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Railway Line : पहाड़ों में बनेंगी रेलवे लाइन, चारधाम की यात्रा होगी आसान

Railway Line : रेलवे अब विकास को नई गति दे रहा है। अब जल्द ही पहाड़ों में नई रेलवे लाइन को बिछाया जाने वाला है। नई रेलवे लाइन बिछाए जाने से चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। अब नई रेलवे लाइन (Railway Line Updates) के बिछाए जाने से चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और सुगम सफर का लाभ मिलेगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि ये रेलवे लाइन कहां बिछाई जाएगी।
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Railway Line : पहाड़ों में बनेंगी रेलवे लाइन, चारधाम की यात्रा होगी आसान

HR Breaking News (Railway Line ) भारतीय रेलवे की ओर से विस्तारीकरण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब जल्द ही पहाड़ों में नई रेलवे लाइन (New railway line in mountains) बिछाई जाने वाली है। पहाड़ों पर नई रेलवे लाइन बिछाए जाने से चारधाम की यात्रा आसान हो जाएगी और अन्य जगहों से कनेक्टविटी सुगम होगी। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में-

 

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्‍ट में है शामिल है ये रेल लाइन


दरअसल, आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्‍ट (Prime Minister's dream project)  के चलते तेजी से काम हो रहा है। अब इस प्रोजेक्ट पर भारतीय रेलवे ने पूरा ब्‍लू प्रिंट भी तैयार किया है। अब, इस रेलवे लाइन से उत्‍तराखंड (New railway line in Uttarakhand) के तमाम शहरों की कनेक्‍टीविटी में इजाफा होगा। अब तेजी से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। 

 

मोटर पुलों के निर्माण का काम 


रेल मंत्रालय के मुताबिक जल्द ही ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किमी. लंबी रेल लाइन का काम हो जाएगा। इस रेल लाइन के पूरे रूट  (route of railway line) पर 105 किमी. ट्रैक टनल है, जिसमे से लगभग 70 प्रतिशत से ज्यादा के टनल का काम हो गया है। वहीं,दूसरी ओर श्रीनगर गढ़वाल, गोचर और कालेश्वर में रेलवे स्टेशनों को कनेक्ट करने के लिए मोटर पुलों के निर्माण का काम हो गया है। यह प्रोजेक्‍ट इसलिए अलग हैं, क्योंकि इसमें सबसे लंबी रेलवे टनल (longest railway tunnel) का निर्माण हो रहा है, जिसकी लंबाई 14.58 किमी. है।

कितनी होगी टनल की लंबाई 


रेलवे के मुताबिक ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक की रेलवे लाइन (Rishikesh to Karnaprayag railway line)  में से 105 किमी। लाइन 16 मुख्य टनल से होकर गुजरने वाली है। इन टनल के साथ ही 12 निकास टनल और क्रास पैसेज भी मौजुद हैं। इन सबको मिला दिया जाए तो टनल की लंबाई 213 किलोमीटर के पास होगी, जिसमे से 160 किलोमीटर में खुदाई का काम हो गया और अब इन टनल में ट्रैक बिछाया (Track laid in tunnel) जाने वाला है। बता दें कि इस रेल लाइन के ट्रैक मेट्रो रेल जैसे निर्मित होंगे।

किन जिलों से होकर गुजरेगी ये रेलवे लाइन 


जानकारी के लिए बता दें कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन (Rishikesh-Karnprayag rail line) जिन  जिलों से होकर गुजरेगी, उनमे देहरादून, टिहरी, गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली का नाम शामिल है। रेल लाइन के निर्माण से चार धाम यात्रियों को सुविधा मिलेगी और स्‍थानीय लोगों को राज्य के दूरदराज के हिस्सो में ट्रेन कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा। इस वजह से लोग ट्रेन से सीध कर्णप्रयाग तक सफर कर सकेंगेा।