Railway Line : प्रदेश में 108 गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण, इस साल तक बिछेगी नई रेलवे लाइन
Railway Line Project : प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। अब सरकार की ओर से एक और नई रेलवे लाइन को बिछाया जाएगा। ये रेलवे लाइन (New Railway Line) 108 गांवों से होकर गुजरेगी। इसको जल्द बिछाया जाएगा। रेलवे लाइन के बिछने के बाद यात्रियों को काफी सुविधाएं मिलेगी। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।
HR Breaking News (Railway Line) प्रदेश में रेलवे विस्तार को लेकर बड़ी तैयारी करनी शुरु कर दी है। नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए 108 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। इसकी वजह से लंबे समय से लंबित इस परियोजना (Railway Line Project) को गति मिलने वाली है। सरकार का लक्ष्य है कि तय समयसीमा के भीतर इस साल तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया जाए। इस नई रेल लाइन से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। खबर के माध्यम से जानते हैं प्रदेश में बनने वाली इस नई रेलवे लाइन के बारे में-
नई ब्रॉडगेज रेल लाइन पर होगा काम
मध्य प्रदेश के इंदौर से बुदनी के बीच बन रही नई ब्रॉडगेज रेल लाइन (New broad gauge railway line) पर काफी समय से कोई काम नहीं हो रहा है। पहले से ही लगभग पांच साल देरी का सामना कर रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना (New Railway Line in MP) की प्रगति जमीन अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया की वजह से थम गई है। कई गांवों में मुआवजा और सीमांकन संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाने से निर्माण कार्य तय गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि अब इस रेल लाइन को पूरा करने का लक्ष्य (MP railway line) बढ़ाकर साल 2030 तक कर दिया गया है। इसकी वजह से क्षेत्रवासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ने वाला है।
परियोजना को पूरा करने में आएगी इतनी लागत
ये 205 किमी का सेक्शन 342 किमी लंबी इंदौर-जबलपुर नई विद्युत रेल लाइन परियोजना (Indore-Jabalpur New Electric Rail Line Project) का एक अहम हिस्सा होने वाली है। इसको 2016-17 में मंजूरी प्रदान कर दी गई थी और इसका काम 2018 में शुरू हो गया है। शुरुआती लक्ष्य 2024-25 था, हालांकि फंड की कमी, जमीन अधिग्रहण और न्यायिक अड़चनों की वजह से अब नई समयसीमा 2029-30 तय कर दी गई है। लगभग 7,400 करोड़ रुपए की इस परियोजना पर अब तक लगभग 2,000 करोड़ (New Electric Rail Line Project) रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है और प्रगति 30 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। निर्माण कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड के द्वारा तीन पैकेज में किया जा रहा है।
75 किमी तक का सफर हो जाएगा कम
नई लाइन बनने के बाद इंदौर से जबलपुर की दूरी लगभग 75 किमी की की हो जाएगी। यात्रियों को भोपाल होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ जाता है। नई कनेक्टिविटी से समय की बचत होगी और ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार (Electric Rail Line Project) 130 किमी प्रति घंटा तक की हो सकती है। इससे मालवा और महाकौशल क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ होने वाला है। साथ ही में माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने वाली है।
परियोजना में 80 सुरंगों का होगा निर्माण
परियोजना में 80 बड़े पुल और दो सुरंगें को प्रस्तावित किया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर कोई लेवल क्रॉसिंग को नहीं बनाया जाएगा। साथ ही में अंडरपास और ओवरब्रिज का भी निर्माण किया जाने वाला है। सुरंगों का डिजाइन वन्यजीव क्षेत्र (Rail Line Project) को सुरक्षित रखते हुए तैयार किया गया है। योजना के मुताबिक 2027-28 में बुदनी से सलकनपुर, 2028-29 में मांगलिया गांव से खेरी और 2029-30 तक पूरा ट्रैक तैयार करने का प्लान बनाया जा रहा है।
108 गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण
इसके लिए कुल 205 किमी में से 186 किमी राजस्व और सरकारी भूमि का अधिग्रहण (Land acquisition) कार्य पूरा किया जा चुका है। बाकी के वन क्षेत्र की अनुमति मार्च 2025 में मिल गई है। 108 गांवों में अधिग्रहण कर लगभग 721 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है।
