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Home Loan Prepayment : कहीं भारी न पड़ जाए समय से पहले लोन क्लियर करना, फैसला करने से पहले जान लें 6 जरूरी बातें

Home Loan Prepayment : होम लोन लेकर हम खुद के घर के सपने को साकार कर सकते हैं। जब भी हम होम लोन लेते हैं तो हमारे पास प्रीपेमेंट का ऑप्शन भी रहता है। कई लोगो के मन में सवाल रहता है कि समय से पहले लोन क्लीयर करना महंगा पड़ सकता है। ऐसे में आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे है उन 6 बातों के बारे में जिनका ध्यान आपको समय से पहले लोन क्लियर करते वक्त रखना चाहिए।
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Home Loan Prepayment : कहीं भारी न पड़ जाए समय से पहले लोन क्लियर करना, फैसला करने से पहले जान लें 6 जरूरी बातें

HR Breaking News : (Home Loan Prepayment) घर बनानें के सपने को पूरा करने के लिए होम लोन को एक अच्छा विकल्प माना जाता है। बीतें कई दिनों से होम लोन का चलन काफी बढ़ गया है। कई लोग होम लोन लेते हैं पर पहले ही प्रीपेमेंट करने का फैसला लेते है। लेकिन क्या लोन के प्रीपेमेंट का फैसला आप पर भार भी पड़ सकता है? 


अपने होम लोन को समय से पहले क्लीयर करने से पहले कई चीजों को जरूर देखना चाहिए ताकि बाद में कोई परेशानी ना हो। ऐसे में आइए खबर में आपको बताते है कि समय से पहले लोन क्लीयर करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और लोन प्रीपेमेंट करना कितना सही रहेगा...


1)  जरूर करें फंडिंग की जरूरतपर विचार 


अपने हाउसिंग लोन के प्रीपेमेंट का फैसला लेने से पहले आपको ये पक्का करना चाहिए कि आपके पास घर की अन्‍य जरूरतें जैसे शादी, विदेश यात्रा, इमरजेंसी वगैरह को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त पैसा है या नहीं। अगर आप जमा रकम से प्रीपेमेंट कर देंगे तो इन जरूरतों को पूरा करने के लिए कहीं और से उधार लेना पड़ेगा। ऐसे में आप अपने लिए मुश्किल और बढ़ा सकते हैं। 


 
2) इन्‍वेस्‍टमेंट से कमाई  


प्रीपेमेंट की लागत की तुलना निवेश से मिलने वाले रिटर्न से भी की जानी चाहिए। अगर आपके पास होम लोन के ब्याज से ज्यादा रिटर्न कमाने के मौके हों, तो सरप्लस फंड को होम लोन प्रीपे करने में इस्तेमाल करने के बजाय उसका इन्वेस्टमेन्ट करना ज्यादा बेहतर होगा। 


चूंकि होम लोन लंबे समय का लोन (home loan tips) होता है, ऐसे में बेहतर रिटर्न के लिए आप इक्विटी में लंबे समय के लिए निवेश कर सकते हैं। आप इक्विटी में जितने ज्‍यादा समय के लिए इन्वेस्टमेंट करेंगे, जोखिम उतना ही कम होता जाएगा।

3) लोन के स्‍टेज 


आप लोन के किस स्‍टेज में प्रीपेमेंट कर रहे हैं, ये बहुत मायने रखता है। होम लोन के शुरुआती स्टेज में EMI में ब्याज का हिस्सा सबसे अधिक होता है। ऐसे में अगर लोन के शुरुआती समय में ही प्रीपेमेंट कर देते हैं तो लाखों रुपए का इंटरेस्ट (Home Loan Interest rates) बच जाएगा। इससे आपकी EMI घट सकती है। 


लेकिन मिड-टू-लेट स्टेज में लोन्स के प्रीपेमेंट आपको ब्याज पर बचत का पूरा फायदा नहीं दे सकते। ऐसे में, सरप्लस फंड्‌स का इन्वेस्टमेन्ट करना ही समझदारी है।

 
4) पहले निपटाएं ज्‍यादा ब्‍याज वाला लोन


होम लोन पर ब्याज (Home Loan) दर आमतौर पर पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन जैसे अन्य लोन पर लगी ब्याज दर से कम होती है, इसलिए, अगर आप कर्ज कम करना चाहते हैं, तो ज्यादा ब्याज वाले लोन पहले चुकाना बेहतर है।

5) Home Loan के लिए टैक्स में छूट  


आप हाउसिंग लोन के प्रिंसिपल अमाउंट की रीपेमेंट पर हर फाइनेंशियल ईयर में ₹1.50 लाख तक की टैक्स छूट क्लेम (tax exemption claim) करने के हकदार हैं। आप हाउसिंग लोन पर चुकाए गए ब्याज पर भी टैक्स छूट ले सकते हैं। इसके अलावा, 'सभी के लिए आवास' पर सरकार के फोकस की वजह से हाउसिंग लोन पर टैक्स (tax on housing loan) इंसेंटिव आने वाले समय में बढ़ सकते हैं। 


अगर आप अपने हाउसिंग लोन को प्रीपेमेंट के जरिए खत्‍म कर देते हैं तो आपको ये टैक्स बेनिफिट्‌स मिलने बंद हो जाएंगे; पार्ट प्रीपेमेंट करने पर टैक्स बेनिफिट कम हो जाएगा।
 

6) प्रीपेमेंट चार्जेज 


प्रीपेमेंट की कॉस्‍ट (Prepayment cost) समझने के बाद ही अपना होम लोन प्रीपे करने के फैसले पर विचार करें। आमतौर पर बैंक एडजस्टेबल रेट होम लोन पर कोई प्रीपेमेंट शुल्क नहीं लेते हैं, लेकिन फिक्स्ड रेट होम लोन पर प्रीपेमेंट शुल्‍क (Prepayment charges on home loan) लिया जा सकता है। 
आप लोन प्रीपेमेंट करने से पहले अपने लेंडर से सभी टर्म एंड कंडीशन के बारे में जानें फिर लोन प्रीपेमेंट का फैसला लें।