Income Tax : पिछले 11 साल में इनकम टैक्स में हुए बड़े बदलाव, जानें पूरी डिटेल्स
Income Tax - मोदी सरकार ने पिछले 11 साल में इनकम टैक्स में कई बड़े बदलाव किए हैं। इस दौरान टैक्स-फ्री इनकम बढ़ाई गई, स्टैंडर्ड डिडक्शन में सुधार हुआ और टैक्स स्लैब (tax slab) आसान बनाए गए। इन कदमों से मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों को सीधी राहत मिली... ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते हैं इन बदलावों की पूरी डिटेल-
HR Breaking News, Digital Desk- (Income Tax) मोदी सरकार के कार्यकाल में इनकम टैक्स को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। समय-समय पर टैक्स छूट बढ़ाकर आम लोगों को राहत देने की कोशिश भी की गई है, जिसका सीधा फायदा टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास को मिला है।
खास तौर पर नई टैक्स रिजीम, टैक्स-फ्री इनकम सीमा में बढ़ोतरी (Increase in tax-free income limit) और रिटर्न फाइलिंग सिस्टम में सुधार इस दौर की बड़ी खासियतें रही हैं। अब बजट 2026 से भी इसी तरह की और राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में आइए जानते हैं मोदी सरकार में इनकम टैक्स (Income Tax in Modi Government) को लेकर अब तक कब-कब और क्या-क्या अहम फैसले लिए गए।
2014: मोदी सरकार का पहला बजट
मोदी सरकार ने जुलाई 2014 में अपना पहला आम बजट पेश किया था। इस बजट में सरकार ने बेसिक इनकम टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट (Basic Income Tax Exemption Limit) को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया। वहीं, सीनियर सिटीजन के लिए यह सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई।
2017: बदले टैक्स स्लैब-
मोदी सरकार ने 2017 में इनकम टैक्स को लेकर दूसरा बड़ा बदलाव किया। बजट 2017 में सरकार ने टैक्स स्लैब में संशोधन करते हुए 2.5 लाख से 5 लाख रुपये की सालाना आय पर टैक्स (Tax on annual income of Rs 5 lakh) दर 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी। यह फैसला खास तौर पर नौकरीपेशा लोगों की जेब पर असर डालने वाला फैसला लिया गया।
2018: टैक्सपेयर्स को स्टैंडर्ड डिडक्शन की राहत-
मोदी सरकार ने 2018 के बजट में सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की शुरुआत कर एक और बड़ा फैसला लिया। इसके तहत टैक्सपेयर्स को 40,000 रुपये तक की सीधी कटौती का लाभ मिलने लगा। इसके बाद 2019 के बजट में इस स्टैंडर्ड डिडक्शन (standard deduction) की सीमा को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया।
2019: 5 लाख तक की सालाना आय टैक्स-फ्री-
मोदी सरकार ने 2019 के बजट में मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी। सरकार ने 5 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स-फ्री (tax free) कर दिया, जबकि इससे पहले केवल 2.5 लाख रुपये तक की आय पर ही टैक्स छूट मिलती थी। इस बदलाव से सीधे तौर पर नौकरीपेशा और मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को आर्थिक लाभ मिला।
2020: नई टैक्स रिजीम पेश-
मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में बड़ा ऐलान किया और नई टैक्स रिजीम 2020 पेश की। इस रिजीम में टैक्स स्लैब (tax slab) को साधारण और आसान बनाया गया, लेकिन इसके बदले कई छूट और डिडक्शन (deduction) खत्म कर दिए गए। टैक्सपेयर्स को विकल्प दिया गया कि वे पुरानी टैक्स रिजीम (old tax regime) अपनाएं या नई टैक्स रिजीम का लाभ लें।
2023: टैक्स छूट की सीमा बढ़ी 7 लाख तक-
मोदी सरकार (Modi Government) ने 2023 के बजट में न्यू टैक्स रिजीम के तहत छूट की सीमा को 5 लाख से 7 लाख रुपये तक बढ़ा दिया। जबकि स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार रुपये बनी रही। साथ ही पुराने टैक्स स्लैब की छूट सीमा (Exemption limit of old tax slab) भी बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई।
2024: स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ी 75,000 रुपये-
मोदी सरकार ने 2024 के बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन (standard deduction) को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया। यह बदलाव खास तौर पर मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया।
2025: 12.75 लाख रुपये तक की इनकम होगी टैक्स-फ्री-
पिछले साल, यानी 2025 में, मोदी सरकार ने मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स (middle class taxpayers) के लिए बड़ा कदम उठाया। नई टैक्स रिजीम के तहत टैक्स-फ्री इनकम की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई। इसके साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी इसमें शामिल किया गया, जिससे आम टैक्सपेयर्स की टैक्स-फ्री इनकम (tax free income) 12.75 लाख रुपये तक पहुंच गई और उन्हें सीधी राहत मिली।
