Railway News : हरियाणा और पंजाब में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी शुरू, बनाया जाएगा 600 किमी लंबा फोर-लेन रेलवे कॉरिडोर
Railway Corridor : हरियाणा और पंजाब में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक नया फोर-लेन रेलवे कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर (New Railway Corridor) के बनने की वजह से यातायात में काफी आसानी होगी। इस कॉरिडोर की लंबाई 600 किलोमीटर होने वाली है। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
HR Breaking News (Four-lane railway corridor) हरियाणा और पंजाब में अब एक नया फोर लेन रेलवे कॉरिडोर बनाया जाने वाला है। इस कॉरिडोर की लंबाई 600 किलोमीटर होगी। इसके साथ ही में इस कॉरिडोर (railway corridor) के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस नए रेलवे कॉरिडोर के बारे में बताने जा रहे हैं। खबर में जानिये इस बारे में।
डीएफसी के निर्माण को मिली मंजूरी
केंद्रीय बजट 2026 में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूती देते हुए वित्त मंत्री ने सूरत (finance minister) से डानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) को बनाने के लिए ऐलान कर दिया है। बता दें कि ये नया ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर औद्योगिक केंद्रों को सीधे बंदरगाहों से कनेक्ट (railway corridor latest Update) करने वाला है। इसके साथ ही में इससे माल ढुलाई की लागत में भी कमी दर्ज की जा रही है और यात्री ट्रेनों की रफ्तार को बढ़ाने वाले हैं।
कॉरिडोर का होगा निर्माण
ये कदम खासतौर पर बंगाल और गुजरात के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान करने वाला है। जोकि आने वाले समय में अंबाला रेल मंडल के लिए भी एक विशेष पहचान बनकर सामने आएगा। ये कॉरिडोर अंबाला रेल मंडल के अधीन सहारनपुर रेलवे स्टेशन (Saharanpur Railway Station) के पास पिलखनी स्टेशन से कनेक्ट होने वाला है। जोकि सीधा पंजाब के साहनेवाल तक जाएगा। इस स्थिति में देश के एक हिस्से कोलकाता व गुवाहाटी से दूसरे हिस्से तक सुरक्षित व जल्दी सामान पहुंचाने में ये ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर एक अहम हिस्सा होने वाला है। फिलहाल के तौर पर सहारनपुर से साहनेवाल के बीच कॉरीडोर (Railway corridor) की शुरुआत कर दी गई है।
लंबे कॉरिडोर का होगा निर्माण
नई दिल्ली से जम्मू तक लगभग 600 किमी लंबे कॉरिडोर का निर्माण कराया जाने वाला है। बता दें कि एक नया फोर-लेन रेलवे कॉरिडोर फिलहाल प्रस्तावित है, इसके लिए अंबाला, जालंधर और दिल्ली मंडलों (Delhi Chambers) के माध्यम से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। नई रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय के पास लंबित था। इस प्रस्ताव के सिरे चढ़ने की उम्मीद इस रेल बजट में विभागीय अधिकारियों ने जताई है।
भूमि अधिग्रहण की शुरू हुई प्रतिक्रिया
इसके साथ ही में हरियाणा और पंजाब में भूमि अधिग्रहण को लेकर भी प्रक्रिया शुरू होने की भी संभावना लगाई जा रही है। फिलहाल में दो लाइनों (डबल लाइन) पर अधिक ट्रैफिक होने के कारण तीसरी/चौथी रेल लाइन (train line) का विकल्प होने वाला है। इसकी वजह से ट्रेनों की गति बढ़ने वाली है और नई ट्रेनों के संचालन की रूपरेखा भी तैयार किया जा सकेगा। इस नई रेल लाइन का सीधेतौर पर लाभ अंबाला, पानीपत, जालंधर और जम्मू (new railway line) के बीच होगा और वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलने वाली है।
केंद्रीय बजट में हुआ हाई स्पीड कॉरिडोर का जिक्र
केंद्रीय बजट में हाई स्पीड कॉरिडोर आदि का जिक्र भी किया गया है। इसमें रेलवे को क्या मिला है, इसको लेकर सपष्टिकरण किया जा चुका है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के विस्तार से हरियाणा और पंजाब (Haryana and Punjab rail line) को काफी लाभ होने वाला है। इसकी वजह से देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक सामान जल्द व सुरक्षित रूप से पहुंचाया जा सकेगा।
