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Hisar Fatehabad Sirsa रेलवे लाइन पर सरकार ने दिया जवाब, संसद में बताया बनेगी या नहीं

Hisar railway line : बीते काफी समय से हिसार-फतेहाबाद-सिरसा नई रेलवे लाइन को लेकर खूब चर्चांए हो रही थी, लेकिन अब ये क्लियर हो गया है कि आखिर ये रेलवे लाइन बनेगी या नहीं। हिसान से शुरू होने वाली इस रेलवे लाइन पर संसद ने जवाब दे दिया है। खबर में जानिए कि ये रेलवे लाइन (Hisar railway line ) बनाई जाने वाली है या नहीं। 
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Hisar Fatehabad Sirsa रेलवे लाइन पर सरकार ने दिया जवाब, संसद में बताया बनेगी या नहीं

HR Breaking News (Hisar railway line) सरकार ने हरियाणा में रेलवे नेटवर्क के मजबूत बनाने के लिए कई प्रोजेक्ट  शुरू किए हैं और नई रेलवे लाइनें बिछाई है। अब सरकार की ओर से हिसार-फतेहाबाद-सिरसा रेल लाइन (Hisar-Fatehabad-Sirsa new railway line ) पर जवाब दे दिया है। अब संसद में यह क्लियर हो गया है कि ये रेलवे लाइन बिछेगी या नहीं। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने उठाया रेलवे लाइन पर मुद्दा 


दरअसल,  आपको  बता दें कि सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  (former union minister)की ओर से कुछ दिन पहले ही लोकसभा में हिसार-फतेहाबाद-सिरसा (Hisar-Fatehabad-Sirsa Rail Line)  नई रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत की है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट का रिवेल्यूएशन कर जल्द ही शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की है।

 

93 किलोमीटर लंबी लाइन का हुआ सर्वे 


रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव  (Railway Minister Ashwini Vaishnav) ने लोकसभा में बताया कि हिसार पहले से ही भट्टू कलां के जरिए रेल नेटवर्क से कनेक्ट हुआ है। उनका कहना है कि प्रस्तावित 93 किलोमीटर लंबी लाइन का सर्वे किया गया है, लेकिन अभी तक कम यातायात अनुमान के चलते आगे काम नहीं किया गया है। रेल मंत्री का कहना है कि रेल प्रोजेक्ट की स्वीकृति (Rail project approval)  ऐसे ही नहीं मिलती है। बल्कि यह जिन कारको  पर निर्भर करती है। उसमे- यातायात, लाभप्रदता, क्षेत्रीय संपर्क, भीड़भाड़ वाली लाइनों को राहत, सामाजिक-आर्थिक लाभ और बजट जैसे कई मानकों पर बेसड होती है, ऐसे में फिलहाल नई रेलवे लाइन का मुद्दा फाइलों में दबता दिखाई दे रहा है।

बेहतर परिवहन सुविधा का लाभ 


सांसद सैलजा का कहना है कि हिसार-फतेहाबाद-सिरसा रेल लाइन की मांग जनता कई सालों से कर रही है और सिर्फ आर्थिक बेस पर इसे ठंडे बस्ते में डालना अनुचित है। उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट (hisar Railway Projects) से उद्योग, व्यापार, कृषि और शिक्षा के नए मौके खुलेंगे और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। इस दौरान अग्रोहा के धार्मिक महत्व को भी आउटलाइन किया गया है।