Expressway के लिए भूमि अधिग्रहण का काम हुआ शुरू, 8 किलोमीटर एरिया के किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा
HR Breaking News : (New Expressway) सरकार की तरफ से देश के विकास को नई दिशा प्रदान करने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। देश में अब एक और बड़ा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। आपको बता दे की सरकार की तरफ से गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Siliguri Expressway) के निर्माण कार्य के लिए जमीन अधिग्रहण (Land acquisition for construction work) का कार्य शुरू हो चुका है। यह एक्सप्रेसवे तकरीबन 519 किलोमीटर लंबा होगा और बिहार, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ेगा।
देश के विकास की रफ्तार को तेज करने वाली इस परियोजना का लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा गोरखपुर जनपद में पड़ेगा। इस परियोजना को ध्यान में रखते हुए, जिले के 12 राजस्व गांवों में 69.57 हेक्टेयर जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
इतने गांवो की जमीन का अधिग्रहण होगा ?
गोरखपुर जनपद में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट (Land acquisition) तय कर लिया गया है। सर्वेक्षण के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे का तकरीबन 8 किलोमीटर लंबा हिस्सा 12 गांवों की जमीन से होकर गुजरेगा। इन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया (Land acquisition process) शुरू की जा रही है। प्रशासन ने संभावित विवादों से बचने के लिए इन गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
निबंधन कार्यालय को सौंपी सूची
जमीनों की हो रही अवैध खरीद-बिक्री पर रोक (Preventing illegal buying and selling) लगाने के लिए निबंधन कार्यालय को 577 गाटा नंबरों की लिस्ट उपलब्ध कराई गई है। इन गाटा नंबरों से संबंधित जमीनों की रजिस्ट्री जमीन अधिग्रहण के प्रोसेस को होने तक नहीं की जाएगी। जमीन अधिग्रहण के बाद ही प्रशासन द्वारा अनुमति मिलने पर रजिस्ट्री हो पाएंगी।
यहां से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
देश में बनने वाला यह एक्सप्रेसवे यूपी के कुशीनगर जनपद के हाटा, कसया और तमकुहीराज तहसील से होकर गुजरेगा। गोरखपुर में इस एक्सप्रेसवे का प्रारंभ जगदीशपुर जंगल कौड़िया बाईपास के करमहा क्षेत्र से होगा। इस परियोजना से पूर्वांचल को काफी अच्छी यातायात सुविधा मिलने की संभावना है।
प्राइवेट व सरकारी जमीन होगी शामिल
एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण (Expressway News) में प्राइवेट कृषि भूमि के साथ-साथ सरकारी चकमार्ग, नाली, रास्ता, नवीन परती भूमि और नदी के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। प्रशासन की तरफ से पहले 3D सर्वे करवाया जाएगा फिर विधिवत जमीन अधिग्रहण कर एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
प्रोसेस के अनुसार मुआवजा किया जाएगा प्रदान
AIG एआईजी स्टांप संजय दुबे की तरफ से बताया गया है कि जमीन अधिग्रहण के लिए सभी राजस्व गांवों की लिस्ट प्राप्त हो चुकी है और रजिस्ट्री पर रोक (Land registration is suspended) लगा दी गई है। जमीन मालिकों को तय प्रोसेस के अनुसार मुआवजे की राशि प्रदान की जाएगी। लेकिन अभी इससे जुड़े इन गांवों में जमीन का कोई भी लेन–देन नहीं हो सकेगा।
