Uttar Pradesh की तस्वीर बदलेंगे ये 4 नए एक्सप्रेसवे, इन जिलों की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
UP New Expressways : उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार अब नए-नए एक्सप्रेसवे और हाईवे बनाने पर जोर दे रही है। सरकार द्वारा किए जा रहे लगातार इन प्रयासों के चलते आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है। साल 2026 में प्रदेश में चार नए एक्सप्रेसवे बनने वाले हैं, जो राज्य के विकास की तस्वीर को बदल कर रख देंगे। चलिए नीचे खबर में जानते हैं किस-किस रूट पर बनाए जाएंगे नई एक्सप्रेससे -
HR Breaking News - (New Expressways in UP 2026)। उत्तर प्रदेश तेजी से विकसित होता हुआ राज्य है। अब जल्द ही इसके विकास को पंख लगने वाले हैं। प्रदेश की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट लेकर आई है, जिससे नए केवल राज्य की आर्थिक गतिविधियों में सुधार होगा। इसके साथ ही यात्रियों का सफर आसान होगा। वहीं, रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। दरअसल, साल 2026 में चार नए एक्सप्रेसवे पर बनने वाले हैं। यह एक्सप्रेसवे (New Expressways) उत्तर प्रदेश में सफ़र को काफी आसान बना देंगे। इसके साथ ही लोगों के पैसे और समय दोनों की बचत होगी। इन एक्सप्रेसवे के बनने के बाद राज्य की कनेक्टिविटी में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
इस दिन बनकर तैयार हो जाएगा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे -
उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) मेरठ से प्रयागराज तक के सफर को काफी आसान बना देगा। इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 594 किलोमीटर है। इसके निर्माण के लिए लगभग 37,000 करोड रुपए जारी किए गए हैं। साल 2026 के जनवरी में इस एक्सप्रेसवे के खुलने की संभावना है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी देगा, जिससे सफर काफी आसान हो जाएगा। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट तेजी से बढ़ेंगे।
जानकारी के लिए बता दें 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway Update) मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों 29 गांव से होकर गुजरता है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूरी उत्तर प्रदेश के साथ कनेक्ट करता है। इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद 10 से 12 घंटे में तय होने वाला सफर केवल 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ, हापुड़, संभल, शाहजहांपुर, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, बुलंदशहर, संभल, प्रयागराज जैसे जिलों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेस-वे
उत्तर प्रदेश को औद्योगिक केदो के साथ जोड़ने के लिए गाजियाबाद कानपुर एक्सप्रेसवे (Ghaziabad-Kanpur Expressway) बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने जानकारी देते बताया है की एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह लगभग 380 किलोमीटर लंबा है। गाजियाबाद कानपुर एक्सप्रेसवे नोएडा और गाजियाबाद से शुरू होकर कानपुर तक जाएगा। यह उत्तर प्रदेश के 9 जिलों को एक साथ कनेक्ट करेगा। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट को भी जोड़ेगा।
अनुमान है की इस एक्सप्रेसवे को साल 2026 में यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बनने से व्यापारियों और छोटे उद्योगों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके बनने से 8 घंटे का सफर केवल 5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे
लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर भी अब काफी आसान होने वाला है। यहां पर 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) पर बनाया जा रहा है। अप्रैल 2026 में इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने की संभावना है। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को 6 लाइन बनाया जा रहा है। इसके बनने से दो बड़े शहरों के बीच यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। 2 घंटे लगने में पूरा होने वाला सफर केवल 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यह एक्सप्रेसवे कानपुर के गंगा ब्रिज के पास स्थित आजाद चौराहे को लखनऊ के शहीद पद से कनेक्ट करेगा, जिससे मेरठ और प्रयागराज तक पहुंचना बहुत आसान होगा।
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे (Varanasi-Kolkata Expressway) भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 610 किमी लंबा बनाया जा रहा है। यह 6 लेन एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश को बिहार और झारखंड के रास्ते सीधे पश्चिम बंगाल से जोड़ेगा। हालांकि इसका पूरा काम 2027 तक होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन 2026 में इसके कुछ हिस्सों के शुरू होने की उम्मीद है। इससे वाराणसी और कोलकाता के बीच यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर लगभग 7 घंटे हो जाएगा। जिससे व्यापार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
