Gold Silver Rate : सोने चांदी की गिरावट के पीछे क्या है कारण, क्या अमेरिका की मंशा है गिरावट बरकरार रखने की
Gold Price Today : सोने और चांदी की कीमतों में पिछले काफी समय से गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में सबके मन में ये सवाल आ रहा है कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold Silver Fall) के पीछे का कारण क्या है। इसके साथ ही में हम आपको इस बारे में भी जानकारी देने जा रहे हैं कि क्या अमेरिका की मंशा है गिरावट बरकरार रखने की। आइए जानते हैं इस बारे में।
HR Breaking News-(Gold Silver Latest Update) वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में निवेशकों का ध्यान इसकी बढ़ती कीमतों पर टिका हुआ है। खासतौर पर हालिया गिरावट (Sone chandi ka rate) के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर सोने-चांदी के दाम कमजोर क्यों हो रहे हैं और क्या इसके पीछे अमेरिका की कोई रणनीतिक मंशा काम कर रही है। खबर के माध्यम से जानिये सोने और चांदी की कीमतों (Silver price Update) के बारे में पूरी जानकारी।
सोने चांदी की कीमतों में आई बंपर गिरावट-
सोने चांदी की कीमतों में आई बड़ी गिरावट कई निवेशकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रहने वाला है। क्योंकि मार्केट के कई जानकार पहले कमोडिटी मार्केट खासकर चांदी (Silver Price Today) और तांबे में बड़ी तेजी की संभावनाओं की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर चांदी की कीमतों ने गुरुवार को 4,20,000 रुपये का हाई बना चुकी है। वहीं शुक्रवार को मार्केट क्लोज (Gold Silver Today) होते तक 2,91,922 रुपये प्रति किलो ग्राम पर आ गिरी है। सोने का कीमतों का भी यही हाल बरकरार है। जोकि 1,80,000 रुपये के करीब आकर 1,50,849 रुपये प्रति दस ग्राम पर गिर गई है।
कीमतों में गिरावट आने की वजह से डॉलर को हुआ लाभ-
जब डॉलर मजबूत हो जाता है तो फिर सोना चांदी की कीमतों में कमजोरी दर्ज की जा रही है। क्योंकि डॉलर इंडेक्स जब ऊपर जाता है तब अन्य देशों की करेंसियों जैसे रुपया, यूरोप, येन की तुलना में डॉलर (Silver Price in Dollar) महंगा हो जाता है। इसकी वजह से विदेशी खरीदारों के लिए सोना चांदी जैसी खरीदारी भी महंगी हो जाती है। अमेरिका चाहता है कि डॉलर बेस इकोनामी बनी रहे जिसके लिए वह सोने चांदी की कीमतें (Sone chandi ki kemat) बढ़ने के विपरीत सोच रखता है। दुनिया में डॉलर के प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए कमोडिटी मार्केट में गिरावट जरुरी बताई जा रही है।
दुनियाभर का ये है हाल-
अमेरिका तो चाहेगा यही कि डॉलर मजबूत बना रहे और दुनिया भर में इसका प्रभुत्व कायम रहे। क्योंकि अमेरिका का सबसे बड़ा कंपीटीटर देश चीन में सोने चांदी (Gold and silver investment) जैसी धातुओं का भंडार है और चीन ये चाहता है कि दुनिया डॉलर बेस इकोनामी से निकलकर कमोडिटी बेस इकोनॉमी पर आ जाए। क्योंकि चीन की मेटल्स पर मोनोपोली कर रहा है। दुनिया भर की मूल्यवान धातुओं में से लगभग 70 प्रतिशत चीन के पास है। चीन ने 1 जनवरी 2026 से चांदी (Silver Price today) और अन्य कमोडिटी के निर्यात को लेकर सख्त नियम भी बनाये गए है।
डॉलर डोमिनेंस से बाहर निकलना चाह रही है दुनिया-
दुनिया भर में फिलहाल डॉलर का डोमिनेंस बरकरार है। हालांकि धीरे-धीरे चीन रूस जैसे बड़े देशों ने इससे बाहर निकलने के लिए बड़े कदम उठा रहा है। इसकी वजह ये है कि रूस और यूक्रेन के बीच वॉर में अमेरिका ने रूस के 2 बिलियन से ज्यादा डॉलर (Gold Price in Dollar) फ्रीज कर दिए थे। इससे दुनिया को बड़ा झटका लग गया है। ये समझ में आया कि अगर डॉलर के प्रभुत्व से बाहर नहीं निकला गया तो अमेरिका अपनी मनमानी करता रहेगा। इसके बाद चीन, रूस जैसे देशों ने डॉलर छोड़ कमोडिटी में ट्रेड शुरू कर दिया है। साल 2024 में डॉलर 40 प्रतिशत का डोमेन्स था जो अब घटकर (Gold Price Fall) 18 प्रतिशत हो गया। इस वजह से अमेरिका डॉलर के डोमिनेंस को बनाए रखना चाहता है।
चांदी की सप्लाई पर पड़ा प्रभाव-
सोना चांदी कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने खरीदने शुरू कर दिया है। इसके साथ ही में जेपी मॉर्गन चेस, एचएसबीसी, यूबीएस, सिटीग्रुप और बैंक ऑफ अमेरिका सहित प्रमुख बैंक की चांदी (Silver Price) में भारी मात्रा में नेट शॉर्ट पोजीशन रखते हैं। इसका सीधेतौर पर ये मतलब है कि अगर कीमतें गिरती है तो वे सस्ते में चांदी खरीदेंगे।
चांदी की डिमांड हुई पावरफुल-
चांदी की डिमांड इस समय काफी ज्यादा मजबूत हो गई है। भले ही मार्केट में कीमतों में बड़ी गिरावट (Gold Price) दर्ज की जा रही हो। निवेश और आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल, सेमीकंडक्टर, एआई डाटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी मैं बड़े तौर पर चांदी का यूज किया जा चुका है। जिस रफ्तार से डिमांड बढ़ रही है उस रफ्तार (Gold Price Hike) से सप्लाई पूरी नहीं हो पा रही है, इस वजह से माना जा रहा है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।
