8th Pay Commission में इस आधार पर बढ़ेगी सैलरी, जानें कब तक आएगी रिपोर्ट, कितना होगा वेतन
8th Pay Commission - सातवें वेतन आयोग के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों की नजरें आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सैलरी कितनी बढ़ेगी और इसका फायदा कब से मिलेगा। जारी रिपोर्ट में फिटमेंट फैक्टर (fitment factor), नई बेसिक सैलरी और लागू होने की संभावित तारीख को लेकर अहम संकेत मिल रहे हैं, जिसे जानना कर्मचारियों के लिए जरूरी है...तो चलिए आइए जान लेते है नीचे इस खबर में-
HR Breaking News, Digital Desk- (8th Pay Commission) सातवें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है और अब सभी की नजरें आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं। देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और करीब 69 लाख पेंशनभोगी इसके लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आठवां वेतन आयोग कब लागू होगा और बढ़ी हुई सैलरी व पेंशन (8th Pay Commission salary hike 2026) का लाभ कर्मचारियों को कब से मिलेगा।
चाहे इंस्पेक्टर हों, शिक्षक, सीबीआई अधिकारी या फिर जूनियर इंजीनियर-हर किसी की नजर सैलरी हाइक पर टिकी है। इस रिपोर्ट में हम लेवल-6 के कर्मचारियों की संभावित सैलरी बढ़ोतरी (Possible salary hike for employees) का पूरा कैलकुलेशन आसान भाषा में समझेंगे। लेकिन उससे पहले जान लेते हैं कि आखिर लेवल-6 में कौन-कौन से पद शामिल होते हैं।
जानिए लेवल-6 में शामिल कर्मचारियों की पूरी लिस्ट -
सुपरिंटेंडेंट- मंत्रालयों में फाइलें देखने और काम करवाने वाला सीनियर क्लर्क।
सेक्शन ऑफिसर (Section Officer)- किसी सेक्शन (विभाग के छोटे हिस्से) का मुख्य अधिकारी, फाइलें पास करता है।
असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर- सेक्शन ऑफिसर का सहायक, प्रमोशन के बाद ये पद मिलता है।
इंस्पेक्टर (Inspector)- इनकम टैक्स, कस्टम्स, CBI या डाक विभाग में जांच करने वाला अधिकारी।
जूनियर इंजीनियर- सरकारी इंजीनियरिंग विभागों में छोटे-मोटे प्रोजेक्ट देखने वाला इंजीनियर।
प्राइमरी स्कूल टीचर (primary school teacher)- केंद्रीय विद्यालय (KV) में छोटी क्लासों (1 से 5) का शिक्षक।
ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (कुछ)- केंद्रीय स्कूलों में मिडिल क्लास पढ़ाने वाले कुछ शिक्षक।
नर्सिंग ऑफिसर (nursing officer)- सरकारी अस्पतालों में सीनियर नर्स, मरीजों की देखभाल और स्टाफ मैनेज करती है।
रिसर्च असिस्टेंट- सरकारी रिसर्च संस्थानों में शोध कार्य में मदद करने वाला।
लाइब्रेरियन- सरकारी लाइब्रेरी या संस्थान में किताबें मैनेज करने वाला।
कितना फिटमेंट फैक्टर होगा आठवें वेतन आयोग में-
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल के अनुसार, आठवें वेतन आयोग के लिए संभावित फिटमेंट फैक्टर 2.13 हो सकता है, हालांकि कर्मचारी संगठन 2.64 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर में मौजूदा 58% महंगाई भत्ता, आयोग लागू होने तक डीए में संभावित बढ़ोतरी (DA Hike Updates), वार्षिक वेतन वृद्धि और परिवार इकाइयों की औसत संख्या (3.6) जैसे कारकों को शामिल किया गया है।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर ? (Define fitment factor?)
