Haryana UP और उत्तराखंड में कनेक्टिविटी मजबूत करेंगे दो हाईवे, यह होगा रूट
HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana) शामली जिले में हाईवे नेटवर्क तेजी से विस्तार ले रहा है। जिले से कुल पांच हाईवे गुजरते हैं, जिनमें से चार पर फिलहाल यातायात शुरू हो चुका है, जबकि शेष हाईवे इसी वर्ष चालू होने की संभावना है। इन हाईवे के निर्माण से दिल्ली, देहरादून और अंबाला तक की दूरी कम होगी। बेहतर आवागमन से उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार माल बाहर भेजने में सुविधा मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जिले के चार हाईवे को जोड़ने वाले रिंग रोड का निर्माण (construction of ring road) कार्य कई वर्षों से चल रहा था, जिसका संचालन शुरू होने से अब सफर काफी सुगम हो गया है। इसके अलावा तीन नए पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिनका काम इस वर्ष शुरू होकर पूरा होने की उम्मीद है। इनके बनने से यातायात व्यवस्था (transportation system) बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, हालांकि इसके संचालन का अभी इंतजार किया जा रहा है। वर्ष 2026 में इसके शुरू होने की संभावना है और इसी माह ट्रायल रन भी शुरू हो सकता है। वहीं, तीन पुलों का निर्माण अभी शेष है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे (Delhi-Saharanpur Highway) पर पुल निर्माण पूरा होते ही क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और अधिक सुचारु हो जाएगी।
रिंग रोड के संचालन के बाद मेरठ-करनाल, दिल्ली-सहारनपुर (Delhi-Saharanpur) और पानीपत-खटीमा हाईवे (Panipat-Khatima Highway) आपस में जुड़ गए हैं, जिससे आम लोगों को बेहतर यातायात सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं, अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे का शेष कार्य पूरा होने के बाद इसे भी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा जिले में दिल्ली-शामली, सहारनपुर, मेरठ-करनाल और पानीपत-खटीमा हाईवे के सभी बाईपास पहले से ही संचालित हैं।
पानीपत-खटीमा हाईवे और मेरठ-करनाल हाईवे (Meerut-Karnal Highway) को जोड़ने वाले कंडेला-टपराना बाईपास का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसका संचालन शुरू हो चुका है। इसके चलते अब हरियाणा, राजस्थान (Rajasthan), उत्तराखंड और दिल्ली से आने-जाने वाले भारी वाहन शामली शहर में प्रवेश करने के बजाय सीधे बाईपास से होकर गुजर रहे हैं।
इसके बाद से में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो गई है। बड़े वाहनों का शहर के बाहर से गुजरना हादसों के जोखिम को भी घटा रहा है। वहीं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) के संचालन के बाद शामली के लाक से दिल्ली केवल एक घंटे में पहुंचा जा सकेगा, जबकि पहले इस दूरी को तय करने में लगभग ढाई घंटे लगते थे। इसी तरह लाक से देहरादून का सफर अब लगभग एक से सवा घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
पहले शामली से देहरादून तक जाने में ढाई घंटे से अधिक का समय लगता था। इसके साथ ही बलवा क्षेत्र में दो पुल का निर्माण होना है, जबकि वहीं तहसील चौराहे पर भी एक पुल का निर्माण प्रस्तावित है। इनके पूरा होने से दुर्घटनाओं से भी निजात मिल सकेगी।
शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द होगा पूरा-
हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला 121 किलोमीटर लंबा अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे (Ambala-Shamli Expressway) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस परियोजना को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में सड़क निर्माण, उपरिगामी पुल और एप्रोच रोड को जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है।
शामली जिले में गंदेवड़ा संगम के पास पूर्वी यमुना नहर पर पुल, थानाभवन-जलालाबाद मार्ग पर रेलवे पुल और थानाभवन में दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे (Delhi-Shamli-Saharanpur Highway) पर उपरिगामी पुल का निर्माण तेजी से चल रहा है। इनमें से गोगवान-जलालपुर में उपरिगामी पुल का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि एप्रोच रोड जोड़ने और पुलिया निर्माण का काम प्रगति पर है। फिलहाल कुल 55 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक विकास (industrial development) को भी बढ़ावा मिलेगा।
शामली रिंग रोड के चार बाईपास की जानकारी-
- मेरठ-करनाल हाईवे (Meerut-Karnal Highway): टपराना से साईंधाम मंदिर तक, अनुमानित लंबाई 10 किमी।
- दिल्ली-सहारनपुर (Delhi-Saharanpur): साईंधाम मंदिर से बलवा गेट तक, अनुमानित लंबाई 10 किमी।
- पानीपत-खटीमा हाईवे (Panipat-Khatima Highway): टपराना से बलवा तक, अनुमानित लंबाई सात किमी।
- पानीपत खटीमा हाईवे (Panipat Khatima Highway): शामली तहसील से लेकर बनत कृष्णा बनत कृष्णा नदी पुल तक, अनुमानित 3.5 किमी।
2026 से इन दो हाईवे पर तेज गति से चलेगी आवाजाही-
तीन राज्यों को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Greenfield Economic Corridor Expressway) को इसी माह ट्रायल के लिए खोला जाएगा। अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 2026 में ही शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) और किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
