Haryana से कितने अभ्यर्थियों ने पास की UPSC परीक्षा, जानें डिटेल्स
Haryana News :हरियाणा आबादी के लिहाज से छोटा राज्य है, परंतु, होनहारों की प्रदेश में कमी नहीं है। यूपीएएसी के कल आए रिजल्ट में भी हरियाणा के होनहारों ने ये साबिक कर दिया है कि प्रदेश के युवा किसी से कम नहीं है। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी को पास करके अभ्यर्थियों ने प्रदेश का नाम रोशन किया है।
HR Breaking News (UPSC Result Haryana) सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट घोषित हो चुका है। इस परीक्षा में हरियाणा के भी अभ्यर्थियों ने परचम लहराया है। ऑपर्स में भी प्रदेश के होनहारों के नाम हैं। चलिए जानते हैं इस बार हरियाणा का संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कैसा प्रदर्शन रहा है-
टॉप 200 में कितने हरियाणवी
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में टॉप 200 में हरियाणा के अभ्यर्थियों का दबदबा रहा है। प्रदेश से अब तक के आंकड़ों के अनुसार 28 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। प्रदेश के एकांश ढुल ने देशभर में तीसरी रैंक हासिल की है। वहीं, टॉप 200 में कुल 11 अभ्यर्थी सामने आ चुके हैं। हालांकि यह आंकड़ा हो सकता है बढ़ भी जाए। अब तक की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 28 अभ्यर्थी हरियाणा से उत्तीर्ण हुए हैं। बता दें के 958 उम्मीदवारों ने देशभर में सफलता हासिल की है।
किसी ने असफलता के बाद पाई सफलता तो कोई बिना कोचिंग हुआ पास
यूपीएससी में पास होने वाले हर अभ्यर्थी की अपनी ही कहानी है। किसी ने असफलताओं के बाद दूसरे तीसरे प्रयास में सफलता पाई है तो किसी ने प्रथम प्रयास में ही झंड़ा फहरा दिया है। परिवार वालों को भी बच्चों की मेहनत पर गर्व है। यह आने वाले देश का भविष्य है।
हरियाणा से पास होने वाले अभ्यर्थियों की लिस्ट
जींद जिले के विकास कुंडू गांव पिल्लूखेड़ा के रहने वाले हैं। उन्होंने 27वीं रैंक हासिल की है। बता दें कि विकास कुंडू ने लास्ट ईयर 288वीं रैंक से आईपीएस प्रशिक्षण में थे और बेहतर रैंक के लिए दोबारा परीक्षा दी थी।
वहीं, यमुनानगर के जगाधरी की मानसी गुप्ता ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने 78वीं रैंक हासिल की है। मानसी ने नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु से शिक्षा प्राप्त कर सिविल सेवा में सफलता पाई है।
कुरुक्षेत्र की अमनप्रीत सैनी ढेरू माजरा गांव निवासी है। वह कृषि विभाग में कार्यरत हैं। अमनप्रीत ने 319वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी उच्च शिक्षा हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से हुई है। उन्होंने तीसरे प्रयास में सफलता पाई है।
इसी प्रकार फरीदाबाद के सेक्टर-28 निवासी कनिष्क ने 72वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने दूसरे प्रयास में यह रैंक हासिल की है। इससे पहले 279वीं रैंक से आईआरएस मिला था। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान अपनी तैयारी को कंटिन्यू किया।
जींद के नरवाना निवासी स्वाति आर्य ने 366वीं रैंक हासिल की है। स्वाति आर्य सेवानिवृत्त शिक्षक दिलबाग शास्त्री की पुत्री हैं। लगातार पढ़ाई के बाद उन्होंने यह सफलता पाई है।
रोहतक से शिखा सहरावत ने 113वीं रैंक हासिल की है। शिखा की सफलता के बाद घर परिवार में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के लोग भी उनकी सफलता पर उत्साहित हैं।
वहीं, हिसार के राहुल ने 379वीं रैंक हासिल की है। उकलाना के गांव बिठमड़ा के मूल निवासी राहुल ने चौथे प्रयास में सफलता प्राप्त की है। तीन बार वह इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई की है।
