Haryana UP के 23 जिलों में बनेगा नया एक्सप्रेसवे, 133 गांवों की होगी मौज, इतने करोड़ होंगे खर्च
Haryana UP Expressway : देश के कई हिस्सों में इन दिनों सड़क व्यस्था को सुचारू बनाने के लिए नए-नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। अब जल्द ही एक ऐसा एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाला है, जो हरियाणा यूपी के कुल 23 जिलों से होकर गुजरने वाला है। इस नए एक्सप्रेसवे (New Expressway) से 133 गांवों के लोगों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि ये एक्सप्रेसवे कहां बनाया जाने वाला है और ये कौन सा एक्सप्रेसवे है।
HR Breaking News (Haryana UP Expressway) एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। अब जल्द ही यूपी और हरियाणा के सीधे जुड़ाव के लिए और लोगों के सफर को आसान बनाने के लिए हरियाणा, यूपी (Haryana UP Expressway) के 23 जिलों में एक नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्लान तैयार किया गया है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस एक्सप्रेसवे के बारे में।
इस जिले से यूपी में एंट्री करेगा एक्सप्रेसवे
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे (Panipat-Gorakhpur Expressway) सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र से यूपी में एंट्री करेगा और उसके बाद यह एक्सप्रेसवे संतकबीरनगर के मेंहदावल, गोरखपुर जिले के सदर और कैंपियरगंज क्षेत्र से होकर कुशीनगर जिले के हाटा तक निर्मित किया जाएगा। NHAI ने जो सर्वे कराया है, उसके तहत सिद्धार्थनगर के बांसी क्षेत्र में 37 गांवों से होकर यह 16.69 किलोमीटर लंबा मार्ग प्रस्तावित किया गया है।
किन इलाकों से कितने गांव होंगे शामिल
बता दें कि संतकबीरनगर के मेंहदावल इलाकों में 29 गांवों के अंडर 22.5 किलोमीटर सड़क (New Expresswaty) का निर्माण किया जाएगा। वहीं, गोरखपुर जिले की सदर तहसील के 24 गांवों और कैंपियरगंज के 22 गांवों में कुल 34.22 किलोमीटर हिस्सा शामिल किया जाएगा। कुशीनगर के हाटा इलाकें में 21 गांवों से होकर 12.8 किलोमीटर लंबा रास्ता तैयार किया जाएगा।
कितना लंबा बनेगा यह एक्सप्रेसवे
लंबाई की बात करें तो पानीपत–गोरखपुर एक्सप्रेसवे (Panipat-Gorakhpur Expressway) की कुल लंबाई लगभग 747 किलोमीटर के आस-पास होगी। हालांकि आगे चलकर यह एक्सप्रेसवे बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र से होकर जाएगा और गोरखपुर जिले में नयनसर के निकट यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर–सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग को क्रॉस करेगा।
भूमि अधिग्रहण के लिए किया जाएगा अधिकारी नियुक्त
गोरखपुर के जिलाधिकारी का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे का एलाइन्मेंट तय हो चुका है। ये एक्सप्रेसवे गोरखपुर के 46 गांवों से होकर गुजरेगा। NHAI की ओर से अब इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जल्द ही भूमि अधिग्रहण के लिए अधिकारी (Officials for land acquisition) नियुक्त किया जाएगा। ताकि समय पर अधिग्रहण का प्रोसेस समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
एक्सप्रेसवे के पास रहने वाले लोगों की चमकेगी किस्मत
जैसे ही यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा इससे पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बीच सफर सुगम होगा। उम्मीद है कि इस एक्सप्रेसवे (Haryana Up Expressway Updates) के निर्माण से व्यापार, उद्योग, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिल सकता है। इससे लोगों को बेहतर रोड कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्रा के समय में बचत होगी। वहीं इस एक्सप्रेसवे के पास रहने वाले लोगों की किस्तम चमक जाएगी, क्योंकि उनकी जमीन की कीमतें में बंपर उछाल आएगा।
हरियाणा के इन जिलों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे (Panipat-Gorakhpur Expressway News) के निर्माण से यूपी के लगभग 22 जिलों को सीधे तौर पर फायदा होगा। इन जिलों में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, मेरठ, अमरोहा, संभल, बरेली, रामपुर, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बलरामपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर का नाम शामिल है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से व्यापार में सुधार होगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से हरियाणा के पानीपत जिले को लाभ होगा और आस-पास के करनाल, सोनीपत जिलो का भी इसका फायदा मिलेगा।
इन गांवों में होगा भूमि का अधिग्रहण
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे (Panipat-Gorakhpur Expressway News) को बनाने के लिए जिन गांवों में भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। उनमे गोरखपुर और बस्ती डिवीजनों के 133 गांवों का नाम शामिल है। इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत सिद्धार्थनगर के बंसी से होगी और ये एक्सप्रेसवे संत कबीर नगर के मेहदावल और गोरखपुर के सदर और कैंपियरगंज हिस्सों से होकर के जाएगा।
प्रोजेक्ट में आएगी इतनी लागत
लागत की बात करें तो पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे की लागत (Cost of Panipat-Gorakhpur Expressway) तकरीबन 15,000 रुपये करोड़ के आस-पास आंकी गई है। यह लगभग 747 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जो 4-6 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर होगा। ये एक्सप्रेसवे पूर्वी यूपी और हरियाणा को आपस में कनेक्ट करेगा। हालांकि बाद में इस एक्सप्रेसवे को बाद में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