डॉ. मंजीत पटेल के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर (multiplier) होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी (employees pension hike) भी उतनी ही ज्यादा होगी।
फिटमेंट फैक्टर कैसे काम करता है? कैलकुलेशन से समझें
अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी (employees basic salary) 18,000 रुपए है और फिटमेंट फैक्टर 2.64 तय होता है, तो:
₹34,500 × 2.64 = ₹93,456
यानी बेसिक सैलरी सीधे बढ़कर ₹93,456 हो जाएगी।
डॉ. मंजीत पटेल के अनुसार, इस बार तीन फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) में से कोई एक लागू हो सकता है। इनमें 2.13, 2.64 और 2.80 शामिल हैं।
2.13 फिटमेंट फैक्टर का मतलब 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' स्थिति है।
2.64 को न्यूनतम ठीक-ठाक फिटमेंट फैक्टर माना जा रहा है।
2.8 या उससे ऊपर तब संभव है, जब फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 मानी जाए।
लेवल-1 से लेवल-18 तक के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी-
ग्रेड - वर्तमान बेसिक पे - अनुमानित बेसिक पे
Level 1 - 18,000 - 47520
Level 2 - 19,900 - 52536
Level 3 - 21,700 - 57288
Level 4 - 25,500 - 67320
Level 5 - 29,200 - 77088
Level 6 - 35,400 - 93456
Level 7 - 44,900 - 118536
Level 8 - 47,600 - 125664
Level 9 - 53,100 - 140184
Level 10 - 56,100 - 148104
Level 11 - 67,700 - 178728
Level 12 - 78,800 - 208032
Level 13 - 118,500 - 312840
Level 13 - 131,100 - 346104
Level 14 -144,200 - 380688
Level 15 - 182,200 - 481008
Level 16 - 205,400 - 542256
Level 17 - 225,000 - 594000
Level 18 - 250,000 - 660000
किन फैक्टर्स पर निर्भर करता है फिटमेंट फैक्टर-
- महंगाई और जीवन-यापन की लागत
- CPI और CPI-IW के आंकड़े
- सरकार की वित्तीय स्थिति और बजट
- कुल वेतन खर्च की सीमा
- प्राइवेट सेक्टर से सैलरी की तुलना
- इंडस्ट्री सैलरी सर्वे और मार्केट बेंचमार्क
फैमिली यूनिट और खर्च की गणना... कैसे तय होता है फिटमेंट फैक्टर?
वेतन आयोग सबसे निचले स्तर के कर्मचारी को आधार बनाता है।
फैमिली यूनिट: कर्मचारी + पत्नी/पति + 2 बच्चे (मौजूदा नियम), जिसे कर्मचारी को 1 यूनिट, पति/पत्नी को 1 यूनिट और दो बच्चों को आधा-आधा यूनिट माना जाता है, जो कुल मिलाकर तीन यूनिट होते हैं। (How is the fitment factor decided?)
दिनभर में कितनी कैलोरी लेना है सही?
खाना, कपड़ा, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और न्यूनतम सामाजिक जरूरतों पर एक दिन का औसत खर्च निकाला जाता है। इसके बाद उसे 30 से गुणा कर महीने की न्यूनतम सैलरी तय की जाती है। इसी आधार पर अलग-अलग लेवल की सैलरी निर्धारित (Salary fixed for different levels) होती है और नया वेतनमान लागू होने पर डीए फिर से शून्य से शुरू किया जाता है।
कब से आएगी बढ़ी हुई सैलरी-
आठवें वेतन आयोग (8th pay commission salary hike 2026) को 1 जनवरी 2026 से ड्यू माना जा रहा है, यानी नियमों के अनुसार बढ़ी हुई सैलरी इसी तारीख से मिलनी चाहिए। हालांकि डॉ. मंजीत पटेल के मुताबिक, आयोग की रिपोर्ट, कैबिनेट की मंजूरी और लागू होने की प्रक्रिया में करीब 18 से 24 महीने लग सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी (employees salary hike) का लाभ 1 जुलाई 2027 या फिर 1 जनवरी 2028 से मिलने की संभावना जताई जा रही है।
