Rajasthan से हरियाणा के बीच रेलवे लाइन दोहरीकरण का काम 80% पूरा, 164km लंबी नई रेल लाइन को मंजूरी
New Rail Line : देश के सभी राज्यों में रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा और राजस्थान के बीच नई रेलवे लाइन बिछाने का काम जोरों-शोरों पर है। दोनों राज्यों के बीच रेलवे लाइन के दोहरिकरण का काम 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण में 164 किलामीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं नई रेलवे लाइन के बनने से किन जिलों को लाभ मिलेगा।
HR Breaking News - (New Rail Line)। राजस्थान और हरियाणा के बीच रेलवे कनेक्टिविटी अब और मजबूत होने वाली है। दोनों राज्यों के बीच अब एक बड़ा रेल प्रोजेक्ट रफ्तार पकड़ने लगा है। सरकार ने राजस्थान और हरियाणा के बीच 215 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने जा रही है। इस रेल प्रोजेक्ट (rail project) पर लगभग 2208 करोड़ रुपए की लागत आएगी। नई रेल लाइन (new railway line) बिछने के बाद राजस्थान और हरियाणा के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ ही हरियाणा से खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी आने वाले श्रद्धालुओं का सफर आसान और पहले से कहीं तेज हो जाएगा।
51KM लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण का काम 80% पूरा -
हरियाणा के रेवाड़ी से राजस्थान के फुलेरा तक रेलखंड के दोहरीकरण (Railway Track Doubling) का काम दो चरणों में किया जा रहा है। बता दें कि पहले चरण में रेवाड़ी से नारनौल तक करीब 51 किलोमीटर लंबे रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। रेवाड़ी-नारनौल रेलखंड (Rewari-Narnaul railway section) के दोहरीकरण लिए लगभग 665.72 करोड़ का बजट तैयार किया गया है।
164KM लंबी नई रेलवे लाइन को मंजूरी -
बता दें कि दूसरे चरण में नारनौल से फुलेरा (Narnaul to Phulera new railway line) तक करीब 164 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद नारनौल-फुलेरा के बीच रेल लाइन बिछाने का काम शुरू होगा। नारनौल-फुलेरा रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 1542.38 करोड़ रुपये का बिजट तैयार किया गया है।
नई रेलवे लाइन के बनने से होगा ये फायदा -
वर्तमान में इस रूट पर ट्रेनों की संख्या सीमित है। लंबी दूरी की ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए रुकना पड़ता है, जिससे समय ज्यादा लगता है। लेकिन, रेवाड़ी-फुलेरा रेलखंड (Rewari-Phulera railway section) के दोहरीकरण के बाद राजस्थान और गुजरात से दिल्ली जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें इसी रूट से चलेंगी। इसके साथ ही दिल्ली-जयपुर रूट (Delhi-Jaipur route) पर ट्रेनों का दबाव कम हो जाएगा। खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का सफर आसान और तेज हो जाएगा। नई रेलवे लाइन बनने से लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
रेवाड़ी-फुलेरा रूट (Rewari-Phulera route) करीब 70 किलोमीटर छोटा है। ऐसे में दोहरीकरण के बाद सफर की दूरी और कम हो जाएगी। इसके अलावा यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ-साथ व्यापार और परिवहन को भी गति मिलेगी। उम्मीद है कि नई रेल लाइन बिछाने का काम समय पर पूरा होगा जिससे आम लोगों को सुविधा का लाभ मिलेगा।
