Indian Railway : ट्रेन का टिकट कैंसिल करने के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, नहीं मिलेगा कोई रिफंड
HR Breaking News (Indian Railway) कई बार लोग कई महीनो पहले टिकट रिजर्व तो करा लेते हैं, लेकिन कुछ समय पहले ही टिकट केंसिल करवा देते हैं। अब हाल ही में रेलवे ने टिकट कैंसिल कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब टिकट कैंसिल (Railway Ticket Cancellation Policy) कराने पर यात्रियों की जेब पर असर पड़ने वाला है। रेलवे ने नियमों में बदलाव करते हुए सख्ती अपनाई है। खबर में जानिए रिफंड कब तक मिलेगा।
क्यों 4 से 8 घंटे हुई सीमा
दरअसल, आपको बता दें कि अब अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट ट्रेन (Confirmed train ticket) छूटने से आठ घंटे से कम वक्त से पहले कैंसिल करता है तो उस यात्री को रेलवे की ओर से कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इससे पहले तो यह सीमा चार घंटे थी, जिसे बढ़ाकर आठ घंटे किया गया है। अब यात्रियों को अपनी यात्रा का निर्णय पहले लेना होगा। यात्रियों की सुविधा के लिहाज से रेलवे ने चार्ट तैयार करते वक्त चार घंटे से बढ़ाकर 8 घंटे पहले कर दिया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कही ये बात
अभी यह नए नियम (Rail Ticket Cancellation Rules) लागू नहीं हुए हैं। हालांकि ये नए नियम 1 से 15 अप्रैल के दौरान लागू होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से 52 हफ्ते में 52 सुधारों की प्रयासों के तहत बताया है कि यह बदलाव रेलवे में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किया गया है और खाली सीटों का यूज करने के लिए किया है। इससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने का फायदा मिलेगा ।
रेलवे की ओर से नियमों (railway rules) में इस सख्ती से टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगेगी। कई बार एजेंट बड़ी संख्या में टिकट की बुकिंग तो कर लेते हैं और जरूरत न होने पर आखिरी वक्त में केसिंल करा कर रिफंड ले लेते थे, जिससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट (Confirmed tickets to passengers) भी नहीं मिल पाता था। ऐसे में अब इन नियमों के हिसाब से रिफंड पूरी तरह आपने टिकट कब कैंसिल किया, इस बात पर निर्भर करेगा।
यात्रियों को कब मिलेगा पूरा रिफंड
वहीं, अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 72 घंटे पहले टिकट को केंसिल करता है तो उसे पूरा रिफंड (Cancellation of ticket refund) मिलेगा। सिर्फ एक छोटा-सा तय शुल्क ही कटेगा। अगर आप यात्रा से 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट को केंसिल कराते हैं तो टिकट राशि का 50 प्रतिशत ही कटेगा। हालांकि इससे पहले यह नियम 12 से 4 घंटे के बीच लागू होता था। ठीक ऐसे ही 72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट केंसिल कराने पर अब टिकट कीमत का 25 प्रतिशत ही काटा जाएगा।
अगर ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे से ज्यादा पहले टिकट केंसिल की जाती है तो इससे हर एक यात्री को तय रद्दीकरण शुल्क काटकर पूरे रिफंड (Cancellation Fee Refund) का फायदा मिल जाएगा। मौजूदा नियमों के मुताबिक 48 से 12 घंटे के बीच टिकट केंसिल कराने पर 25 प्रतिशत कटता था। जबकि 48 घंटे से ज्यादा पहले टिकट केंसिल होने पर पूरा रिफंड मिलता था।
काउंटर टिकट के नियमों में भी हुआ बदलाव
इसके साथ ही काउंटर से टिकट (counter ticket rules) लेने पर आप उस टिकट को देश के किसी भी स्टेशन से रद्द करा सकते हैं। पहले यह सर्विस जहां से टिकट लिया गया था, वहीं तक सीमित थी। वहीं ई-टिकट के जरिए प्रोसेस आसान कर दिया गया है और टिकट कैंसिल होते ही रिफंड की शुरुआत हो जाएगी।
कुछ स्थितियों में यात्रियों को बेहद राहत मिलेगी। अगर ट्रेन केंसिल हो जाती है या तीन घंटे से अधिक लेट होती है, तो तो यात्री को पूरा रिफंड वापस मिल जाएगा। वहीं, वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म नहीं हो पाता है, तो वो केंसिल हो जाएगा और पूरा रिफंड वापस मिल जाएगा।
बोर्डिंग से जुड़े नियमों में बदलाव
इसके साथ ही बोर्डिंग से जुड़े नियम (Boarding rules) भी बदले गए हैं। अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपने बोर्डिंग स्टेशन को बदल सकते हैं। यहां पर एक ही शहर में कई स्टेशन होते हैं। हा पर एक बार बोर्डिंग स्टेशन जैसे ही बदलते हैं तो उसके बाद पुराने स्टेशन से यात्रा नहीं होगी। सब मिलाकर रेलवे का यह नया नियम यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद है।
