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Delhi-NCR के लोगों की चमकेगी किस्मत, 80 गांवों की जमीन पर बसेगा अबु धाबी जैसा शहर

Delhi-NCR - दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। 80 गांवों की जमीन पर एक नया आधुनिक शहर विकसित किया जा रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी है। यह शहर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, रोजगार और पर्यावरण संतुलन के साथ तैयार होगा। इसकी तुलना अबु धाबी जैसे विश्वस्तरीय शहर से की जा रही है-

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Delhi-NCR के लोगों की चमकेगी किस्मत, 80 गांवों की जमीन पर बसेगा अबु धाबी जैसा शहर

HR Breaking News, Digital Desk- (Delhi-NCR) दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR), जिसे ‘नया नोएडा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, अब अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) इस महत्वाकांक्षी शहर को अबु धाबी के विश्व-प्रसिद्ध औद्योगिक जोन (Abu Dhabi's world-renowned industrial zones) की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी कर रही है, जिससे यहां वैश्विक निवेश और उद्योगों को आकर्षित किया जा सके।

मास्टर प्लान-2041 के तहत इस परियोजना का विस्तृत खाका तैयार कर लिया गया है। योजना के अनुसार, इस क्षेत्र में लगभग 3,000 नई औद्योगिक इकाइयां (new industrial units) स्थापित की जाएंगी, जिससे यह निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

6 लाख लोगों के लिए विकसित की जाएंगी बुनियादी सुविधाएं-

अनुमान के मुताबिक, ‘नया नोएडा’ की कुल आबादी लगभग 6 लाख रहने वाले होंगे, जिनमें करीब 3.5 लाख प्रवासी शामिल होंगे। इतनी बड़ी आबादी और औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शहर में प्रतिदिन 300 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) पानी की आपूर्ति की योजना बनाई गई है। नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के अनुसार, यह पानी गंगाजल और भूमिगत जल के मिश्रण से उपलब्ध कराया जाएगा।

- 212 एमएलडी पानी उद्योगों के लिए आरक्षित रहेगा

- 85 एमएलडी पानी घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा

पर्यावरण संतुलन के लिए बनाए जाएंगे झील और नहरें-

परियोजना में पर्यावरण संरक्षण (environmental protection) को प्राथमिकता दी गई है। शहर में 58.96 हेक्टेयर में झीलें और 91.75 हेक्टेयर में नहरें विकसित की जाएंगी। इन जल निकायों से शहर की खूबसूरती बढ़ेगी, भूजल स्तर में सुधार होगा और वेटलैंड्स की सुरक्षा में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा, उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित पानी को शुद्ध करने के लिए आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जाएंगे।

80 गांवों की भूमि पर विकसित होगा नया शहर-

‘नया नोएडा’ का निर्माण बुलंदशहर और दादरी के करीब 80 गांवों में फैली लगभग 21,000 हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा। इस जमीन का अधिग्रहण लैंड पूलिंग नीति के तहत किया जाएगा। 

आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां ईडब्ल्यूएस (EWS), एलआईजी (LIG), एमआईजी (MIG) और एचआईजी श्रेणियों के तहत टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 फ्लैट विकसित किए जाएंगे। आवासीय विकास के लिए लगभग 2,477 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है।


एक नजर में लैंड यूज प्लान (हेक्टेयर में)-

- औद्योगिक क्षेत्र: 8,811

- रेजिडेंशियल क्षेत्र: 2,477

- ग्रीन पार्क व ओपन एरिया: 3,173.94

- ट्रैफिक व ट्रांसपोर्टेशन: 3,282.59

- इंस्टीट्यूशनल: 1,682.15

- कमर्शियल: 905.97

- मनोरंजन क्षेत्र: 420.60

- यूटिलिटी: 198.85

- वॉटर बॉडी: 150.65

प्राधिकरण के अनुसार, ‘नया नोएडा’ को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर परिवहन नेटवर्क और पर्यावरण संतुलन के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि यह क्षेत्र निवेश और उद्योग के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन सके।