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Haryana में चलेंगी नई बसें, 200 ई बसों के लिए 40 विभागों में टेंडर फाइनल, रूट का क्या होगा

Haryana - हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने 200 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से जुड़े 40 से अधिक विभागों के टेंडर को अंतिम रूप दे दिया है। नई बसों के संचालन से यात्रियों को आधुनिक, सस्ती और पर्यावरण-अनुकूल सुविधा मिलने की उम्मीद है... आइए नीचे खबर में जान लेते है आखिर इनका रूट क्या रहेगा-

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Haryana में चलेंगी नई बसें, 200 ई बसों के लिए 40 विभागों में टेंडर फाइनल, रूट का क्या होगा

HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana) हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को तेज करते हुए 40 से अधिक प्रशासनिक विभागों की खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया है। नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में बिजली, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, परिवहन और आईटी सहित कई विभागों से जुड़ी विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विकास कार्यों के टेंडर जारी करने को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सिटी बस सेवा (Pradhan Mantri City Bus Service) के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम (gurugram) में 200 सिटी इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दे दिया गया।

अंबाला (Ambala) में 13 करोड़ रुपये और हिसार (Hissar) में 14 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बस डिपो (Electric Bus Depot) बनाए जाएंगे। बैठक के दौरान नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे और एक-एक पैसे के सही उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में पलवल में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अमृत-2 योजना के तहत दो रेनिवेल और एक बूस्टिंग स्टेशन (boosting station) के निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया।

इस परियोजना पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। महेंद्रगढ़ (Mahendargarh) के गांव सिरोही बिहाली में 6 एमएलडी क्षमता के जलघर के निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिस पर 53.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस जलघर से आसपास के करीब 39 गांवों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। वहीं, रेवाड़ी में 27 करोड़ रुपये की लागत से 8 एमएलडी क्षमता का रॉ-वॉटर स्टोरेज टैंक (Raw-water storage tank) बनाया जाएगा।