UP से Rajasthan तक रेलवे का रूट होगा सुपरफास्ट, 1387 करोड़ रुपये होंगे खर्च
HR Breaking News, Digital Desk- (Railway Line) आगरा-जयपुर रेलमार्ग पर भरतपुर से बांदीकुई के बीच दोहरीकरण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। इस परियोजना के पूरा होने से राजस्थान (rajasthan) और उत्तर प्रदेश (UP) के बीच रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। भरतपुर-बांदीकुई सेक्शन (Bharatpur-Bandikui section) में दूसरी रेल लाइन बिछाने का काम कई हिस्सों में तेजी से किया जा रहा है।
रेलवे लाइन के पास भूमि समतलीकरण का कार्य (land leveling work) भी शुरू कर दिया गया है। रेलवे ने जुलाई 2026 तक इस सेक्शन (section) पर ट्रेनों के संचालन का लक्ष्य तय किया है, हालांकि प्लेटफॉर्म और स्टेशन विकास से जुड़े कुछ काम बाकी होने के चलते समयसीमा में बदलाव संभव है। यदि सभी कार्य तय योजना के अनुसार पूरे होते हैं, तो वर्ष 2026 के अंत तक इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है। फिलहाल बांदीकुई से आगरा का रेल सफर करीब चार घंटे का है।
खेरली से आगरा (Kherli to Agra) की करीब 90 किलोमीटर दूरी तय करने में फिलहाल लगभग 1 घंटा 45 मिनट का समय लगता है, जबकि बांदीकुई की 65 किलोमीटर दूरी एक घंटे में पूरी होती है। दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद आगरा जाने में करीब आधे घंटे और भरतपुर से जयपुर (Bharatpur to Jaipur) के सफर में लगभग 45 मिनट की समय बचत होगी। इस रेलमार्ग पर प्रतिदिन करीब डेढ़ से दो हजार यात्री यात्रा करते हैं।
- आगरा से बांदीकुई तक चल रही इस दोहरीकरण परियोजना पर करीब 1387 करोड़ रुपए की लागत आएगी
- चालू वित्तीय वर्ष (current financial year) के बजट में इसके लिए 70 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- वर्तमान में बांदीकुई से जयपुर (jaipur) तक डबल रेल लाइन है। आगरा तक डबल लाइन जुड़ते ही यह पूरा मार्ग सुपरफास्ट रेल कॉरिडोर (superfast rail corridor) के रूप में विकसित हो जाएगा।
- आगरा से बांदीकुई (Agra to Bandikui single rail line) तक अभी सिंगल रेल लाइन है, जिसका विद्युतीकरण वर्ष 2021 में पूरा हो चुका है।
-इस रेलमार्ग पर प्रतिदिन करीब 20 से 25 मालगाड़ियां और 16 पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनें (express trains) संचालित होती हैं। दोहरीकरण पूरा होने के बाद ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, और यात्रियों के समय की भी बचत होगी।
वर्ष 2026 के अंत तक दोहरीकरण पूरा करने का लक्ष्य-
इस रेलमार्ग के दोहरीकरण का लक्ष्य (goal of doubling the railway line) वर्ष 2026 के अंत तक तय किया गया है। कार्य तेज़ी से प्रगति पर है और परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले वर्ष के मध्य तक ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है। यह जानकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव, डीओएम, आगरा मंडल ने दी।
