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Bank Holiday : बिना छुट्‌टी इस दिन भी बंद रहेंगे बैंक, नहीं होगा कामकाज, जानें से पहले चेक कर लें

Bank Holidays : अगर आपको भी बैंक से जुड़ा कोई काम है तो बैंक जाने से पहले आपको उसकी छुट्टियां के बारे में जरूर ध्यान देना चाहिए। आपको बता दे की फरवरी महीने में एक दिन बिना छुट्टी के भी बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में बैंक जाने से पहले आपको जरूर इस जानकारी के बारे में जान लेना चाहिए।
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Bank Holiday : बिना छुट्‌टी इस दिन भी बंद रहेंगे बैंक, नहीं होगा कामकाज, जानें से पहले चेक कर लें

HR Breaking News : (Bank Holiday News) बैंकों को लेकर बदले जाने वाले हर नियम तथा बैंकों की छुट्टियों से जुड़े हर कदम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए जाते हैं। आरबीआई की तरफ से बैंकों की फरवरी महीने की छुट्टियों की लिस्ट जारी कर दी गई है। लेकिन कई बार बिना छुट्टी वाले दिन भी बैंक बंद रह जाते हैं और कामकाज नहीं होता है। ऐसा ही कुछ फरवरी महीने में भी होने वाला है जहां बिना छुट्टी के दिन भी बैंकों में कामकाज (Bank Holiday News) नहीं होगा। अगर आप भी बैंक में किसी काम के लिए जा रहे हैं तो उससे पहले आपको बैंक बंद रहने की इस खबर के बारे में जान लेना चाहिए।

 


इस दिन नही होगा बैंकों में कोई काम-काज


आपको बता दे कि देश के प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने  इस 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है और इस हड़ताल के दिन देश में ज्यादातर जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। इस हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) हिस्सा लेंगे। इस आंदोलन को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (CTUs) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। 


बैंकिंग संगठनों की तरफ से बताया गया है कि यह आंदोलन सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं के विरोध में है, जिन्हें नवंबर 2025 में अधिसूचित किया गया था। इन संहिताओं के लागू होने से पहले से मौजूद 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया गया है।
AIBOA के महासचिव एस. नागराजन द्वारा जानकारी दी गई है कि उनका संगठन 12 फरवरी की हड़ताल को समर्थन दे रहा है और बैंक अधिकारियों से अपील की गई है कि हड़ताल (Bank strike) के दिन वे बैंक से जुड़ा कोई भी काम काज (work related to bank)  ना करे।  

 

 

कर्मचारियों के लिए नई श्रम संहिताएं 


28 जनवरी 2026 को AIBEA, AIBOA और BEFI के महासचिवों की ओर से जारी संयुक्त पत्र में हड़ताल के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया गया है। पत्र में कहा गया है कि नई श्रम संहिताएं कर्मचारियों के हितों के विरुद्ध हैं और इनके चलते ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण पहले की तुलना में अधिक मुश्किल (New labor codes) हो गया है।


पत्र के मुताबिक, 300 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों में अब नियोक्ता बिना किसी सरकारी मंजूरी के कर्मचारियों की छंटनी कर सकते हैं। बैंक संगठनों का आरोप है कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के नाम पर किए गए ये बदलाव कंपनियों और फैक्ट्री मालिकों को लाभ (Factory owners benefit) पहुंचाने के उद्देश्य से लाए गए हैं।

बड़े वित्तीय संस्थानों में पांच दिन का कार्य सप्ताह 


बैंक यूनियनों (Bank unions) का कहना है कि वे लंबे समय से सही कार्य-जीवन संतुलन के लिए सप्ताह में 5 दिन काम की व्यवस्था की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार इसके उलट काम के घंटे बढ़ाने के प्रस्ताव आगे बढ़ा रही है।
AIBOA के महासचिव ने बताया कि RBI, LIC, शेयर बाजार और कमोडिटी एक्सचेंज जैसे बड़े वित्तीय संस्थानों में पहले से पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है, जबकि बैंक कर्मचारियों (Bank employees) को अब भी बारी-बारी से छह दिन ड्यूटी करनी पड़ती है।

फिक्स्ड-टर्म रोजगार और हड़ताल के अधिकार का मुद्दा


बैंक यूनियनों (Bank unions) का कहना है कि देश में रोजगार संकट (Employment crisis in the country) गहराने के बावजूद सरकार स्थायी नौकरियों के बजाय सीमित अवधि की नियुक्तियों को बढ़ावा दे रही है, जिससे युवाओं का भविष्य अस्थिर हो सकता है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों के लिए हड़ताल (Strike for employees) करना लगातार मुश्किल बनाया जा रहा है, जबकि नियोक्ताओं को बिना श्रम विभाग की अनुमति के तालाबंदी और छंटनी की अधिक छूट दी जा रही है।