Delhi-NCR में बसेगा नया ड्रीम प्रोजेक्ट, दुबई मॉडल पर होगा तैयार
HR Breaking News - (Delhi-NCR)। दिल्ली-एनसीआर में अब एक ओर नए प्रोजेक्ट का काम शुरू हो गया है। अब जल्द ही दिल्ली -NCR में नया ड्रीम प्रोजेक्ट (Dream Project in Delhi-NCR) बसाया जाने वाला है। दिल्ली-एनसीआर में ये नया शहर दुबई मॉडल पर बेसड होगा। इसके लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। खबर में जानिए कि इसके लिए कितने गांवो की जमीन को लिया जाएगा।
आवासीय हब के तौर पर बसेगा ये शहर
बता दें कि नोएडा प्राधिकरण की ओर से 'नया नोएडा' (New Noida Master Plan 2041) को सबसे आधुनिक शहरों में से एक बनाने का खाका तैयार कर लिया है। इसे अबु धाबी और शिकागो (Abu Dhabi model New Noida) जैसे इंटरनेशनल शहरों की तर्ज पर बनाने का प्लान किया जा रहा है, जहां औद्योगिक विकास और लग्जरी लाइफस्टाइल का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
सरकार का मकसद है कि यह इलाका भविष्य में एक बड़े औद्योगिक और आवासीय हब के तौर पर बसाया जाएगा, ,जहां हजारों उद्योग और लाखों लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। मास्टर प्लान-2041 (Master Plan-2041) के तहत इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार किया गया है। योजना के मुताबिक यहां पर लगभग 3000 नई औद्योगिक इकाइयां की स्थापना होगा, जिससे यह इलाका बड़े इन्वेस्टमेंट और रोजगार का केंद्र बनेगा।
80 गांवों की जमीन पर बसेगा नया शहर
कुल आबादी की बात करें तो नया नोएडा की कुल आबादी (total population of noida) लगभग 6 लाख होगी, जिसमें तकरीबन 3.5 लाख प्रवासी आबादी को शामिल किया गया है। इतनी बड़ी आबादी और औद्योगिक जरूरतों पर गौर करते हुए हर रोज 300 एमएलडी पानी की सप्लाई का प्लान तैयार किया गया है। 85 एमएलडी पानी घरेलू उपयोग के लिए मौजूद कराया जाएगा। नकारी के लिए बता दें कि नया नोएडा (new noida) शहर बुलंदशहर और दादरी इलाके के लगभग 80 गांवों की जमीन पर बसाए जाने की योजना बनाई है। जमीन अधिग्रहण के लिए लैंड पूलिंग मॉडल को अपनाया जाना है, ताकि किसानों को भी इसका लाभ मिल सकें।
पर्यावरण संरक्षण का रखा जाएगा खास ध्यान
दिल्ली के इस नए शहर के प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण (environmental protection) पर भी खास गौर किया गया है और शहर में 58।96 हेक्टेयर इलाके में झीलें और 91.75 हेक्टेयर क्षेत्र में नहरों का निर्माण किया जाएगा और इन नहरों से शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ ही भूजल स्तर को सुधारने और वेटलैंड को संरक्षित रखा जा सकेगा। उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी के रिफाइनमेंट के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (sewage treatment plant) को भी लगाया जाएगा।
मास्टर प्लान 2041 (Master Plan 2041) के मुताबिक DNGIR का कुल क्षेत्रफल लगभग 21 हजार हेक्टेयर होगा, जिससे तकरीबन 8811 हेक्टेयर इलाके ऐसे होंगे, जो औद्योगिक गतिविधियों के लिए रिजर्व रहेंगे। वहीं, 2 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन आवासीय विकास के लिए रिजर्व की गई है।
आवासीय केंद्र बनकर उभरेगा नया शहर
इस नई टाउनशिप में आवासीय (Residential in New Township) जरूरतों पर गौर करते हुए यहां EWS, LIG, MIG और HIG श्रेणियों में टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 फ्लैट का निर्माण किया जाएगा और आवासीय विकास के लिए तकरीबन 2,477 हेक्टेयर भूमि आरक्षित कर दी गई है। सरकार के अनुसार नया नोएडा आगामी समय में उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र बनकर उभरने वाला है।
