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Uttar Pradesh के 2 बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ने की तैयारी, कनेक्टिविटी बढ़ाएगी जमीनों की कीमत

UP New Expressway : उत्तर प्रदेश की बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने पर ध्यान दे रही है। यूपी वालों के लिए एक गुड न्यूज़ है। दरअसल सरकार प्रदेश के दो बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे (New Green Field Expressway) बनाने की तैयारी कर रही है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से कई जिलों में जमीन के रेट सातवें आसमान पर पहुंच जाएंगे। चलिए नीचे खबर में जानते हैं किस रूट पर बनेगा नया एक्सप्रेसवे।

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Uttar Pradesh के 2 बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ने की तैयारी, कनेक्टिविटी बढ़ाएगी जमीनों की कीमत 

HR Breaking News - (New Expressway) उत्तर प्रदेश के विकास को पंख लगने वाले हैं। प्रदेश में चल रहे डेवलपमेंट के कार्य प्रगति पर हैं। कहीं नए शहर बसाए जा रहे हैं तो वहीं कई जिलों को एक साथ जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी चल रही है। इसी कड़ी में सरकार ने उत्तर प्रदेश के दो बड़े एक्सप्रेसवे को एक साथ जोड़ने के लिए नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (New Green Field Expressway) बनाने की योजना बनाई है। सरकार के इस बड़े कदम से सफर तो आसान होगा ही इसके साथ ही प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। 

ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के लिए पैसे हुए जारी -


जानकारी के लिए बता दें आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra Lucknow Expressway) को गंगा एक्सप्रेसवे के साथ जोड़ने के लिए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए सरकार ने 895 करोड रुपए जारी किए हैं। यह बड़ा प्रोजेक्ट कई जिलों को एक साथ जोड़ेगा।

नया एक्सप्रेसवे (new expressway) हरदोई से फर्रुखाबाद तक बनाए जाने की योजना है। इसका पूरा होने से प्रदेश के कई जिलों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। सरकार द्वारा जारी की गई राशि में बड़ा हिस्सा भूमि खरीदने के लिए खर्च किया जाएगा। शासन की ओर से इटावा, कन्नौज, मैनपुरी फर्रुखाबाद, हरदोई और शाहजहांपुर जिले को धनराशि जारी करने का आदेश लिया गया है। 


एक्सप्रेसवे निर्माण पर आएगा इतना खर्चा - 


इसके तहत इटावा के जिलाधिकारी को 75 करोड़ रुपये, कन्नौज के जिलाधिकारी को 63 करोड़ रुपये, मैनपुरी के जिलाधिकारी को 300 करोड़ रुपये, फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी को 466.20 करोड़ रुपये, हरदोई के जिलाधिकारी को 21 करोड़ रुपये और शाहजहांपुर के जिलाधिकारी को 26.50 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।

UPEIDA को सौंपी गई एक्सप्रेसवे निर्माण की जिम्मेदारी - 


इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा कराने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को सौंपी गई है। UPEIDA पहले भी प्रदेश में आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे बड़े एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर चुका है। शासन को उम्मीद है कि इस परियोजना में भी तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा किया जाएगा।


पिछले वर्ष मिली थी परियोजना को स्वीकृति


आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के साथ जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को बीते साल व्यवहारिक रूप से स्वीकृति दी गई थी अब भूमि अधिग्रहण के लिए रकम जारी करने के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी


एक्सप्रेसवे के बनने से होंगे ये फायदे - 


इस एक्सप्रेसवे के बनने से मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सफर आसान और तेज हो जाएगा। औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि गतिविधियों को गति मिलेगी, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न सिर्फ यातायात का दबाव कम करेगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाएगी।