Metro कराती है लोगों की ईएमआई आसान, रिपोर्ट में हुआ साफ
Metro Update : मेट्रो का यूज करने के काफी लाभ होते हैं। लेकिन अब इसका एक ओर बड़ा फायदा सामने आ रहा है। बता दें कि अब मेट्रो के माध्यम से ईएमआई (Loan EMI) काफी ज्यादा आसान हो जाएगी। इसको लेकर रिपोर्ट में साफतौर पर जानकारी दे दी गई है। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
HR Breaking News (Latest Report on Metro Facility) मेट्रो को लेकर हाल ही में एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। बता दें अब मेट्रो के माध्यम से ईएमआई भी काफी ज्यादा आसान हो जाएगी। इसको लेकर एक रिपोर्ट (Metro Facility Report) में बड़ा अपडेट जारी किया गया है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
मेट्रो स्टेशन के पास रहने वालों के लिए बड़ी राहत
अगर आप भी मेट्रो स्टेशन के पास रहते हैं, तो फिर ये आपकी होम लोन की किस्त को कम करने में मदद कर सकता है। हाल ही में एक नई रिपोर्ट सामने आई है। इसमें पिछले एक दशक में भारत में मेट्रो रेल नेटवर्क (metro rail network) का तेजी से विस्तार कर दिया गया है। इस विस्तार को आमतौर पर लोगों के आने-जाने में आसानी, ट्रैफिक जाम कम होने और पर्यावरण को फायदा होने के नजरिए से देखा जा रहा है।
वित्तीय व्यवहार और कर्ज चुकाने पर पड़ा प्रभाव
इसके साथ ही प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM Latest Update) के एक हालिया वर्किंग पेपर ने एक ऐसे पहलू पर भी ध्यान दिया है जोकि शायद उतना चर्चा में नहीं रहा है। हालांकि आर्थिक रूप से ये काफी ज्यादा जरूरी है। शहरी मास ट्रांजिट (सार्वजनिक परिवहन) का परिवारों के वित्तीय व्यवहार और कर्ज (Loan EMI) चुकाने की अनुशासन पर प्रभाव देखने को मिल रहा है। ये पेपर के माध्यम से बताता है कि मेट्रो कनेक्टिविटी से लोगों का आने-जाने का खर्च भी कम हो जाता है और निजी वाहनों पर भी निर्भरता कम हो जाती है। इसकी वजह से परिवारों की आर्थिक स्थिति (Metro Station) मजबूत होती है और वे वित्तीय रूप से ज्यादा स्थिर बने रहेंगे।
रिसर्च पेपर में दी इस बात की जानकारी
पेपर के मुताबिक जब लोगों को आने-जाने के लिए बेहतर और तेज सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल जाती है तो फिर वे निजी वाहनों पर कम निर्भर होते हैं। इसकी वजह से उनके आने-जाने का खर्च (Metro Station and EMI Connection) भी काफी ज्यादा कम हो जाता है। ये खर्च कम होने की वजह से ईएमआई चुकाने का बोझ भी हल्का हो जाता है, जोकि शहरी परिवारों के लिए सबसे बड़े निश्चित वित्तीय खर्चों में से एक रहा है।
मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर की बदली स्थिति
पेपर में बताया गया है कि पिछले एक दशक में शहरी मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर (यानी आने-जाने की सुविधाओं) में किए गए निवेश, खासतौर पर मेट्रो रेल के विस्तार से, परिवारों का नकदी प्रबंधन (EAC-PM Research Report) और भी ज्यादा मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कर्ज लेने में ज्यादा अनुशास को दिखाया है। पेपर में ये भी बताया जा रहा है कि व्यवहार में ये सुधार परिवारों की वित्तीय मजबूती की एक महत्वपूर्ण नींव को बना रहे हैं और व्यापक वित्तीय स्थिरता (Home Loan EMI) में सार्थक योगदान देते हैं।
आने-जाने का खर्च रखता है मायने
भारत में शहरी परिवारों को आमतौर पर बड़े फिक्स्ड वित्तीय खर्चों का सामना करना पड़ता है। इनमें सबसे बड़ा मासिक खर्च होम लोन की ईएमआई का ही होता है। बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली जैसे शहरों में निजी वाहन (Home Loan EMI Update) रखने से जुड़े बड़े परिवहन खर्चों की वजह से ये बोझ और भी ज्यादा तेज हो जाता है। व्हीकल लोन, पेट्रोल-डीजल का खर्च, इंश्योरेंस, मेंटेनेंस और पार्किंग, ये सब मिलकर डिस्पोजेबल इनकम (खर्च करने लायक आय) का एक बड़ा रहा है।
ये खर्च हो जाते हैं काफी कम
वर्किंग पेपर में बताई गई मुख्य वजह काफी ज्यादा सपष्ट है। जब लोगों को कुशल और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन की सुविधा दी जाती है तो वे निजी वाहनों पर कम निर्भर होते हैं। इसकी वजह से उनके गाड़ी खरीदने, बार-बार पेट्रोल (EMI Effect Through Metro Station) आदि जैसे खर्च काफी हद तक कम हो जाते हैं। इसकी वजह से हाथ में ज्यादा पैसे को बचाया जा सकता है। इसकी वजह से परिवारों के लिए समय पर ईएमआई चुकाना आसान हो जाता है।
