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Income Tax विभाग लाया नया फीचर, टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत

आयकर विभाग का कहना है कि पोर्टल पर शुरू की गई इस नई सुविधा से टैक्सपेयर के ऊपर कम्पलायंस का बोझ कम होगा.आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

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Income Tax विभाग लाया नया फीचर, टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत

HR Breaking News (नई दिल्ली)। आयकर रिटर्न दाखिल (ITR Filing) करने की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है. आयकरदाताओं के लिए अब इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट, इनकम टैक्‍स पोर्टल पर एक शानदार फीचर लेकर आया है. इस फीचर की मदद से एक ही क्लिक में आयकरदाता को आयकर विभाग की ओर से भेजे गए सारे नोटिस एक ही जगह मिल जाएंगे. इससे नोटिसों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा. यह फीचर नए ई-प्रोसीडिंग सेक्शन में जोड़ा गया है. ऐसे में यूजर्स नए टैब पर क्लिक करते ही सभी पेंडिंग टैक्स प्रोसीडिंग को ट्रैक कर पाएंगे. इसमें सर्च का ऑप्‍शन भी दिया गया है ताकि टैक्‍सपेयर कोई खास नोटिस आसानी से खोज सके.


आयकर विभाग का कहना है कि पोर्टल पर शुरू की गई इस नई सुविधा से टैक्सपेयर के ऊपर कम्पलायंस का बोझ कम होगा. हर काम के लिए आयकर विभाग के ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी. यही नहीं इस नए फीचर से टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स नोटिस समेत डिपार्टमेंट की ओर से भेजे जाने वाले विभिन्न अन्य कम्युनिकेशन पर नजर रखना आसान हो जाएगा.


FAQ में दी गई जानकारी


इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एफएक्यू में भी इस नए फीचर के बारे में बताया है. एफएक्यू में कहा गया है कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध ई-प्रोसीडिंग टैब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से इश्यू किए गए सभी नोटिस, इंटिमेशन और लेटर पर इलेक्ट्रॉनिकली रिस्पॉन्ड करने का सरल तरीका है.
 

नए टैब में ये जानकारी मिलेगी

  • सेक्शन 139(9) के डिफेक्टिव नोटिस
  • सेक्शन 245 के तहत सूचना-डिमांड के अगेंस्ट एडजस्टमेंट
  • धारा 143(1)(ए) के तहत प्रथम दृष्टया एडजस्टमेंट
  • धारा 154 के तहत सुओ-मोटो सुधार
  • असेसिंग ऑफिसर या किसी अन्य आयकर प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस
  • स्पष्टीकरण के लिए मांगे जाने वाले कम्युनिकेशन
  • इसके अलावा दूसरे तरह के भी नोटिस भी इस टैब पोर्टल पर ये जानकारी मिलेगी.

भरी जा रही है आईटीआर


असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने की शुरुआत हो चुकी है. आयकर विभाग की वेबसाइट के अनुसार, अब तक 1029423 आईटीआर दाखिल भी हो चुकी हैं. आयकरदाता नई टैक्‍स व्‍यवस्‍था या पुरानी टैक्‍स व्‍यवस्‍था में से किसी एक को चुनकर अपनी आईटीआर भर सकते हैं.