New Railway Line : अब बिछेगी एक और नई रेलवे लाइन, राजधानी दिल्ली से हरियाणा तक के कई जिलों को होगा लाभ
New Railway Line Update :हरियाणा में जल्द ही नई रेलवे लाइन को बिछाए जाने की योजना है। राजधानी दिल्ली से लेकर हरियाणा के कई जिलों में नया रेलवे नेटवर्क डेवलप किया जाएगा। नई रेलवे लाइन के बिछने से प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ होगा।
HR Breaking News (Haryana New Railway Line) हरियाणा समेत देशभर में लगातार नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही हैं। रेलवे के नेटवर्क को लगातार मजबूती प्रदान की जा रही है। इसी कड़ी में अब राजधानी दिल्ली से हरियाणा के कई जिलों से होते हुए एक और रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।
किन जिलों से होकर गुजरेगी लाइन
रेलवे की नई लाइन (New Railway Line in Haryana) को हरियाणा के पांच जिलों से गुजारा जाएगा। यानी की करीब एक चौथाई हरियाणा को इसका सीधा लाभ होगा। प्रदेश के लाखों लोगों को रेलवे की ओर से ये सौगात दी जाएगी। रेलवे लाइन (railway line update) को दिल्ली से अंबाला तक बिछाया जाएगा। इसमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत को शामिल किया गया है। सीधा लाभ तो इन जिलों को होगा ही, साथ में रणनीति के लिहाज से दिल्ली से लेकर पंजाब तक को इस रेलवे लाइन का लाभ मिलने जा रहा है।
मंत्री की ओर से दी गई जारकारी
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में इस नई रेलवे लाइन को लेकर फैसला लिया गया है। इसके बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से जानकारी दी गई है। उन्होंने इसे यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। रेलवे लाइन करीब 194 किलोमीटर लंबी होगी, जिसपर 5983 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
चार साल में होगा काम पूरा
नई रेलवे लाइन (New Railway Line) को बिछाने का काम आने वाले चार सालों में किया जाएगा। इससे देश के 32 रेलवे स्टेशंस को लाभ मिलेगा। इन रेलवे स्टेशंस को उन्नत सुविधाओं से लैस किया किया जाएगा। 4 साल में इस रेलवे लाइन को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
भूमि अधिग्रहण की नहीं होगी जरूरत
आम तौर पर देखा जाता है कि जब भी कोई नया प्रोजेक्ट आता है तो भूमि अधिग्रहण (land acquisition) किया जाता है। परंतु, इस नई रेलवे लाइन के लिए किसी प्रकार का भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। दरअसरल, भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता ही नहीं रहेगी। इस रेलवे लाइन के साथ रेलवे की कईं जमीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इस परियोजना के तहत रेल लाइन पर कुल 29 पुलों का निर्माण किया जाएगा। नई रेलवे लाइन के बीच में आने वाले पुराने पुलों का पुन: र्निर्माण किया जाएगा।
प्रदूषण होगा कम
परियोजना न केवल विकास पर फोकस रखते हुए, बल्की पर्यावरण के लिहाज से भी आगे बढ़ाई जा रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन रुक सकेगा। नई परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली से पंजाब और आगे जम्मू तक कनेक्टिविटी सुधरेगी।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी चल रहा है काम
रेलवे की ओर से हरियाणा (Haryana Railway Network) के लिए कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। आर्बिटल रेल कारिडोर (orbital rail corridor) सबसे बड़ी परियोजना चल रही है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ नई इलेक्ट्रिक डबल ब्राड-गेज लाइन पलवल से शुरू होकर सोहना, मानेसर और खरखौदा के रास्ते हरसाना कलां (सोनीपत) तक बिछेगी। वहीं, एक तरफ करनाल-यमुनानगर रेल लाइन स्वीकृत हो चुकी है।
इस रेलवे लाइन (New Rail Line) का रूट 61 किमी का होगा और लाइन इंद्री, लाडवा और रादौर के रास्ते कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग को सीधा जोड़ेगी, जो मौजूदा 121 किलोमीटर के मार्ग को कम कर 61 किलोमीटर कर देगी। इसके अलावा रोहतक-महम-हांसी के बीच नई लाइन बिछाई गई है। इससे रोहतक, भिवानी और हिसार जिलों के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिल रही है। इससे 20 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। वहीं, एक ओर कुरुक्षेत्र में भी एलिवेटेड रेल ट्रैक जाम से निजात दिलाने का काम करेगा।
