Gratuity के नियमों में हुआ बदलाव, कर्मचारियों के काम की खबर
Gratuity - कर्मचारियों और कंपनियों के बीच ग्रेच्युटी के नियमों को लेकर लंबे समय से भ्रम बना हुआ था। अब श्रम मंत्रालय ने नए नियमों की स्पष्ट जानकारी दी है। इसके तहत ग्रेच्युटी की गणना इस तारीख से लागू होगी, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों और 50% वेज रूल पर भी बदलाव किए गए हैं... पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (New Labour Codes 2025) नए लेबर कोड 2025 को लेकर कर्मचारियों और कंपनियों के बीच जो सबसे बड़ा भ्रम था, यानी ग्रेच्युटी (Gratuity) कैसे और कब से लागू होगी, उस पर अब सरकार ने स्पष्ट जवाब दे दिया है। श्रम मंत्रालय ने नई FAQs जारी कर बताया कि ग्रेच्युटी के नए नियम 21 नवंबर 2025 से लागू होंगे, न कि 1 अप्रैल 2026 से, जैसा कई लोग सोच रहे थे।
जानें सरकार ने क्या कहा-
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रेच्युटी की नई गणना (New calculation of gratuity) पुराने समय पर लागू नहीं होगी। यानी, पहले की नौकरी के वर्षों के लिए कोई पुनः हिसाब नहीं होगा। यह नियम केवल 21 नवंबर 2025 के बाद की अवधि पर लागू होगा। साथ ही, ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन (gratuity calculation) कर्मचारी की नौकरी छोड़ने के समय मिलने वाली आखिरी सैलरी के आधार पर किया जाएगा।
आखिर कन्फ्यूजन क्यों हुआ था -
असल में भ्रम इसलिए पैदा हुआ क्योंकि लेबर कोड (labor code) 21 नवंबर 2025 से लागू हुआ, लेकिन इसके ड्राफ्ट नियम 30 दिसंबर 2025 को जारी किए गए और सरकार ने इसे पूरी तरह 1 अप्रैल 2026 तक लागू करने का लक्ष्य रखा था। इसी समयरेखा के अंतर के कारण कई लोगों को लगा कि ग्रेच्युटी जैसे अहम नियम अप्रैल 2026 से लागू होंगे, लेकिन अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि असली प्रभावी तारीख 2025 ही है।
नए नियमों के तहत ग्रेच्युटी अब ‘वेज की नई परिभाषा’ से जुड़ी होगी, जो कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (Code on Social Security) के तहत तय की गई है। इसमें केवल निर्धारित वेज कंपोनेंट शामिल होंगे, जबकि कुछ अलाउंस और अन्य पेमेंट्स इसमें शामिल नहीं होंगे। कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स (contract workers) के मामले में, 5 साल की सेवा पूरी होने के बाद ग्रेच्युटी देने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी।
फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के लिए नए बदलाव-
सबसे बड़ा बदलाव फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के लिए आया है। अब अगर कोई कर्मचारी एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर काम करता है और वह अवधि पूरी करता है, तो उसे भी ग्रेच्युटी का हक मिलेगा। पहले आमतौर पर इसके लिए कम से कम 5 साल की नौकरी जरूरी होती थी, इसलिए यह बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
50% वेज रूल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट-
इसके अलावा 50% वेज रूल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। अगर किसी कर्मचारी की सैलरी में अलाउंस 50% से अधिक हैं, तो अतिरिक्त हिस्सा बेसिक वेज में जोड़ दिया जाएगा, जिससे PF और ग्रेच्युटी जैसे बेनिफिट बढ़ सकते हैं। ओवरटाइम वेज में शामिल होगा, लेकिन बोनस, ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट बेनिफिट्स (retirement benefits) इसमें शामिल नहीं होंगे।
वहीं, काम के घंटे रोजाना 8 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे ही रहेंगे, और ओवरटाइम का भुगतान दोगुना किया जाएगा। कुल मिलाकर, सरकार ने इन FAQs के माध्यम से कर्मचारियों और कंपनियों के बीच फैली बड़ी उलझन को काफी हद तक दूर करने की कोशिश की है।
