Income Tax : टैक्सपेयर्स हो जाएं सावधान, एचआरए क्लेम लेने वालों पर है आयकर विभाग की सीधी नजर
HR Breaking News (Income Tax) आयकर विभाग की ओर से टैक्सव्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए अब नियम सख्त किया जाने वााला है। नौकरीपेशा लोगों के लिए HRA क्लेम टैक्स बचाने का एक बढ़िया तरीका है, लेकिन अब आयकर विभाग की सीधी नजर एचआरए (House Rent Allowance) क्लेम करने वाले टैक्सपेयर्स पर बनी हुई है। अब ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए आयकर विभाग की ओर से सख्ती की जाने वाली है।
आयकर विभाग ने इन मामलो में दिखाई सख्ती
आयकर विभाग की ओर से अब रेंट क्लेम (HRA Rent Claim) के मामलों में कड़ी सख्ती दिखाई गई है। टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि विभाग अब करदाताओं से मकान मालिक के साथ उनके रिश्तों के बारे में जानकारी ले सकता है। सरकार का इसके पीछे का मकसद जो लोग टैक्स लायबिलिटी (tax liability) को कम करने के लिए फैमिली के सदस्यों के नाम पर रेंट रसीदें काटतें हैं, उन फर्जी ट्रांजेक्शन पर रोक लगाना है।
जानकारो का मानना हे कि डेटा एनालिटिक्स और AI के बढ़ते यूज से अब विभाग पैन कार्ड (PAN Card) धारकों के बीच का संबंध और पैसे के लेन-देन के बारे में पता कर सकता है।
चेक या UPI के जरिए होगा रेंट का भुगतान
अगर आप अपने पेरेंटस को रेंट दे रहे हैं, तो अब आपको अपनी फाइनेंशियल पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत है। अब रेंट एग्रीमेंट के साथ ही कई चीजों का होना बेहद जरूरी है। जैसे कि रेंट का भुगतान नकद (Pay rent in cash) के नहीं, बल्कि बैंक ट्रांसफर, चेक या UPI के जरिए होना चाहिए। यह डिजिटल ट्रेल वास्तविक लेन-देन का पक्का प्रूफ था। साथ ही जिस घर का आप रेंट दे रहे हैं, उस घर का मालिकाना हक आपके माता-पिता के पास होना चाहिए। अगर आप संयुक्त रूप से घर के ऑनर है तो आपको किराया नहीं देना होगा।
किस स्थिती में विभाग जारी करेगा नोटिस
अक्सर लोग माता-पिता की इनकम टैक्स रिटर्न (income tax return) को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप 1,00,000 रुपये से ज्यादा का सालाना किराया दे रहे हैं, तो आपको मकान मालिक का पैन कार्ड देना बेहद जरूरी है। आयकर विभाग के मुताबिक आपने जो रेंट दिया है, वो आपके माता-पिता का एक इनकम का सोर्स है। अगर वे इस आय को अपनी रिटर्न में दर्शाते नहीं हैं, तो मिसमैच होने की कंडिशन में विभाग की ओर से तुरंत नोटिस (ITR Notice) जारी किया जा सकता है।
इन टैक्सपेयर्स के सामने खड़ी होगी बड़ी चुनौती
खासतौर पर मिडिल क्लास लोगों के लिए टैक्स प्लानिंग (tax planning) अब बेहद ज्यादा डॉक्यूमेंट-हैवी होने वाली है। अब आपको हर महीने की रेंट रसीद संभाल के रखने के साथ ही बिजली बिल या मेंटेनेंस रसीद जैसे प्रमाण भी रखने होंगे। जो लोग सिर्फ आखिरी समय में टैक्स बचाने के लिए फर्जी रसीदें जमा करते हैं, उनके लिए यह बड़ी चुनौती होने वाली है।
अगर भविष्य की संभावनाओं पर गौर करें तो इनकम रिटर्न फॉर्म (ITR Forms) में जल्द ही रिलेशनशिप डिस्क्लोजर का एक अलग कॉलम भी देखा जाने वाला है। सरकार टैक्स बेस को बढ़ाने और लीकेज को कम करने में जूटी हुई है। इस वजह से अगर आप नियमों के दायरे में रहकर टैक्स की बचत करना चाहते हैं, तो आपको कई चीजों को सुनिश्चित करना होगा। जैसे कि आपका रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर्ड (Rent agreement registered) हो, भुगतान बैंकिंग चैनलों से हो और आपके माता-पिता अपनी रिटर्न में उस इनकम को सही तरीके से दर्शांए।
