Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश में इस साल ये एक्सप्रेसवे होंगे शुरू, देखें पूरी लिस्ट
Uttar Pradesh - उत्तर प्रदेश में इस साल कई नए एक्सप्रेसवे शुरू होने वाले हैं, जो राज्य में कनेक्टिविटी और यात्रा को आसान बनाएंगे। इसमें गंगा एक्सप्रेसवे, शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) सहित कई प्रमुख प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनसे पूर्वी और पश्चिमी यूपी के जिलों के बीच यात्रा का समय घटेगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा... इससे जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Uttar Pradesh) नया साल 2026 उत्तर प्रदेश के लिए विकास की नई उम्मीद लेकर आ रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से राज्य में सड़क, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ रही है, जिससे लोगों की यात्रा और भी आसान होगी। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज (Ganga Expressway Meerut to Prayagraj) तक जाएगा।
पूर्वांचल और पश्चिम उत्तर प्रदेश (West Uttar Pradesh) को जोड़ने वाला यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे जल्द ही चालू होगा। उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी शशि प्रकाश गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए साल में हर हाल में गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन संचालन सुनिश्चित किया जाए।
चीफ सेक्रेटरी ने विकास परियोजनाओं की समीक्षा की-
मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल (Chief Secretary Shashi Prakash Goya) की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (PMG) कीमहत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई, जिसमें समयबद्ध पूर्णता और नियमित मॉनीटरिंग पर विशेष जोर दिया गया।
गंगा एक्सप्रेसवे (ganga expressway) को लेकर दिए गए निर्देशों ने इसे नए साल की शुरुआत में तेजी से आगे बढ़ाने का संकेत दिया। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने शेष कार्य 15 फरवरी 2026 से पहले पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
1497 छोटे-बड़े पुल हुए तैयार-
बैठक में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे (ganga expressway) के 1497 स्ट्रक्चर (मेजर ब्रिज, आरओबी, माइनर ब्रिज, फ्लाईओवर आदि) में से सभी का काम पूरा हो चुका है। 578.03 किमी कैरिज-वे में से 567.53 किमी बन चुकी है और शेष कार्य 31 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। 730.85 किमी लंबी सर्विस रोड में से 547.48 किमी तैयार है, जबकि अर्थ वर्क भी पूरा हो चुका है। सर्विस रोड, वे साइड एमेनिटीज और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (smart traffic management system) 15 फरवरी तक पूर्ण किए जाने हैं।
यूपीईडीआईसी के लिए भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा-
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) में कुल 5136.31 हेक्टेयर में से 4304.79 हेक्टेयर (83.8%) भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। 62 उद्योगों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, 113 के लिए प्रक्रिया जारी है, जबकि 15 उद्योग निर्माणाधीन और 9 उत्पादन में हैं।
बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Bundelkhand Industrial Development Authority) को शेष भूमि अधिग्रहण तेज करने, महायोजना-2045 में जोनल प्लानिंग 31 मार्च 2025 तक पूरी करने और एक्टिवेशन एरिया में जल-विद्युत आपूर्ति (hydroelectric supply) के वर्क ऑर्डर जारी करने के निर्देश दिए गए।
फार्मा पार्क का निर्माण जारी-
मेडिकल डिवाइस पार्क, गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) में 300 एकड़ भूमि उपलब्ध है और शेष भूमि अगले तीन महीनों में अधिग्रहित की जाएगी। कॉमन साइंटिफिक फैसिलिटीज (Common Scientific Facilities) का निर्माण पूरा हो चुका है। फार्मा पार्क, ललितपुर को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है, पैकेज-1 में 29% कार्य पूरा हो चुका है और 26 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने निवेशकों के साथ नियमित बैठकें करने, फंक्शनल डेट सुनिश्चित करने और केवल उपलब्ध भूमि का आवंटन करने पर विशेष जोर दिया।
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे परियोजना की तैयारी-
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे (Shamli-Gorakhpur Expressway) एक करीब 700-750 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट (greenfield project) है। 35 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे 22 जिलों से होकर गुजरेगा और पूर्वांचल को पश्चिम उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा। निर्माण इसी वर्ष शुरू होगा।
इससे गोरखपुर (gorakhpur), आजमगढ़, देवरिया जैसे पूर्वी क्षेत्रों से दिल्ली, मेरठ और शामली तक का सफर आसान होगा, यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा और व्यापार में तेजी आएगी। गोरखपुर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण (Land acquisition in Gorakhpur area) कार्यवाही शुरू हो चुकी है।
कई प्रोजेक्ट पूरे होंगे बुंदेलखंड में-
बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज है। यहां नए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया (New Industrial Development Area) बनाए जा रहे हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पहले से संचालित है और अब चित्रकूट-रीवा और विंध्य क्षेत्र के नए लिंक एक्सप्रेसवे (link expressway) के माध्यम से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इससे पिछड़े इलाकों में फैक्ट्रियां (factories) लगेंगी, किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी होगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
जल्द शुरू होगा हरदोई-लखनऊ रोड-
हरदोई-लखनऊ रोड का निर्माण (Construction of Hardoi-Lucknow Road) अंतिम चरण में है और यह लखनऊ को हरदोई से बेहतर जोड़ने वाला है। छह लेन सड़क के पूरा होने के बाद लखनऊ से दिल्ली का सफर एक और तेज़ और सुविधाजनक विकल्प बन जाएगा। स्टेट कैपिटल रीजन (Lucknow centric) और काशी-विंध्य विकास क्षेत्र बनाए जा रहे हैं, जो धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगे। काशी विश्वनाथ, अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों से जुड़े क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ेगा, जबकि विंध्य और बुंदेलखंड में नई फैक्ट्रियां (New factories in Bundelkhand) और पर्यटन स्पॉट विकसित होंगे।
