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कितनी देरी से लागू होगा 8th Pay Commission, किस लेवल के कर्मचारी को कितना मिलेगा एरियर, जानें सबकुछ

8th Pay Commission - 8वें वेतन आयोग के लागू होने और कर्मचारियों को मिलने वाले एरियर को लेकर चर्चा जारी है। पिछली सैलरी संरचना के हिसाब से, एंट्री लेवल से लेकर वरिष्ठ कर्मचारियों (senior employees) तक लाखों रुपये तक का एरियर बन सकता है। ऐसे में कर्मचारी जानना चाहते हैं कि किस लेवल को कितना एरियर मिलेगा... तो चलिए आइए नीचे खबर में डाल लेते है एक नजर-

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कितनी देरी से लागू होगा 8th Pay Commission, किस लेवल के कर्मचारी को कितना मिलेगा एरियर, जानें सबकुछ

HR Breaking News, Digital Desk- (8th Pay Commission) सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, और अब आठवें वेतन आयोग की चर्चाएं तेज हो गई हैं। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर उन्हें कितना एरियर मिलेगा।

 

 

 

सरकार ने अभी तक आठवें वेतन आयोग लागू करने की कोई निश्चित तारीख नहीं दी है और यह भी साफ नहीं किया है कि इसे कब से लागू किया जाएगा। लेकिन पुराने वेतन आयोगों के अनुभव से एक बात बार-बार देखी गई है - सिफारिशें लागू होने में देर हो सकती है, लेकिन वेतन पिछली तारीख से ही लागू माना जाता है। इसी वजह से कर्मचारियों को भारी एरियर (huge arrears to employees) मिलता है।

 

1 जनवरी 2026 को लेकर इतनी चर्चा क्यों-

सातवें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया। परंपरा के अनुसार, नया वेतन आयोग अगले दिन से ही प्रभावी माना जाता है, यानी 1 जनवरी 2026 से। इससे पहले भी ऐसा ही हुआ था-6वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2006 से और सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया था।

सरकार ने अभी यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा है कि आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। लेकिन, कर्मचारी संगठनों और जानकारों का मानना है कि इस बार भी वही तरीका अपनाया जा सकता है। यानी लागू करने में देरी होगी, लेकिन फायदा पिछली तारीख से मिलेगा।

एरियर कितने समय का बन सकता है एरियर-

अगर आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 18 से 24 महीने लगते हैं, तो उतने ही महीनों का एरियर बन सकता है। यही कारण है कि एरियर की रकम को लेकर चर्चा जोरों पर है। हालांकि, एरियर (arrear) का सही अंदाजा लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि पिछली बार वेतन में असल बदलाव कितना हुआ था।

6वें वेतन आयोग में लेवल-1 की सैलरी का हाल-

6वें वेतन आयोग में सैलरी बैंड और ग्रेड पे सिस्टम पर आधारित थी। लेवल-1 के कर्मचारी का बेसिक पे 7,000 रुपये था, जिस पर 125% डीए मिलता था। इसके अलावा HRA शहर के हिसाब से 30%, 20% या 10% और ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी शामिल था। सभी भत्तों को मिलाकर कुल मासिक ग्रॉस सैलरी लगभग X शहर में 19,200 रुपये, Y शहर में 18,050 रुपये और Z शहर में 17,350 रुपये थी।

सातवां वेतन आयोग लागू होने पर क्या बदला-

सातवें वेतन आयोग (7th pay commission news) में ग्रेड पे सिस्टम को खत्म कर पे मैट्रिक्स लागू कर दिया गया। लेवल-1 के लिए बेसिक पे सीधे 18,000 रुपये निर्धारित किया गया। उस समय डीए शून्य था, क्योंकि पहले का 125% डीए बेसिक में मर्ज कर दिया गया था। HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (transport allowance) नए बेसिक पे के हिसाब से कैलकुलेट किए गए। इस बदलाव के बाद शुरुआती ग्रॉस सैलरी लगभग X शहर में 24,000 रुपये, Y शहर में 22,000 रुपये और Z शहर में 20,200 रुपये हो गई।

