Car Loan : कार लोन लेने से पहलें जान लें ये नियम, नहीं रिजेक्ट होगी आपकी लोन फाइल
HR Breaking News, Digital Desk- (Car Loan) कार खरीदना हर किसी का सपना होता है और आज के समय में कार लोन ने इसे साकार करना काफी आसान बना दिया है। लेकिन कई बार पूरी तैयारी न होने की वजह से बैंक आपकी लोन एप्लिकेशन को रिजेक्ट (application reject) कर देते हैं। इससे न केवल आपका सपना अधूरा रह जाता है, बल्कि आपके क्रेडिट स्कोर (credit score) पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
अगर आप नई या सेकेंड-हैंड कार के लिए बैंक से लोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद मददगार है। हम आपको उन जरूरी नियमों और बारीकियों की जानकारी देंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपनी लोन फाइल को रिजेक्शन-प्रूफ (rejection proof) बना सकते हैं। आइए, इन टिप्स को क्रमवार समझते हैं।
CIBIL स्कोर चेक करें-
बैंक सबसे पहले आपकी क्रेडिटवर्थिनेस (Creditworthiness) को देखता है। कार लोन के लिए आपका CIBIL स्कोर कम से कम 750 या उससे अधिक होना चाहिए। यदि स्कोर कम है, तो बैंक लोन रिजेक्ट कर सकता है या आपसे अधिक ब्याज वसूल सकता है। लोन अप्लाई करने से 3-6 महीने पहले स्कोर चेक करें और अगर कम हो, तो पुराने बकाया चुकाकर इसे सुधार लें।
योग्यता चेक करें-
बैंक आपकी आय और नौकरी/व्यवसाय के स्वरूप के आधार पर ही लोन प्रदान करता है। लोन के लिए आपकी उम्र 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सैलरीड व्यक्ति को लोन पाने के लिए आमतौर पर कम से कम 1 साल की स्थिर सेवा और न्यूनतम मासिक आय (लगभग ₹25,000+) होनी चाहिए। वहीं, सेल्फ-एम्प्लॉइड (self employed) के लिए कम से कम 2-3 साल का स्थिर व्यवसाय रिकॉर्ड और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दिखाना जरूरी होता है।
आय और ऋण का अनुपात ध्यान में रखें-
यह सबसे बड़ा कारण है जिसके चलते लोन रिजेक्ट (loan reject) हो जाते हैं। बैंक यह जांचता है कि आपकी कुल मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से चल रही EMI में जा रहा है। नियम के अनुसार, आपकी कुल EMI (नई कार लोन समेत) आपकी नेट मासिक आय का 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर पहले से कई छोटे लोन चल रहे हैं, तो कार लोन अप्लाई करने से पहले उन्हें बंद कर दें।
सही डाउन पेमेंट का चुनाव-
हालांकि आजकल कई बैंक 100% ऑन-रोड फंडिंग का ऑफर देते हैं, लेकिन समझदारी यही है कि आप 15-20% डाउन पेमेंट खुद करें। इससे बैंक का जोखिम कम होता है और आपकी लोन फाइल जल्दी अप्रूव हो जाती है। साथ ही, ब्याज का बोझ भी कम होता है और लोन जल्दी खत्म किया जा सकता है।
फाइल रिजेक्ट न हो, इसके लिए इन दस्तावेजों को पहले से तैयार रखें-
डॉक्यूमेंट टाइप - सैलरीड (Salaried) - व्यवसायी (Self-Employed)
पहचान प्रमाण - आधार, पैन, पासपोर्ट - आधार, पैन, वोटर ID
निवास प्रमाण - बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट - ऑफिस/घर का पता प्रमाण
आय प्रमाण - पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप - पिछले 2 साल का ITR
बैंक स्टेटमेंट - पिछले 6 महीने का - पिछले 6 महीने का
ब्याज दर: फिक्स्ड vs फ्लोटिंग-
लोन लेते समय ब्याज दर के प्रकार को समझना बहुत जरूरी है। ये मुख्य रूप से दो तरह की होती हैं-फिक्स्ड और फ्लोटिंग। फिक्स्ड रेट (fixed rate) में पूरे लोन कार्यकाल के दौरान ब्याज दर स्थिर रहती है, जबकि फ्लोटिंग रेट में ब्याज दर बाजार (Repo Rate) के आधार पर घटती-बढ़ती रहती है। वर्तमान में फ्लोटिंग रेट्स (flaoting rates) अक्सर फायदेमंद होते हैं, लेकिन बाजार की अनिश्चितताओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।
प्रोसेसिंग फीस और हिडेन चार्ज ध्यान में रखें-
सिर्फ ब्याज दर पर ध्यान न दें। फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और प्री-पेमेंट पेनल्टी (Pre-payment penalty) के बारे में जरूर पूछें। कई बार बैंक त्योहारों के सीजन में प्रोसेसिंग फीस माफ भी कर देते हैं। अगर आप लोन समय से पहले चुकाना चाहते हैं, तो यह पहले ही पता कर लें कि क्या बैंक फोरक्लोजर चार्ज लगाएगी।
इन गलतियों से करें बचाव-
- जब आप एक साथ 4-5 बैंकों में लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर जाता है।
- आय या पते के बारे में गलत जानकारी देने पर बैंक आपको ब्लैकलिस्ट कर सकता है।
- अगर आपका सिबिल कम है, तो एक अच्छे सिबिल वाले को-एप्लीकेंट को जोड़कर लोन ले सकते हैं।
अगर आप ऊपर बताए गए नियमों का पालन करते हुए अपने दस्तावेज़ पूरी तरह पारदर्शी रखते हैं, तो आपकी लोन फाइल रिजेक्ट होने की संभावना लगभग शून्य हो जाती है। लोन अप्लाई (loan apply) करने से पहले हमेशा अलग-अलग बैंकों की तुलना करें, लेकिन एक साथ कई जगह कार लोन के लिए अप्लाई न करें।
