UP News : उत्तर प्रदेश में बसेगा नई मुंबई से डबल नया शहर, 6 जिलों के किसानों की होगी चांदी
UP News - उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे एक नई आर्थिक और आधुनिक सिटी विकसित कर रही है, जिसे 'नई मुंबई का डबल' कहा जा रहा है। इस परियोजना में छह जिलों के किसानों की जमीन (farmers land) शामिल है और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। नए शहर के बनने से रोजगार, आवास और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा... इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (UP News) उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देते हुए यमुना सिटी को एक नए आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अब तक लगभग 36,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। नया शहर रोजगार, आवास, उद्योग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए पूरे क्षेत्र का रूप बदलने की क्षमता रखता है।
मास्टर प्लान 2041 के तहत शहर में तेज़ी से होगा विकास-
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के मास्टर प्लान 2041 के तहत यमुना सिटी का विकास तेजी से जारी है। कुल 78,000 एकड़ प्रस्तावित क्षेत्र में से लगभग 46 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण (acquisition of land) पूरा हो चुका है। फेज-1 में मुख्य रूप से गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों में विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
52 सेक्टर का विकास पूरा-
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे (Along the Yamuna Expressway) विकसित हो रहे इस नए शहर में अब तक 52 सेक्टर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जिनमें आवासीय और औद्योगिक (residential and industrial) दोनों सेक्टर शामिल हैं। औद्योगिक सेक्टर 24A, 24, 28, 29, 32 और 33 में विकास कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि आवासीय सेक्टरों में सड़क और मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह विकसित की जा चुकी हैं।
46 नए सेक्टरों के विकास की तैयारी-
अथॉरिटी अब 46 नए सेक्टरों के विकास पर काम कर रही है। इन सेक्टरों में सीवर, पानी की आपूर्ति, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए सर्विस प्लान तैयार किए जा रहे हैं। सेक्टर 4, 5, 5A, 8A, 8D और 8F में टोपोग्राफिकल सर्वे (topographical survey) के लिए RFP भी जारी कर दी गई है।
छह जिलों तक विस्तारित अथॉरिटी का क्षेत्र-
यमुना सिटी (yamuma City) का दायरा केवल एक या दो जिलों तक सीमित नहीं है। YEIDA का अधिकार क्षेत्र गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा (Mathura), हाथरस और आगरा-कुल छह जिलों में फैला हुआ है। फिलहाल फेज-1 में विकास कार्यों का केंद्र गौतम बुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) और बुलंदशहर पर है, जबकि बाकी जिलों को फेज-2 में शामिल किया जाएगा।
एक लाख एकड़ में तैयार विशाल मास्टर प्लान-
पूरे मास्टर प्लान में लगभग एक लाख एकड़ भूमि शामिल है, जिसमें से करीब 22,000 एकड़ कृषि भूमि है। फिलहाल किसान इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। भविष्य में चरणबद्ध तरीके से विकास योजनाएं लागू की जाएंगी, और किसानों से संवाद और सहमति के साथ इस विकास को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई जा रही है।
रोजगार और इकोनॉमिक हब बनने की उम्मीद-
इस परियोजना में 30,011 आवासीय प्लॉट, 22 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट, 14 संस्थागत प्लॉट और 13 टाउनशिप प्लॉट शामिल हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी के लिए सड़कें विकसित की जा रही हैं। जेवर एयरपोर्ट (jewar airport) के साथ समन्वय में, यमुना सिटी भविष्य में उत्तर प्रदेश (UP) का एक बड़ा आर्थिक और रोजगार हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
