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Account Nominee : न चाहते हुए भी सरकार लेगी लोगों के 35000 करोड़ रुपये, आप न करें ये गलती

Account Nominee : आपने बैंक में खाता खुलवाया है या फिर बीमा अथवा म्‍यूचुअल फंड (mutual fund) जैसा कोई फाइनेंशियल प्रोडक्‍ट खरीदा है तो इसमें नॉमिनी बनाना बेहद जरूरी है. बिना नॉमिनी के आपका पैसा किसी और को नहीं मिलेगा. जैसा लाखों खाताधारकों के साथ हुआ और उनके 35 हजार करोड़ सरकार के पास फंसे हैं. आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.
 
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Account Nominee : न चाहते हुए भी सरकार लेगी लोगों के 35000 करोड़ रुपये, आप न करें ये गलती

HR Breaking News (ब्यूरो) : बैंक में आपका खाता है, चाहे सेविंग हो या चालू अथवा सैलरी अकाउंट या फिर एफडी खुलवा रखी है. एक काम करना सभी के लिए बहुत जरूरी है, वरना आपके पैसे फंस सकते हैं. यह गलती देश के लाखों खाताधारक पहले ही कर चुके हैं और उनके 35,000 करोड़ रुपये सरकार के पास यूं ही लावारिस पड़े हैं. इसी से सबक लेते हुए सरकार ने अब इस काम को जरूरी कर दिया है, जो पहले स्‍वैच्छिक रहता था.


वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने एक दिन पहले ही सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने हर कस्‍टमर से नॉमिनी फॉर्म जरूर पूरा कराएं. दरअसल, अगर नॉमिनी बनाने का काम पूरा नहीं होता है तो अकाउंट होल्‍डर के साथ किसी अनहोनी की स्थिति में उनके पैसे फंस जाते हैं और उसका कोई उत्‍तराधिकारी नहीं होता. ऐसी ही चूक लाखों खातों के साथ हुई है और फिलहाल उनके 35 हजार करोड़ रुपये सरकार के पास फंसे हैं. नॉमिनी न होने के कारण यह अनक्‍लेम्‍ड पैसा हो सकता है कि सरकार की जेब में ही चला जाए. यह सिर्फ बैंकिंग सिस्‍टम में फंसा पैसा है, जबकि म्‍यूचुअल फंड, बीमा व अन्‍य फाइनेंशियल प्रोडक्‍ट को देखें तो यह रकम करीब 1 लाख करोड़ रुपये हो सकती है.


अब जरूरी हो गया है नॉमिनी बनाना


अभी तक बैंक खातों या जमाओं के लिए नॉमिनी बनाने का काम स्‍वैच्छिक रहता था और यह खाताधारक की मर्जी पर छोड़ दिया जाता था. लेकिन, अब सरकार ने इस काम को जरूरी बना दिया है. वित्‍तमंत्री ने सभी बैंकों को साफ निर्देश दिया है कि हर खाताधारक को नॉमिनी बनाना जरूरी है और सभी खाताधारकों को अपने नॉमिनी और उनके नाम-पते का विवरण देना जरूरी है.


क्‍या है नॉमिनी का मतलब


किसी बैंक खाते के नॉमिनी का मतलब है कि मूल खाताधारक के बाद वह व्‍यक्ति ही खाते में पड़े पैसों का मालिक होगा, जिसे नॉमिनी बनाया गया है. एक बात जरूरी है कि अगर नॉमिनी कानूनी रूप से उत्‍तराधिकारी नहीं है तो फिर वह खाते में पड़े फंड को पाने का हकदार नहीं होगा. बैंक कानूनी रूप से उत्‍तराधिकारी माने जाने वाले नॉमिनी को ही खाते के पैसे ट्रांसफर करता है.

कैसे बनाएं खाते पर नॉमिनी


बैंक खाते पर नॉमिनी चुनने का सबसे आसान तरीका है बैंक शाखा में जाकर. अगर आपका खाता एकल अकाउंट है तो इसमें ऑनलाइन तरीके से भी नॉमिनी चुन सकते हैं. लेकिन, ज्‍वाइंट खाता होने की स्थिति में आपको सिर्फ बैंक की शाखा में जाकर ही नॉमिनी चुनने का विकल्‍प मिलेगा. शाखा में जाकर एक फॉर्म भरकर नॉमिनी बनाने का काम किया जा सकता है.


क्‍या बातें ध्‍यान रखना जरूरी


नॉमिनी चुनते समय इस बात का ध्‍यान रखना सबसे ज्‍यादा जरूरी है कि आपका नॉमिनी कानूनी रूप से उत्‍तराधिकारी होना चाहिए, तभी आपको पैसा पाने का हक मिलेगा. अमूमन नॉमिनी के रूप में पति-पत्नी, बच्चों या माता-पिता को चुना जाता है. इन सभी को कानूनी रूप से उत्‍तराधिकारी माना  गया है.