशन होंगे, जिनमें 14 नए और 3 मौजूदा स्टेशन शामिल हैं, जैसे न्यू पलवल, सोहना, मानेसर और खरखौदा। इसमें ट्रेन की अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटा होगी और माल ढोने की क्षमता भी अधिक होगी।

परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य-

सरकार इस प्रोजेक्ट (government project) को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखती है। इसके पूरा होने से हरियाणा के औद्योगिक और परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर (Industrial and Transport Infrastructure) को मजबूती मिलेगी और राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।