UP News : उत्तर प्रदेश में इस साल शुरू होंगे 4 नए एक्सप्रेसवे, जान लें क्या होगा रूट, मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
UP News : उत्तर प्रदेश में 2026 के दौरान चार नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की सड़क कनेक्टिविटी को बड़ी मजबूती मिलेगी। इन प्रोजेक्ट्स (new expressway projects) के चालू होने से कई जिलों के बीच सीधा और तेज सफर संभव होगा, साथ ही व्यापार, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिल सकती है... आइए नीचे खबर में जान लेते है इनके रूट के बारे में-
HR Breaking News, Digital Desk- (New Expressways Likely To Start In 2026) 2026 में उत्तर प्रदेश में सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बच सकता है। अगले साल राज्य की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि चार नए एक्सप्रेसवे (new expressway) के 2026 में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे: मेरठ से प्रयागराज तक तेज कनेक्टिविटी-
करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा को काफी आसान बना देगा। यह परियोजना लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है और इसके जनवरी 2026 तक शुरू होने की संभावना है। इसके चालू होने से 12 जिलों के लोगों को सीधे तौर पर बेहतर और तेज कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद जो सफर पहले 10-12 घंटे में पूरा होता था, वह अब सिर्फ 6-7 घंटे में तय हो सकेगा। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज (Ganga Expressway Meerut to Prayagraj) तक 12 जिलों और 29 गांवों से होकर गुजरता है और पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वी यूपी से जोड़ता है। इससे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रयागराज जैसे जिलों को सीधा फायदा मिलेगा। यह परियोजना इन इलाकों के विकास की अहम कड़ी बनने जा रही है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे (Lucknow-Kanpur Expressway)-
लखनऊ और कानपुर के बीच सफर अब और भी आसान होने वाला है। 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के अप्रैल 2026 तक शुरू होने की संभावना है। यह 6 लेन का ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट (brownfield project) है। इसके शुरू होने से जहां अभी करीब 2 घंटे लगते हैं, वहीं यात्रा समय घटकर सिर्फ 40-45 मिनट रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे कानपुर के गंगा ब्रिज (Ganga Bridge of Kanpur) के पास स्थित आजाद चौराहे को लखनऊ के शहीद पथ से जोड़ेगा, जिससे मेरठ और प्रयागराज की ओर जाना भी और आसान हो जाएगा।
गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेस-वे (Ghaziabad-Kanpur Expressway)-
उत्तर प्रदेश को बड़े औद्योगिक केंद्रों से जोड़ने के लिए गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे पर काम तेज़ी से चल रहा है। यह करीब 380 किलोमीटर लंबा होगा, जो नोएडा और गाजियाबाद से शुरू होकर कानपुर तक जाएगा। यह एक्सप्रेसवे राज्य के 9 जिलों को जोड़ेगा और साथ ही जेवर एयरपोर्ट (jewar airport) से भी बेहतर कनेक्टिविटी देगा।
साल 2026 में इसके तैयार होने से व्यापारियों और छोटे उद्योगों (small scale industries) को बड़ा सहारा मिलेगा। जहां 8 घंटे का सफर होता था वह घटकर करीब साढ़े 5 घंटे का रह जाएगा। साथ ही पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे (Varanasi-Kolkata Expressway)-
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे (NH-319B) भारतमाला परियोजना के तहत करीब 610 किमी लंबा बनाया जा रहा है। यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को बिहार और झारखंड (jharkhand) के रास्ते सीधे पश्चिम बंगाल (west bengal) से जोड़ेगा। हालांकि इसका पूरा काम 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन 2026 में इसके कुछ हिस्से शुरू हो सकते हैं। इसके चालू होने से वाराणसी से कोलकाता का सफर 12–14 घंटे से घटकर करीब 7 घंटे रह जाएगा, जिससे व्यापार और औद्योगिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