यमुनानगर नगर के जगाधरी के बीडीपीओ दीपांशु जिंदल ने दूसरे प्रयास में 38वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले दीपांशु जिंदल एचसीएस परीक्षा भी पास कर चुके हैं।
वहीं चरखी दादरी की अंशिका सांगवान चंदेनी गांव की रहने वाली हैं। अंशिका सांगवान ने प्रथम प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास करके जिले का नाम रोशन किया है। अंशिका ने 330वीं रैंक प्राप्त की है।
वहीं यमुनानगर के सेक्टर-17 की निवासी कशिश कालड़ा ने 96वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने यह दूसरे प्रयास में हासिल की है। इससे पहले उनका 111वां स्थान रहा था।
सोनीपत के वेस्ट रामनगर के रहने वाले वैभव भारद्वाज ने 344वीं रैंक हासिल की है। वैभव के पिता एक अधिवक्ता हैं।
पानीपत की श्रेया गुप्ता ने 114वीं रैंक हासिल की है। वह पानीपत के मॉडल टाउन की निवासी हैं और 22 वर्ष की आयु में कड़ी मेहनत के बल पर यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है।
चरखी दादरी जिले के यशवंत सांगवान ने भी हार न मानते हुए 5वें प्रयास में परीक्षा पास की है। वह एक किसान परिवार से संबंध रखते हैं।
वहीं सोनीपत के गांव बाघड़ू की निवासी मानसी डागर ने 137वीं रैंक हासिल की है। मानसी डागर ने प्रथम प्रयास में आईएफएस में उत्तीर्ण किया था और दूसरे प्रयास में बेहतर रैंक हासिल की है।
झज्जर के खेड़ी सुल्तानपुर गांव की शीतल चौहान ने भी परीक्षा पास की है। वह किसान परिवार से संबंध रखती हैं। कठिन परिश्रम और निरंतर तैयारी से उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा को पास किया है।
रोहतक के सेक्टर-3 निवासी दिव्या ने 182वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने इससे जिले का नाम रोशन किया है।
महेंद्रगढ़-नारनौल के माली टिब्बा क्षेत्र के निवासी कर्ण सिंह ने भी परीक्षा को पास कर लिया है। वह हिंदू कॉलेज दिल्ली से उत्तीर्ण हुए हैं। बता दें कि कर्ण सिंह के पिता जी वेल्डिंग का काम करते हैं। उन्होंने घर पर तैयारी करके परीक्षा पास की है।
सोनीपत के मुरथल निवासी अमन ने नौकरी के साथ तैयारी कर दूसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की है। वहीं, हांसी जिले के सिंघवा राघो गांव के रहने वाले ने अंकित भी परीक्षा पास की है। वह 2022 से रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन आफिसर के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी के साथ ही उन्होंने तैयारी की।
इसी प्रकार झज्जर जिले के जतिन जाखड़ ने 191वीं रैंक हासिल की है। वहीं, महेंद्रगढ़ के दौंगड़ा अहीर के तेजवीर सिंह ने भी परीक्षा पास की है। अंबाला के मुकुल जिंदल ने 243वीं रैंक हासिल की है। वह पिछले प्रयास में चार अंकों से चूक गए थे।
फरीदाबाद के मिर्जापुर गांव के नीरज यादव ने एचसीएस पास कर बीडीपीओ रहे है। अब उन्होंन यूपीएससी में सफलता हासिल की है। वहीं, रोहतक के सांपला क्षेत्र के गांव कुल्ताना निवासी प्रद्युमन सेठ ने 853वीं रैंक हासिल की है। चरखी दादरी के हंसावास निवासी सुनीता सांगवान ने चौथे प्रयास में परीक्षा पास की है।
इसी प्रकार महेंद्रगढ़ के खटोटी कलां निवासी नितीश कुमार ने भी सफलता हासिल की है। वह दिव्यांग हैं और किसान परिवार से हैं। उन्होंने गांव के विद्यालय से पढ़ाई की। उन्होंने ऑनलाइन अध्ययन से सफलता हासिल की है। वहीं, जींद के विकास कुंडू ने 27वीं रैंक व झज्जर के बादली क्षेत्र निवासी प्रख्या गुलिया ने 265वीं रैंक हासिल की है। वह इससे पूर्व 2 बार सिविल सेवा परीक्षा पास कर चुकी हैं।
