राजस्थान, मध्यप्रदेश और यूपी को जोड़ेगा 404 किलोमीटर का नया एक्सप्रेसेवे, 11 घंट की यात्रा 6 घंटे में होगी पूरी
New Expressway - राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला 404 किलोमीटर लंबा एक नया एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। आपको बता दें कि इस मार्ग के बन जाने से यात्रियों को फायदा होगा क्योंकि इस एक्सप्रेसवे से 11 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 6 घंटे में पूरी हो सकेगी... यह मार्ग क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (regional connectivity) और यात्रा समय दोनों में सुधार करेगा-
HR Breaking News, Digital Desk- (Atal Progress Way) मध्य प्रदेश में महत्वाकांक्षी अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना को लेकर फिर चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने शनिवार को अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट चंबल क्षेत्र के विकास को तेजी देगा।
तीन राज्यों को जोड़ने वाला यह मार्ग अभी एलाइनमेंट के विवाद (Alignment disputes) में फंसा हुआ है, जिससे ढाई साल से काम रुका हुआ है और किसानों व स्थानीय लोगों में बेचैनी बढ़ गई है।
अटल प्रोग्रेस-वे राजस्थान के कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा एनएच-27 (Mumbai-Vadodara NH-27) से शुरू होकर मध्य प्रदेश के तीन जिलों से होकर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के निनावा तक प्रस्तावित है। इसके बनने से भिंड, इटावा और कोटा के बीच यात्रा करने वालों को सीधा और आसान रास्ता मिलेगा, जिससे यात्रा का समय लगभग 5 घंटे कम हो जाएगा।
कुल 404 किलोमीटर लंबा अटल प्रोग्रेस-वे भारतमाला परियोजना (Atal Progress-Way Bharatmala Project) का हिस्सा है। इसमें मध्य प्रदेश में 313.81 किमी, राजस्थान में 72 किमी और उत्तर प्रदेश में 22.96 किमी का निर्माण होना है। इस परियोजना की प्रारंभिक लागत लगभग 6,000 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 23,645 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। निर्माण के लिए वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना से भिंड जिले की 29 ग्राम पंचायतों और दो जनपदों के 41 गांव प्रभावित होंगे। वहीं, एक्सप्रेस वे श्योपुर के 57 गांवों से होकर गुजरेगा। श्योपुर जिले में इसकी लंबाई लगभग 95 किलोमीटर प्रस्तावित है। अटल प्रोग्रेस-वे के लिए श्योपुर में कुल 598.321 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित (land acquired) की जाएगी, जिसमें 90.878 हेक्टेयर सरकारी और 507.443 हेक्टेयर निजी जमीन शामिल है।
एक्सप्रेस-वे निर्माण से श्योपुर जिले को बेहतर कनेक्टिविटी की उमीद है। यह न केवल मुरैना-भिंड से सीधे जोड़ेगा, बल्कि कोटा राजस्थान की ओर श्योपुर जिले को दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Super Expressway) तक का भी सफर आसान करेगा।
11 घंटे की यात्रा सिर्फ 6 घंटे में होगी पूरी-
अटल एक्सप्रेस-वे से उत्तर प्रदेश के इटावा (Etawah, Uttar Pradesh) से मध्य प्रदेश के भिंड और मुरैना होते हुए राजस्थान (rajasthan) के कोटा तक सीधा चार लेन का मार्ग तैयार किया जाएगा। इससे कोटा तक की यात्रा अब 11 घंटे की बजाय मात्र 6 घंटे में पूरी की जा सकेगी, यानी यात्रियों का समय करीब 5 घंटे बच सकेगा।
अटल प्रोग्रेस-वे के लिए भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन तीनों जिलों के किसानों ने खेतों से होकर मार्ग निर्माण के प्रस्ताव का विरोध किया। इस पर मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने घोषणा की कि मार्ग खेतों के बजाय बीहड़ों से होकर नया एलाइनमेंट तैयार (New alignment ready) किया जाएगा। इसके बाद से प्रोजेक्ट की प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री निवास में अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना (Atal Progress-Way Project at Chief Minister's residence) को लेकर बैठक हुई। इसमें सीएम डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों और क्षेत्रीय निवासियों की सहमति के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया (land acquisition process) पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना को यथाशीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि अटल प्रोग्रेस वे से चंबल क्षेत्र के विकास को अच्छी खासी गति मिलेगी। इस मार्ग से मुरैना, श्योपुर और भिंड जिले, राजस्थान से निकल रहे दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे (Delhi-Vadodara Expressway) और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे (Agra-Lucknow Highway) से जुड़ेंगे। इससे चंबल इलाके की कोटा, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तथा यात्रा का समय कम होगा। परिणामस्वरूप क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों (industrial activities), व्यापार-व्यवसाय, पर्यटन और आवागमन को प्रोत्साहन मिलेगा।
अटल एक्सप्रेस-वे के दो प्लान प्रस्तावित-
बैठक में अटल एक्सप्रेस-वे (Atal Expressway) के दो प्रस्तावित योजनाओं का तुलनात्मक प्रस्तुतीकरण (comparative presentation) किया गया। इसमें लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह भी मौजूद थे।
