Haryana में एक ही पिलर पर चलेगी मेट्रो और कार, प्रस्ताव हुआ तैयार
Haryana - हरियाणा में ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए सरकार एक नई और स्मार्ट योजना पर काम कर रही है। इसके तहत एक ही पिलर पर नीचे एलिवेटेड रोड और ऊपर मेट्रो लाइन बनाई जाएगी, जिससे जगह की बचत होगी और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इस प्रस्ताव को गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने तैयार कर सरकार को भेजा है... इस अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के सेक्टर-56 से पचगांव तक बनने वाले एलिवेटेड रोड और मेट्रो कॉरिडोर (Metro Corriodor) के लिए कॉमन पिलर बनाए जाएंगे। यानी एक ही पिलर पर नीचे सड़क चलेगी और ऊपर उसी ढांचे पर मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी।
इस प्रस्तावित रूट को लेकर गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने योजना तैयार कर हरियाणा सरकार को भेज दी है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की निगरानी में जीएमआरएल द्वारा आगे की प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव (increasing traffic pressure) को कम करने और लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार एलिवेटेड रोड और मेट्रो रूट की योजना पर काम कर रही है। इससे न्यू गुरुग्राम (DLF) की ओर रहने वाले लोगों और फरीदाबाद से आने-जाने वालों को नया कनेक्टिविटी विकल्प मिलेगा। साथ ही मानेसर से दिल्ली-जयपुर हाईवे (Delhi-Jaipur Highway) तक लगने वाले जाम से भी वाहन चालकों को राहत मिलेगी। पहले मेट्रो और एलिवेटेड रोड को अलग-अलग बनाने की योजना थी।
करीब दस दिन पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Chief Minister Nayab Singh Saini) गुरुग्राम आए थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को योजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। पहले मेट्रो और एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (Elevated Expressway) को अलग-अलग बनाने की योजना थी, दोनों के लिए अलग-अलग जमीन चाहिए थे।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने अब एक ही रूट पर दोनों परियोजनाओं को लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत एक ही पिलर पर नीचे एलिवेटेड रोड और उसके ऊपर मेट्रो का रूट बनाया जाएगा। अब यह देखना होगा कि सरकार इस संयुक्त प्रस्ताव को मंजूरी देती है या नहीं।
जीएमआरएल का कहना है कि इस योजना से कम जगह की जरूरत पड़ेगी और लागत भी घटेगी। मेट्रो रूट (Metro Route) के लिए जो अलग से जमीन तय की गई थी, उसे छोड़ा जाएगा ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर सड़क को चौड़ा किया जा सके। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्री (Union Urban Development Minister) को भी पसंद आया है।
