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आने वाले 5 साल में गुरुग्राम नोएडा नहीं, Haryana के इस शहर में जमीन होगी सोना

Haryana - आने वाले पांच सालों में NCR के निवेशकों की नजर गुरुग्राम और नोएडा से हटकर हरियाणा के इस शहर पर टिकी है। बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती प्रॉपर्टी रेट के कारण यहां जमीन निवेश (property invest) के लिहाज से बेहद आकर्षक बन गई है। एक्सपर्टस का मानना है कि आने वाले समय में रियल एस्टेट में जबरदस्त रिटर्न मिलने की संभावना है... आइए नीचे खबर में जान लेते है कि आखिर क्यों इस शहर को निवेश के लिहाज से खास माना जा रहा है-
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आने वाले 5 साल में गुरुग्राम नोएडा नहीं, Haryana के इस शहर में जमीन होगी सोना

HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana Development Project) हरियाणा का एक शहर दिल्ली-NCR में सबसे तेजी से उभरते शहरी केंद्रों में शामिल हो गया है, जहां निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती प्रॉपर्टी रेट (property rate) और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने इसे NCR का नया ग्रोथ हब बनाक्यों यह शहर निवेश के लिहाज से खास माना जा रहा है। दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं

यह शहर NCR का नया ग्रोथ हब बनेगा-

हरियाणा का यह शहर तेजी से NCR के उभरते ग्रोथ हब के रूप में पहचान बना रहा है। शानदार कनेक्टिविटी, किफायती प्रॉपर्टी रेट और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (infrastructure projects) ने यहां रियल एस्टेट निवेश को बेहद आकर्षक बना दिया है।

किसने किया यह दावा और क्यों?

कोलियर्स इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक यह शहर उन प्रमुख शहरों में शामिल हो सकता है, जहां रियल एस्टेट निवेश पर सबसे ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यहां प्रॉपर्टी की कीमतें तीन गुना (Property prices tripled) तक बढ़ सकती हैं।

दिल्ली से सिर्फ 45 किलोमीटर दूर-

इस शहर की लोकेशन दिल्ली से महज 45 से 60 किलोमीटर दूर है, जो इसे गुरुग्राम और नोएडा जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों का मजबूत विकल्प बनाती है। यहां प्रॉपर्टी की कीमतें अभी अपेक्षाकृत किफायती (relatively affordable) हैं, जबकि रहने का स्तर बेहतर है और खुली जगह भी ज्यादा उपलब्ध है।

जमीनी कीमतें छूएंगी आसमान-

2020 से 2025 के बीच कुंडली इलाके में जमीन की कीमतों में करीब 190 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मैजिकब्रिक्स और 99acres जैसे रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म्स के डेटा के मुताबिक, यह तेजी रेजिडेंशियल और कमर्शियल डिमांड (commercial demand) बढ़ने के कारण आई है, जिससे यहां जमीन के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से विकास की क्या है वजह?

इस तेज़ विकास के पीछे सबसे अहम वजह इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) के पूरी तरह शुरू हो जाने से दिल्ली से इस शहर तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो गया है। 75.7 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे NH-44, द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) और अन्य प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ता है।

नमो भारत कॉरिडोर भी एक वजह -

इसके अलावा दिल्ली-सोनीपत-पानीपत RRTS (नमो भारत) कॉरिडोर और दिल्ली मेट्रो के प्रस्तावित विस्तार से यात्रा और भी सुगम हो जाएगी। वहीं KMP एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण IGI एयरपोर्ट और गुरुग्राम तक पहुंच पहले से ज्यादा आसान और तेज़ हो गई है।

रियल एस्टेट डेवलपर्स भी यहां लगा रहे हैं दांव -

अब बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स (real estate developers) सोनीपत को एक मजबूत निवेश गंतव्य मान रहे हैं। गोदरेज प्रॉपर्टीज, ओमैक्स, एल्डिको, जिंदल रियल्टी, मैप्सको ग्रुप और हीरो रियल्टी जैसी नामी कंपनियां यहां प्लॉटेड डेवलपमेंट, अपार्टमेंट और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स (commercial projects) ला रही हैं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये प्रोजेक्ट (project) निवेशकों को आकर्षक रिटर्न देने की संभावना रखते हैं।

सोनीपत मास्टर प्लान 2031 के तहत शहर का सुनियोजित विकास -

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिमोट वर्क के बढ़ते चलन ने लोगों की प्राथमिकताएं बदल दी हैं। अब लोग खुली जगह, किफायती कीमत (affordable price) और बेहतर कनेक्टिविटी वाले इलाकों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसी वजह से सोनीपत (sonipat) में मास्टर प्लान 2031 के तहत सुनियोजित विकास किया जा रहा है।

यह शहर बनेगा लॉजिस्टिक्स और रेजिडेंशियल हब -

यही कारण है कि यह शहर लॉजिस्टिक्स और रेजिडेंशियल हब (Logistics and Residential Hub) के रूप में उभर रहा है। निवेशक और घर खरीदार दोनों यहां बड़े अवसर देख रहे हैं। आने वाले पांच सालों में, सोनीपत NCR के रियल एस्टेट मैप (real estate map) पर मजबूती से अपनी पहचान बनाएगा।