Income Tax Rules : आयकर छिपाने पर कितना लगता है टैक्स, जान लें आयकर कानून
Income Tax Rules : आयकर रिटर्न भरते समय छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है। खासकर अगर कोई व्यक्ति अपनी आय छिपाता है या गलत जानकारी देता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। आयकर कानून के तहत ऐसे मामलों में भारी पेनल्टी और अतिरिक्त टैक्स लगाया जाता है... ऐसे में आपके लिए बेहद जरूरी है आयकर कानून को जान लेना-
HR Breaking News, Digital Desk- (Income Tax Rules) आजकल भारतीय निवेशकों के लिए Apple और टेस्ला जैसी विदेशी कंपनियों के शेयर खरीदना आसान हो गया है। लेकिन इन निवेशों से होने वाली आय पर टैक्स नियम काफी सख्त हैं। अक्सर लोग एक आम गलती कर देते हैं-विदेशी शेयर से मिलने वाले डिविडेंड को ITR में दर्ज करना भूल जाते हैं। यह छोटी चूक आगे चलकर भारी जुर्माने और नोटिस का कारण बन सकती है।
विदेशी आय पर भी लगेगा टैक्स-
यदि आप भारत में निवासी (Resident Indian) हैं, तो आपको अपनी पूरी वैश्विक आय (Global Income) पर टैक्स भरना होता है। इसमें विदेशी कंपनियों से प्राप्त डिविडेंड भी शामिल है। भले ही उस डिविडेंड पर विदेश में टैक्स कट चुका हो, फिर भी इसे भारत में ITR में दिखाना अनिवार्य है।
अमेरिका में टैक्स कटने के बावजूद रिपोर्ट करना जरूरी-
अमेरिकी कंपनियां (American companies) आमतौर पर डिविडेंड पर करीब 25% टैक्स पहले ही काट लेती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपकी जिम्मेदारी खत्म हो गई। आपको अपने ITR में पूरा डिविडेंड दिखाना होगा। इसके बाद आप Foreign Tax Credit (FTC) का फायदा उठाकर डबल टैक्सेशन से बच सकते हैं।
अक्सर होने वाली सबसे बड़ी गलती-
कई लोग ITR में Schedule FA (Foreign Assets) में अपने विदेशी शेयर की जानकारी तो दे देते हैं, लेकिन उससे हुई कमाई यानी डिविडेंड को अलग से नहीं दिखाते। Schedule FA में सिर्फ एसेट की जानकारी जाती है, इनकम नहीं। डिविडेंड को हमेशा Income from Other Sources में दिखाना जरूरी है।
क्या आयकर विभाग तक जानकारी पहुंच सकती है-
आज भारत कई देशों के साथ वित्तीय जानकारी साझा करता है। इससे टैक्स विभाग को विदेशी खातों और डिविडेंड (Foreign Accounts and Dividends) की जानकारी मिल जाती है। अगर आपकी ITR और इन डेटा में फर्क मिलता है, तो आपको नोटिस मिल सकता है।
कितना लग सकता है जुर्माना-
यदि आपने गलती से डिविडेंड को ITR में नहीं दिखाया, तो इसे अंडर-रिपोर्टिंग माना जाएगा। ऐसे मामलों में टैक्स की राशि पर 50% से 200% तक पेनल्टी लग सकती है। हालांकि यह ब्लैक मनी कानून के तहत नहीं आता, फिर भी जुर्माना काफी बड़ा हो सकता है।
गलती सुधारने का मौका-
अगर आपसे गलती हो गई है, तो आप 24 महीने के अंदर अपडेटेड ITR भरकर इसे सुधार सकते हैं।
- 1 साल के अंदर सुधार करने पर 25% अतिरिक्त चार्ज
- 1 साल बाद करने पर 50% अतिरिक्त चार्ज
जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें-
हमेशा अपने ब्रोकरेज स्टेटमेंट (brokerage statement), डिविडेंड रिपोर्ट और टैक्स दस्तावेज़ (जैसे Form 1099) सुरक्षित रखें। इससे ITR भरते समय सही जानकारी दर्ज करने और टैक्स क्रेडिट (tax credit) लेने में आसानी रहती है।
