Haryana के फुटवियर उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, जूते होंगे सस्ते, सरकार ने लिया फैसला
Haryana news : कल वित्त मंत्री ने बजट 2025 26 की घोषणा कर दी थी। इस बजट के तहत हरियाणा के फुटवियर उद्योग (footwear industry) को एक नई रफ्तार मिलने वाली है। इसकी वजह से जूतों की कीमत में गिरावट आएगी। इसके लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में।
HR Breaking News (footwear industry in haryana) हरियाणा सरकार ने हाल ही में एक बड़ा अपडेट जारी किया है। बता दें कि इस बजट में हरियाणा के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया गया है। सरकार के इस अपडेट (Haryana governement latest Update) की वजह से हरियाणा के फुटवियर उद्योग को एक पई रफ्तार मिलने वाली है। इसकी वजह से जूतों की कीमतें भी कम हो जाएगी। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
एफटीए पर दी जानकारी-
यूरोपिय यूनियन के साथ मुफ्त व्यापार समझौते (FTA Latest Update) के बाद अब केंद्रीय बजट से भी बहादुरगढ़ के फुटवियर उद्योग को नई ऊर्जा मिल रही है। चीन और वियतनाम से बहादुरगढ़ के नान लैदर फुटवियर उद्योग के लिए जो कच्चा माल (अपर) आता है, उस पर लगने वाला 7.5 प्रतिशत आयात शुल्क (import duty) को अब हटा दिया गया है।
उद्योग को मिलेगा सीधा लाभ-
इसका सीधा लाभ इस उद्योग को मिलने वाला है। इस क्षेत्र में लागत अब कम होने वाली है। इसके साथ ही में इसके डिजाइन भी बढ़ेंगे। दरअसल, पूरे देश के नॉन लैदर फुटवियर (non leather footwear) उत्पादन में बहादुरगढ़ के फुटवियर उद्योग की 63 प्रतिशत हिस्सेदारी निभाई है। यहां पर 2500 से ज्यादा फुटवियर यूनिट चल रही हैं। पिछले दिनों जब यूरोपिय यूनियन के साथ मुफ्त व्यापार समझौता हुआ था तो फिर उससे आधुनिक मशीनों (Bahadurgarh footwear industry) के आयात की संभावनाएं प्रबल हो रही है और अब बजट में की गई घोषणा का इस उद्योग को सीधे तौर पर लाभ मिलने वाला है।
रोजाना इतने जूतों का होता है निर्माण-
बहादुरगढ़ में एचएसआइआइडीसी की ओर से नेशनल हाइवे-9 के साथ फुटवियर पार्क को विकसित किया जा रहा है। अकेले फुटवियर (Footware Price Fall) उद्योग में लगभग साढ़े तीन लाख लोग कार्यरत हैं। रोजाना एक करोड़ से ज्यादा जूतों का रोजाना निर्माण करते हैं। प्रोडक्शन की गुणवत्ता बढ़ाने और कौशलयुक्त कर्मियों के लिए यहां एफडीआई संस्थान भी चल रहा है है।
कम होगी जूतों की लागत-
इसमें हर साल 15 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिलता है। इन उद्योगों के लिए चीन और वियतनाम से कच्चा माल आता है। खासतौर पर जूतों के अपर (Footware Price) का आयात किया जाता है। इस पर अब तक 7.5 प्रतिशत आयात शुल्क लगता रहा है, हालांकि अब बजट में सरकार ने इस शुल्क को हटाने का ऐलान कर दिया है। इसकी वजह से फुटवियर उद्योग को और भी बूस्ट मिलने वाला है। इसकी वजह से जूतों की लागत (Footware Price Latest Udpate) कम होने की संभावना है।
