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DA Hike : कितना बढ़ेगा 1 करोड़ कर्मचारियों का महंगाई भत्ता, समझें लेटेस्ट कैलकुलेशन

DA Hike : केंद्र सरकार के लगभग 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) हमेशा चर्चा का विषय रहा है। जनवरी 2026 से लागू होने वाली बढ़ोतरी का सभी को बेसब्री से इंतजार है। आइए जानते हैं लेटेस्ट आंकड़ों और फॉर्मूले के आधार पर कितना बढ़ सकता है महंगाई भत्ता और इसका असर कर्मचारियों की सैलरी पर-

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DA Hike : कितना बढ़ेगा 1 करोड़ कर्मचारियों का महंगाई भत्ता, समझें लेटेस्ट कैलकुलेशन

HR Breaking News, Digital Desk- (DA Hike Update) केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इस समय महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) से जुड़े अपडेट का इंतजार है। जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाली DA बढ़ोतरी का अब तक एलान नहीं किया गया है। आमतौर पर भारत सरकार होली के आसपास इसकी घोषणा कर देती है, लेकिन इस बार होली गुजरने के बाद भी अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान सामने नहीं आया है।

हालिया महंगाई आंकड़ों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि महंगाई भत्ते (DA) में करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद DA 58 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

साल में दो बार होती है DA की समीक्षा-

केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते (DA) की समीक्षा करती है। पहला संशोधन जनवरी से लागू होता है, जबकि दूसरा जुलाई से प्रभावी होता है। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी पर 58 प्रतिशत की दर से DA दिया जा रहा है।

मौजूदा महंगाई दर (Inflation) के आंकड़ों के आधार पर जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। यदि यह बढ़ोतरी होती है, तो DA बढ़कर करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि, इस पर अंतिम स्थिति सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए क्यों जरूरी है DA-

महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करना होता है। चूंकि बेसिक सैलरी लंबे समय तक स्थिर रहती है और उसमें बड़ा बदलाव आमतौर पर वेतन आयोग के दौरान ही होता है, इसलिए DA के माध्यम से महंगाई के असर को संतुलित करने की कोशिश की जाती है।

पेंशनर्स के लिए भी इसी आधार पर महंगाई राहत (Dearness Relief) यानी DR तय की जाती है। इससे उनकी पेंशन में समय-समय पर महंगाई के हिसाब से बढ़ोतरी होती रहती है।

महंगाई भत्ता कैसे किया जाता है कैलकुलेट-

महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन (Calculation of dearness allowance) एक तय फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है। इसके लिए 12 महीनों के औसत ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) का इस्तेमाल होता है। इसी औसत आंकड़े को एक फॉर्मूले में डालकर DA की दर तय की जाती है। ये फॉर्मूला है : “DA % = [{AICPI-IW का 12 महीने का औसत (बेस इयर 2001) – 261.42} ÷ 261.42] × 100” 

नए 2016 बेस वाले महंगाई सूचकांक (inflation index) को पुराने 2001 बेस के अनुरूप लाने के लिए 2.88 का कन्वर्जन फैक्टर लगाया जाता है। यह फैक्टर लेबर ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर तय किया जाता है। इसी समायोजित आंकड़े के आधार पर महंगाई भत्ते (DA) की अंतिम दर निर्धारित की जाती है।

महंगाई के हालिया आंकड़ों का संकेत-

लेबर ब्यूरो की ओर से जारी AICPI-IW के ताजा आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के 12 महीने का औसत इंडेक्स 145.54 रहा है। इस औसत को फॉर्मूले में रखने पर DA करीब 60.33 प्रतिशत निकलता है।

सरकारी नियमों के अनुसार DA को राउंड ऑफ किया जाता है, इसलिए संभावना है कि इसे 60 प्रतिशत के रूप में घोषित किया जाए। यदि ऐसा होता है, तो वर्तमान 58 प्रतिशत की तुलना में DA में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। फिलहाल कर्मचारी और पेंशनभोगी (pensioners) सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

डिस्क्लेमर-

इस लेख में केंद्र सरकार (central government) के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA/DR) का कैलकुलेशन AICPI-IW के मौजूदा आंकड़ों और तय किए गए फॉर्मूले के आधार पर अनुमानित किया गया है। DA और DR में वास्तविक बढ़ोतरी भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी।