Gold Rate Prediction 2026 : आ गई नई रिपोर्ट, अगले 4 महीनों इतना होगा 10 ग्राम सोने का रेट
Gold Rate 2026 - सोने की कीमतों में आए दिन उछाल देखने को मिल रहा है। बीते साल 2025 की बात करें तो सोने ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। एक साल में सोना 74 प्रतिशत महंगा हुआ है अब 2026 में भी सोने में तेजी का दौर जारी है। हालांकि बीच बीच में कई बार गिरावट आई है लेकिन फिर से रेट संभल गए हैं। हाल ही में यूबीएस ने ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि अगले 4 महीनों में सोने का रेट कहां तक जा सकता है। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं।
HR Breaking News - (Gold Rate Prediction)। देशभर में सोना चर्चा का विषय बना हुआ है। आए दिन रेट में हो रहा बड़ा बदलाव निवेशकों और खरीदारों के होश उड़ा रहा है। फरवरी की शुरूआत में आई बड़ी गिरावट के बाद अब फिर से सोने में तगड़ी तेजी देखने को मिल रही है। आज सोना इतना ज्यादा महंगा हो गया है कि आम आदमी के लिए 1 तोला सोना खरीदना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सभी के दिमाग में एक ही सवाल उठ रहा है कि आने वाले दिनों में सोने का रेट कहां तक जाएगा। इसको लेकर कई बड़े एक्सप्रेसवे ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए अंदाजा लगाया है कि आने वाले दिनों में सोना कितना महंगा होगा।
अगर आप सोने (gold rate) के गहने खरीदने की सोच रहे हैं या फिर गोल्ड में निवेश करने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए अहम है। निवेश और खरीदारी करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आने वाले दिनों में सोना महंगा होगा या सस्ता होगा।
2026 में क्या होगा सोने का रेट -
वैश्विक तनाव, रिकॉर्ड केंद्रीय बैंक खरीद और ब्याज दरों में संभावित कटौती ये तीन बड़े फैक्टर हैं जो सोने की कीमतों को सपोर्ट कर रहे हैं। एक्सपर्ट का भी यही कहना है कि ये तीनों फेक्टर साल 2026 में सोने को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। इसे लेकर वैश्विक ब्रोकरेज फर्म यूबीएस (UBS) ने इस साल का टारगेट प्राइस (Gold Target Price 2026) भी बता दिया है। UBS की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सोना लगभग चार महीने बाद 6200 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े को टच कर सकता है यानी भारतीय करेंसी में प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत 1,98,484 रुपए हो जाएगी। सोना 2 लाख रुपये तोला होने वाला है।
इस वजह से आई पहले रिकॉर्ड तोड़ तेजी -
UBS की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में केंद्रीय बैंकों ने 863 मीट्रिक टन गोल्ड (Gold Rate) की खरीद की है। साल 2026 में बैंकों ने 950 टन खरीदा है। गोल्ड ETF में भी 825 टन तक का जबरदस्त निवेश आने का अनुमान है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आंकड़े बताते हैं कि 2025 में कुल वैश्विक मांग पहली बार 5000 मीट्रिक टन के पार चली गई है। एशिया में बढ़ती आय और ज्वैलरी की मांग लंबे समय में सोने की कीमतों को सपोर्ट दे सकती है। वहीं सप्लाई लगभग स्थिर है। वुड मैकेंजी का अनुमान है कि 2028 तक 80 खदानें अपनी मौजूदा उत्पादन योजना पूरी कर लेंगी।
जियोपॉलिटिकल तनाव से बढ़ेगा सहारा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव (US Iran Tension) बढ़ता जा रहा है। मौजूदा समय में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचीं। ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर गया, फिलहाल करीब 71.5 डॉलर पर है, जो सप्ताह की शुरुआत से लगभग 4% ऊपर है। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा ईरान को लगातार चेतावनी देने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प की ओर रूख कर रहे हैं और सोना सेफ ऐसट माना जाता है। फिलहाल गोल्ड करीब 5,035 डॉलर प्रति औंस के आसपास है, हालिया तनाव के बीच करीब 0.8% चढ़ा है।
फेड की ढील से भी सोने में आ सकता है बूम -
यूबीएस का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती का चक्र जारी रहेगा। सितंबर तक 25-25 बेसिस पॉइंट की दो कटौती की उम्मीद है। कमजोर डॉलर और घटती रियल यील्ड आमतौर पर सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं। यूबीएस का अनुमान है कि मिड-2026 तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस (Gold Price Target 2026) छू सकता है यानी यह साफ है कि मजबूत मांग, सीमित सप्लाई, फेड की संभावित कटौती और बढ़ते जियोपॉलिटिकल जोखिम ये सभी फैक्टर 2026 में सोने की कीमतों को सपोर्ट कर सकते हैं।