असल में कितनी बढ़ी सैलरी-

6वें वेतन आयोग के आखिरी दौर और 7वें वेतन आयोग की शुरुआत के बीच हर महीने की सैलरी में साफ फर्क दिखा। X शहर में करीब 4,800 रुपये, Y शहर में लगभग 3,950 रुपये और Z शहर में करीब 2,850 रुपये की बढ़ोतरी हुई।

प्रतिशत के हिसाब से देखें तो लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी में करीब 16 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ था। यही आंकड़े अब 8वें वेतन आयोग के अनुमान की बुनियाद बनते हैं।

2026 तक लेवल-1 के कर्मचारी की सैलरी कहां तक पहुंचेगी-

सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) के तहत लेवल-1 का बेसिक पे अभी भी 18,000 रुपये है, लेकिन डीए लगातार बढ़ता रहा है। फिलहाल डीए लगभग 58% है, जिससे ग्रॉस सैलरी करीब 34,440 रुपये हो गई है। चूंकि आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest updates) के लागू होने में लगभग दो साल लग सकते हैं, इसलिए डीए में और बढ़ोतरी की संभावना है। अगर डीए 68% तक पहुंचता है, तो ग्रॉस मासिक सैलरी लगभग 36,240 रुपये हो सकती है।

8वें वेतन आयोग में भी क्या पुराने पैटर्न लागू होंगे?

अनुमान के लिए यह मान लिया जाए कि तरीका मोटे तौर पर 7वें वेतन आयोग जैसा ही रहेगा। मतलब कि फिटमेंट फैक्टर (fitment factor update) 2.57 के आसपास होगा और कुल सैलरी में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

ऐसी स्थिति में अनुमानित नई सैलरी करीब 45,300 रुपये प्रति माह बन सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि मौजूदा सैलरी से हर महीने लगभग 9,060 रुपये ज्यादा मिलेंगे।

 कितना बनेगा 24 महीने का एरियर-

अगर नई सैलरी 24 महीने पिछली तारीख से लागू होती है, तो कुल एरियर करीब 2,17,440 रुपये बनता है। यानी लेवल-1 का एक केंद्रीय कर्मचारी (central employees) करीब 2.17 लाख रुपये का एरियर पा सकता है। इसका मतलब है कि ऊपर के स्तर पर एरियर की रकम ज्यादा होती जाएगी।

यह पूरा अनुमान सरकार के किसी आधिकारिक फैसले पर आधारित नहीं है, बल्कि विशेषज्ञों के अनुमान पर तैयार किया गया है। फिटमेंट फैक्टर कम या ज्यादा हो सकता है, कुछ अलाउंस बदले या खत्म किए जा सकते हैं, और सरकार कोई नया वेतन संशोधन फार्मूला भी लागू कर सकती है। इसलिए विभिन्न रिपोर्ट्स में अलग-अलग अनुमान देखे जा रहे हैं।

क्या इशारा कर रही हैं एनालिस्ट और रिपोर्ट्स-

ब्रोकरेज फर्म Ambit Capital का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है। इससे सैलरी में 14 प्रतिशत से 34 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, कोटक की रिपोर्ट के मुताबिक अगर फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) 1.8 रहा, तो बढ़ोतरी करीब 13 प्रतिशत ही होगी।

आसान शब्दों में कहें तो एरियर की पूरी कहानी एक ही चीज पर टिकी है, और वह है फिटमेंट फैक्टर।

 एरियर की रकम हो सकती है लाखों में-

मौजूदा हालात को देखते हुए अगर मान लें कि आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest updates) लगभग दो साल की देरी से लागू होता है और सरकार पिछली बार जैसा ही वेतन ढांचा अपनाती है, तो एरियर की रकम लाखों रुपये तक पहुंच सकती है, यहां तक कि एंट्री लेवल के कर्मचारियों के लिए भी।

लेवल-1 कर्मचारी के लिए 24 महीने की देरी का मतलब करीब 2.17 लाख रुपये का एरियर हो सकता है। लेकिन असली तस्वीर तभी साफ होगी, जब वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट देगा और सरकार उस पर अंतिम फैसला लेगी।