नए शहर का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए कंपनी चयनित, 20 साल की विकास योजना होगी तैयार
Yamuna Expressway - नए शहर का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए एक कंपनी का चयन कर लिया गया है। यह योजना अगले 20 साल के लिए शहर के विकास की रूपरेखा तैयार करेगी। मास्टर प्लान में औद्योगिक विकास, जनसंख्या अनुमान, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरणीय संतुलन जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा... पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Yamuna Expressway) यमुना एक्सप्रेसवे के पास करीब 4,000 हेक्टेयर जमीन पर “हाथरस अर्बन सेंटर” यानी नए हाथरस के विकास के लिए मास्टर प्लान-2041 तैयार किया जाएगा। इसके लिए एक कंपनी का चयन कर लिया गया है, जो अगले नौ महीनों में यह मास्टर प्लान तैयार करेगी।
यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों के अनुसार, हाथरस अर्बन सेंटर के लिए जारी RFP के तहत तीन कंपनियां टेक्निकल बिड में क्वालिफाई हुई थीं। इनमें तेलंगाना की आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड (RV Engineering Consultants Ltd of Telangana), गरुड़ यूएवी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और एलईए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
हाल ही में फाइनेंशियल बिड खोली गईं, जिसमें अथॉरिटी ने आरवी इंजीनियरिंग कंपनी को चुना है। इस कंपनी ने 1.24 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाई थी। अब यही कंपनी मास्टर प्लान-2041 के तहत अगले 20 साल के लिए हाथरस के विकास की रूपरेखा तैयार करेगी।
मास्टर प्लान URDPFI गाइडलाइंस-2014, उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम-1976 और राज्य व केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार तैयार किया जाएगा। यह प्लान GIS टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा, जिसमें औद्योगिक विकास, जनसंख्या का अनुमान, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरणीय संतुलन (Natural resources and environmental balance) जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
ऐतिहासिक रूप से ब्रिटिश काल में हाथरस एक प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र (Industrial and Commercial Center) रहा है। हालांकि समय के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की कमी के कारण इसका महत्व घटता चला गया। एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, हाथरस जिले में वर्तमान में MSME और कुटीर उद्योग मौजूद हैं और करीब 10,293 उद्योग पंजीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश क्लस्टर के रूप में विकसित हुए हैं।
अथॉरिटी के नोटिफाइड एरिया में हाथरस के 358 गांव शामिल हैं। अलीगढ़ और आगरा की तुलना में हाथरस की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर मानी जाती है। नया शहर यमुना एक्सप्रेसवे (yamuna expressway) के जरिए NH-93 और SH-33 से जुड़ा है, जबकि हाथरस जंक्शन पर दो रेलवे लाइनें मिलती हैं। हालांकि, कुछ कमियां भी हैं-अंदरूनी सड़कों का अभाव, पर्याप्त बिजली-पानी और सीवरेज व्यवस्था की कमी (Lack of sewerage system), साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और मनोरंजन सुविधाओं का भी अभाव है।
