उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन मार्च के अंत तक इस रूट पर भी चलाएगा मेट्रो, 29 ट्रेनें पहुंची
UP - उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) मार्च के अंत तक शहर में मेट्रो सेवा के विस्तार की तैयारी कर रहा है। इस रूट पर संचालन से पहले जनवरी के अंतिम सप्ताह में ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। सभी 29 मेट्रो ट्रेनों की डिलीवरी पूरी हो चुकी है, जिससे फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी... इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Kanpur Metro Corridor 1) कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-1 पर कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो संचालन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जनवरी के अंतिम सप्ताह से इस रूट पर ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) की योजना है कि मार्च के अंत तक यात्रियों के लिए इस सेक्शन पर मेट्रो सेवा (metro service) शुरू कर दी जाए।
फिलहाल कॉरिडोर-1 पर आईआईटी कानपुर से नौबस्ता (IIT Kanpur to Naubasta) तक मेट्रो का 16 किलोमीटर लंबा सेक्शन संचालित है, जिसे अब बढ़ाकर 24 किलोमीटर किया जाएगा। नेटवर्क के विस्तार के साथ मेट्रो संचालन पर भी असर पड़ेगा। अभी ट्रेनों के बीच का अंतर करीब सात मिनट है, लेकिन पूरे रूट पर संचालन शुरू होने के बाद यह घटकर लगभग पांच मिनट रह जाएगा।
ट्रायल रन पूरा होने के बाद परिचालन में लगाई जाने वाली मेट्रो ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। फिलहाल आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल (IIT Kanpur to Kanpur Central) के बीच 7 ट्रेनें चलाई जा रही हैं, लेकिन नौबस्ता तक पूरे रूट पर संचालन शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी। इससे मेट्रो की फ्रीक्वेंसी (metro frequency) बेहतर होगी और यात्रियों को कम इंतजार करना पड़ेगा।
यूपीएमआरसी के संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) पंचानन मिश्रा ने बताया कि नौबस्ता तक यात्री सेवा के विस्तार के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ने से मेट्रो स्टेशनों पर फ्रीक्वेंसी और बेहतर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि लगभग 24 किलोमीटर लंबे लखनऊ मेट्रो कॉरिडोर पर भी 20 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 (Kanpur Metro's Corridor-1) के लिए प्रस्तावित सभी 29 मेट्रो ट्रेनों की डिलीवरी पूरी हो चुकी है, जिनमें से पहले चरण में करीब 22 ट्रेनों के संचालन की योजना है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल यात्रियों को औसतन सात मिनट में एक मेट्रो ट्रेन मिलती है। वहीं मोतीझील से कानपुर सेंट्रल (Motijheel to Kanpur Central) जाने के लिए ट्रेन बदलनी पड़ती है, जिससे यात्रा में थोड़ा अतिरिक्त समय लग जाता है। पूरे रूट पर संचालन शुरू होने के बाद हर पांच मिनट में मेट्रो उपलब्ध होगी। वर्तमान में रोजाना 25 हजार से अधिक यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं, जबकि पूरे रूट पर सेवा शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब 80 हजार यात्रियों के यात्रा करने का अनुमान है।
